2353+ Yaadein Shayari In Hindi | यादें शायरी इन हिंदी

Yaadein Shayari In Hindi , यादें शायरी इन हिंदी
Author: Quotes And Status Post Published at: September 19, 2023 Post Updated at: June 5, 2024

Yaadein Shayari In Hindi : बैठे थे अपनी मस्ती में कि अचानक तड़प उठे, आ कर तुम्हारी याद ने अच्छा नहीं किया ! बहुत याद आता है मेरे दिल को तड़पाता है, वो तेरा पास न होना मुझ को बहुत रुलाता है !

खुशनसीब हैं बिखरे हुए ये ताश के पत्ते,बिकने के बाद उठाने वाला तो कोई है इनको।

“ आदमी होता हैमाहौल से अच्छा या बुरा,जानवर घर में रखेजाएं तो इन्सान से हैं…!!

वो क्या जाने कीमत यादों की, यूं ही जो किसी को भुला दिया करते हैं, उनसे पूछो मतलब यादों का, जो यादों के सहारे ही जिया करते हैं।

“ काश मेरा घर तेरे घर के सामने होता,मोहब्बत न सही दीदार तो होता…!!

कौन कहता हैमैंने तुझे भुला रखा है,तेरी यादों को कलेजे सेलगा रखा है !!

खुद भी रोता है,  मुझे भी रुला के जाता है,   ये बारिश का मौसम,  उसकी याद दिला के जाता है..

कब तक आँख में कचराचले जाने का बहाना बनाता रहूँ,लो आज सरे आम कहता हूँ की मैंतुझे याद करके रोता हूँ !!

तुझे याद करना भी एहसास है, ऐसा लगता है की हर पल तू मेरे पास है।

नुमाइश जिस्म की बे-इज्जती करती है इश्क़ की, मैं सादगी का कायल हूँ, पूरे लिबास में आना.

देख जिँदगी तू हमे रुलाना छोड दे, अगर हम खफा हूऐ तो तूझे छोड देँगे

छोड़ गयी तू मुझे अब आती है तेरी याद क्यों पहले तो दिल लगाया नहीं मरने पर मेरे से फरियाद क्यों…

मेरी मोहब्बत सच्ची है इसलिए तेरी याद आती हैअगर तेरी बेवफाई सच्ची है तो अब याद मत आना

यादें आती हैं यादें जाती हैं,कभी खुशियाँ कभी गम लाती हैं,शिकवा ना करो जिंदगी से,आज जो जिंदगी हैवही आने वाले कल की याद कहलाती है।

सांस को बहुत देर लगती है आने मेंहर सांस से पहले तेरी याद आ जाती है

“ तुम साथ नहीं मेरे तो क्या हुआतुम्हारी यादें तो मेरे साथ हैमाना कि तुम्हारी मोहब्बतअधूरी थी तो क्या हुआतुम्हारी यादें तो पूरी मेरे साथ है…!!!

आँखों में रहने वालों को याद नहीं करते, दिल में रहने वालों की बात नहीं करते, हमारी तो रूह में बस गए हो आप, तभी तो आपसे मिलने की फ़रियाद नहीं करते !!

एक तुम हो सनम कि कुछ कहती नहीं, एक तुम्हारी यादें हैं जो चुप रहती नहीं.

वो साथ द तो एक लफ़्ज़ न निकला लबों से,दूर क्या हुए… कलाम ने कहार दिया दिया।

याद तुम रोज आते हो।पर जिकर मैं करता नहीं।ये प्यार हैं मेरा जो जुबा सेनिकलता नहीं।

“ यूं जो बिछड़ गए तुम हमसेतेरी यादों को लफ्जो में सजा रहेकिस्मत कि बेरुखी तो देख ज़राजो बाते तुजसे करनी थीवो जमाने को बता रहे…!

