316+ Waqt Ke Sath Log Badal Jate Hai Shayari In Hindi | Apne Badal Jate Hai Waqt Ke Sath

Waqt Ke Sath Log Badal Jate Hai Shayari In Hindi , Apne Badal Jate Hai Waqt Ke Sath
Author: Quotes And Status Post Published at: July 24, 2023 Post Updated at: June 19, 2024

Waqt Ke Sath Log Badal Jate Hai Shayari In Hindi : फितरतें लोगों की बदलती रहेगी, ये ज़िन्दगी यूँ ही चलती रहेगी। वो बदला क्या मौसम की तरह, आँखें बरसात सी बहने लगी।

न तो गमो को छुपा रहे है,न तो भूलने की कोशिश कर रहे है,बस तुमसे दिल लगाने की जुर्म में,खुद को तकलीफ दिए जा रहे है.

मुझे भुला कर कब तक यूँ रह पाओगे ,ना चाहते हुआ भी सोणीयों ,फिर एक दिन करीब मेरे ही आओगे।

बनके अजनबी मिले है ज़िंदगी के सफर में,इन यादों को हम मिटायेंगे नहीं,अगर याद करना फितरत है आपकी,तो वादा है हम भी आपको भुलायेंगे नहीं ।।

तुम शमा बन कर दिल में रोशनी करो।हम मोम की तरह पिघलते रहेंगे।

बुरे वक्त में जो साथ दे वही होते हैं अपने, यू बीच राहों में जो साथ छोड़ दे वो नहीं होते हैं अपने !

कुछ दिन के लिए अपनों से बात करना,थोड़ा कम करके तो देखो,फिर देखना कैसे लोग तुम्हे भूल जाते है.लोग अपनी औकात भूल जाते है

तुम खुश हो न रुलकर मुझे,मिल गया न सुकून भुलाकर मुझे.लोग कितनी जल्दी भूल जाते है शायरी

जरा सा बात करने का तरीका सीख लो तुम भी,उधर तुम बात करते हो इधर दिल टूट जाता है।

उस वक़्त समझोगे शायद तुम मेरी क़द्र , जब मैं नहीं रहूँगी रह जाएगी बस मेरी क़ब्र।।

भूल शायद बहुत बड़ी कर ली,दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली,तुम मोहब्बत को खेल कहते हो,हमने तो बर्बाद जिन्दगी कर ली।

जिंदा हूं मैं मगर, जीने की कोशिश कर रहा हूं,इस जीने की कोशिश में, बार बार मर रहा हूं मैं।

सपनों की तरह आकार चली गई,अपनो को भुला कर चली गई,किस भूल की सजा दी हमें ,उसने पहले हसाया फिर रूला कर चली गई।

किताबो मैं रख के सुला गया हमको,आंख बंद की और भुला गया हमको,कोई अजीब मुसावर था जो बारिशों के मौसम में,कच्ची दीवारों पे बना गया हमको।

पल भर में जो टूट जाए वो कसम नहीं,आप को भूल जाए वो हम नहीं,आप हमें भूल जाएं इस बात में दम नहीं है,क्यों के आप हमें भूल जाओ इतने बुरे हम नहीं।

कितने मतलबी हैं हम, कि अपना ही घर देखते हैं !गर जलता है घर किसी का, तो अपने हाथ सेकते हैं !

अपने दिल की आवाज़ सुन अफवाओं से काम ना ले,मुझे याद कर बेसक मेरा नाम ना ले,तेरा वहम है के हम भूल गए तुझे,मेरी कोई सांस ऐसी नहीं जो तेरा नाम न ले।

बहुत ख़ास थे कभी,नज़रों में किसी के हम,मगर नज़रों के तकाज़े बदलने में देर नहीं लगती।

न तो गमो को छुपा रहे है,न तो भूलने की कोशिश कर रहे है,बस तुमसे दिल लगाने की जुर्म में,खुद को तकलीफ दिए जा रहे है.

मरने तक का साथ तो निभालो ,मरने के बाद तो लोगो की तरहा,तुम भी हमे भूल जाओगे।

दिल तोड़ कर हमारा तुमको राहत भी न मिलेगी,हमारे जैसी तुमको कहीं चाहत भी न मिलेगी,यूँ इतनी बेरुखी न दिखलाइये हमें,हम अगर रूठे तो हमारी आहट भी न मिलेगी।

आज वो भी कह रहे हैं तुम भूल गए हमे, जो खुद कभी हमे याद नहीं करते।

तुमको भुला पायेंगे इतना हम मैं दम नहीं,तुमने दिया जो गम वो मौत से काम नहीं,यारो दिल के जाखम दिखाओ फसाना यार का है,मोहब्बत झूठी है बहाना प्यार का है।

दिल खोल कर हंसना तो मैं भी चाहता था, जिम्मेदारियों के बीच कभी वक्त ही नही मिला !

हालात बहुत कुछ सिखाते है, वक्त के साथ नई राह दिखाते है।

भूल मत जाना उसकी आँखों में आँसू नहीं आया था,तुम्हे रोता देखकर.

यादे दिल से मिटाने की चीज नहीं होती,जिंदगी हर पल आजमने की चीज नहीं होती,बेशक कुछ पल यूही भुला दिए जाते हैं,पर प्यार भूल जाने की चीज नहीं होती।

वक्त और इंसान, कब बदल जाए पता ही नहीं चलता !