ज़ख्म मोहब्बत में हमने खाए हैं, चिराग उनकी राहों में जलाए हैं, सबके होंठो पर हैं वो गीत मेरे, जो उनकी याद में हमने गाए हैं।

चंद रूपयों के खातिर घर को छोड़ देना पड़ता है,दिल नहीं लगता शहर में मगर दिल को तोड़ देना पड़ता है।

हस्ते चेहरे को रुला देती है खुशियों में ज़हर मिला देती है यादें ना हो तो ही अच्छा है यादें बन्दे को क्या से क्या बना देती है

गाँव सी सादगी सहर में ना मिल पायेगीकिसी दर्द की दावा जहर में ना मिल पायेगी।

“यादों की कीमत वह क्या जाने जो किसी को यूं ही भुला देते हैं, यादों का मतलब उनसे पूछो जो यादों के सहारे जिया करते हैं।”

बिखरे अश्कों के मोती हम पिरो न सके, तेरी याद में सारी रात सो न सके, मिट न जाये आँसुओं से याद, यही सोच कर हम रो न सके।

अगर आप खुश होना चाहते हैं तो अपनी kuch Apno ki purani मीठी yaadon को याद कीजिये..

मोहब्बत की महफ़िल में आज मेरा ज़िक्र है, अभी तक याद हूँ उसको खुदा का शुक्र है।

तेरी यादें अक्सर छेड़ जाया करती हैं कभी अा़ँखों का पानी बनकर कभी हवा का झोंका बनकर.!!!

मुलाकातें न सही थोड़ी बात ही कर लो, दुआओं में ही सही थोड़ा याद ही कर लो।

शायर कह कर मुझे बदनाम नकरो दोस्तो, मैं तो रोज शाम कोदिन भर का हिसाब लिखता हूं।

यादों की कीमत वो क्या जाने, जो किसी को यूँ ही भुला देते हैं, यादों का मतलब तो उनसे पूछो जो, यादों के सहारे जिया करते हैं।

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,रातें कटती है लेके नाम तेरा,मुदत से बैठा हु ये आस पाले,कल आएगा कोई पैग़ाम तेरा..

यकीन करो मेरा, लाख कोशिशें कर चुका हूँ मैंना सीने की धड़कन रुकती है, ना तुम्हारी याद।

मुझे अपने घर से निकाल रहे हो कैसे दिल से निकाल पाओगे,हजारों लोगों से मिलोगे, तब भी कोई मुझ जैसा नहीं पाओगे।

हर रात गुजर रही है रूठने और मनाने मेंकहीं साँसें थम ना जाए मेरी हमारे प्यार को बचाने में

गुजरती रात के साथ चांद अपना सफर तय करता रहा, तेरी यादों के किस्से में एक और किस्सा जुड़ता रहा।

जाने कब आपकी आँखों से इज़हार होगा, आपके दिल में हमारे लिए प्यार होगा, गुजर रही है ये रात आपकी याद में, कभी तो आपको भी हमारा इंतज़ार होगा।

हम कभी नहीं जानते होकि तुम कब yaad बना रहे हो।

काश मेरा घर तेरे घर के बराबर होता,तू ना आती तेरी आवाज़ तो आती।

कभी-कभी आपको एक पल का मूल्य तब तक पता नहीं चलेगा जब तक कि वह याद नहीं बन जाता।

दोस्त बन गया है दर्द मेरा, तेरे बाद अब तेरी यादों से मेरी दोस्ती हो गई।

इक रिश्ता जो है और नहीं भी बस कुछ लफ़्ज़ से हैं तेरे मेरे दरमियां कुछ पुरानी /कुछ ताज़ी यादें दो जोड़ी आंखों की वो गुफ्तगू और इक अभूली याद!

ज़िन्दगी की हक़ीक़त बस इतनी सी हैं, की इंसान पल भर में याद बन जाता हैं.|

वो मोहब्बत ही क्या जिसमें यादें ही न हो और वो यादें ही क्या जिसमें तुम न हो….

किस से पूछूँ कि कहाँ गुम हूँ कई बरसों से,हर जगह ढूँढता फिरता है मुझे घर मेरा।“निदा फ़ाज़ली”

कभी याद आती है कभी उनके ख्वाब आते हैं,मुझे सताने के सलीके तो उन्हें बेहिसाब आते हैं..!!

हमारी किस्मत में तो सिर्फ यादें हैं तुम्हारी,जिसके नसीब में तू है उसे जिंदगी मुबारक।

हवा की अपनी मजबूरी चाँद भी रखता है दूरी मोहब्बत का सच ये भी है ये अक्सर रहती है अधूरी

आ गयी तेरी याद दर्द का लश्कर लेकर, अब कहाँ जाएं हम दिल-ए-मुज़्तर लेकर।

मोर नाचते हैं और बरसात आती है टूटे तारे देख तुम्हारी याद आती है सिर्फ मोहब्बत ही यहाँ मशहूर नहीं नफरत भी अपने वादे निभाती है

“आ गयी तेरी याद दर्द का लश्कर लेकर, अब कहाँ जायें हम दिल-ए-मुजतर लेकर।”

जिसकी यादों में रात गुज़र जाती है जिसके लिए आँखें भर आती है, मुश्किल है उसको ये कह पाना तेरे बिन धड़कन भी थम जाती है..!!

मैं नहीं चाहता तुम्हारी पुरानी यादें मुझे परेशां करें मगर ये जमाना भूलने देता ही नहीं ..

सच्चा मेहबूब नसीबों से मिलता है या फिर नसीब में सिर्फ यादें ही रह जाती है

तुम्हारी आवाज सुन्ना चाहती हूँ, कैसे बताऊ तुझे कितना याद चाहती हूँ, कैसे बताऊ तुझे कितना तुमसे प्यार करती चाहती हूँ..।

जो तूने दिया उसे हम याद करेंगेहर पल तेरे मिलने की फ़रियाद करेंगे

कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं… मौत इंसानों को आती है… यादों को नहीं…

क्यों करते हो मेरे दिल पर इतना सितम, याद करते नहीं तो याद आते क्यों हो?

बेताब से रहते हैं तेरी यादो में अक्सर,रात भर नहीं सोते तेरी यादो में अक्सर,बेदर्द जमाने का बहाना सा बना कर,हम टूट के रोते हैं तेरी यादो में अक्सर।

मैं सोचता रहा मगर फैसला ना कर पाया,तू याद आ रही है या मैं याद कर रहा हूँ !!

मैं हमारी पहली बार हुई बात को फिर से दोहराना और महसूस करना चाहता हूं।

हसरत नहीं अरमान नहीं आस नहीं है, यादों के सिवा कुछ भी मेरे पास नहीं है !

मजबूर नहीं करेंगे तुझे वादेनिभाने के लिए, बस एक बार आजा अपनी यादें वापस ले जाने के लिए।

बीते हुए वक्त की सारी बातें…बस यादें बनकर दिलों में रह जाती है।चाहे कितना भी बुलाएं बीते लम्हों कोवह लम्हे लौटकर फिर कहां आते हैं…बस यादें रह जाती है।

एक आरज़ू सी है कि उन्हें भूल जाएँ हम, मगर उनकी यादों के आगे तो यह हसरत भी हार जाती है।

कभी तुम्हारी याद आती हैं, कभी तुम्हारी ख्वाब आती हैं, मुझे सताने के तरीके तो, तुम्हे बेहिसाब आते हैं !

बहुत दूर है तुम्हारे घर से हमारे घर का किनारा,पर हम हवा के हर झोंके से पूछ लेते हैं क्या हाल है तुम्हारा।

गाँव में त्यौहार, त्यौहार सा लगता हैजब पूरा गाँव एक परिवार सा लगता है।

हर पल की ख़ुशी आपकी याद में है,हमारी हर हँसी आपके साथ में है,दूर रहकर भी आपको याद करते हैं,जरूर कोई प्यारी सी अदा आप में है..!!

जिसकी yaad मैं हमनेबिता दी अपनी सारी जिंदगी,वही आज हमको गैर बनाके चला गया….

चेहरे पर हँसी और आँखों में नमी शायद किसीअपने की याद आ गयी फ़िर से !!

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