हमसे पूछो क्या होता है पल-पल बिताना,बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना,यार जिन्दगी तो बीत जायेगी,बस मुश्किल होता है कुछ लोगो को भूल पाना।

हमारी गलतियों से कही टूट न जाना,हमारी शरारत से कही रूठ न जाना,तुम्हारी चाहत ही हमारी जिदंगी है,इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना।

कांच का तोहफा न देना कभी किसी को,रूठ के लोग तोड़ दिया करते हैं,जो बहुत अच्छे हों उनसे प्यार मत करना,अच्छे लोग ही दिल तोड़ दिया करते हैं।

वक़्त बदलने से उतनी तकलीफ नहीं होती, जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है !

जब लिख ही दिया है तूने मेरा नाम रेत पर,मिटने का फिर मेरे तू तमाशा भी देख ले।

तेरे बिना हम जीना भूल जाते हैं,ज़खमों को सीना भूल जाते हैं,तू ज़िंदगी मैं सबसे अज़ीज़ है हम,तुझसे हर बार ये कहना भूल जाते हैं।

काम आ सकी न अपनी वफायें तो क्या करे,उस बेवफा को भूल न जाएँ तो क्या करे।

दिल जो टूटा तो कई हाथ दुआ को उठे,ऐसे माहौल में अब किसको पराया समझें।

उलझा ना करो मुश्किल वक्त में हालातों से, वक्त के साथ आगे बढ़ो जज्बातों से।

कभी दिल से मुस्कुरा कर देखो,हमारी ग़ज़ल गुनगुना कर देखो,हम भूल जाएंगे आपको एक सर्त पे,पहले आप हमे भुला कर तो देखो।

मत पूछो कि कैसा हूँ मैं,कभी भूल ना पाओगे वैसा हूँ मैं।

ए वक्त जरा संभल के चल कुछ बुरे, लोगो का कहना है कि तू सबसे बुरा है ।

काश दिल की आवाज़ में इतना असर हो जाए,हम याद करें उन्हें और उनको ख़बर हो जाए.

मुलाकत की लौ जलाना भूल गये,दूर जाकर पास वो आना भूल गये।

बड़ी शिद्दत से तोड़ा है मेरे दिल का हर कोना,मुझे तो सच कहूँ उस के हुनर पे नाज़ होता है।

मिट गए न जाने कितने #ख़ुदा की तलाश में,मगर अब तो हर तरफ हम, ख़ुदा ही ख़ुदा देखतेहैं !

लोगों की सोच बुरी होती है हालात बुरे नही होते है, वक्त के साथ लोगों के ख्यालात बदल जाते है।

वक्त मौसम और लोगों की एक ही फितरत होती है, कब कौन और कहाँ बदल जाए कुछ कह नहीं सकते !

बदल है तू बहुत तू पहले बिलकुल ऐसा नहीं था, बेबसी में पूछता था हाल हमारा, ये बेरुखी सा तेरा लहज़ा नहीं था।

कितने छलों प्रपंचों से भरे हैं इस दुनिया के लोग,खून के रिश्तों में भी, परायों सा अक्स देखते हैं !

जिनके आंसू हमे भी रुला जाते है ,अक्सर वहीं लोग अकेले आगे बढ़ कर ,बगैर अपना समझे हमे भुला जाते है।

माफ़ कर दो उनको जिनको तुम भूल नहीं सकते,ल जाओ उनको जिनको तुम माफ़ नहीं कर सकते।

क्षमा , कितनी खुशनसीब है,जिसे पाकर लोग अपनो को याद करते है ,“ आहंकार ” कितना बदनसीब है,जिसे पाकर लोग अक्सर अपनो को ही भूल जाते है ।

वक्त की रफ़्तार रुक गयी होती, शर्म से आँखें झुक गयी होती, अगर दर्द जानती शम्मा परवाने का, तो जलने से पहले ही वो बुझ गयी होती !

वो बदला क्या मौसम की तरह, आँखें बरसात सी बहने लगी।

पहले बात होती थी बीच में हमारे, क्यूंकि बीच में हमारे पहले पैसा नहीं था।

दूर जाना तो सिर्फ एक बहाना है ,असल में दूर रहकर ,आपको हमें अपनी दुन्द्ली यादों से भी मिटाना है।

हर किसी पर मर जाने का हुनर हमें नहीं आता,तुम्हे याद करना नहीं आता हमें भूल जाना नहीं आता.

बदले तुम हमारी ज़िन्दगी बदल गई, तुमने पीठ क्या पलटी हमारी पूरी ज़िन्दगी पलट गई।

मेरी बरबादी पर तू कोई मलाल ना करना,भूल जाना मेरा ख्याल ना करना,हम तेरी ख़ुशी के लिए कफन ओढ़ लेंगे,पर तुम मेरी लाश से कोई सवाल मत करना।

तेरे वादों ने हमें घर से निकलने न दिया,लोग मौसम का मज़ा ले गए बरसातों में,अब न सूरज न सितारे न शम्मां न चांद,अपने ज़ख्मों का उजाला है घनी रातों में।

एक ताल्लुक था सो आया हूँ खुदाया वरना,कौन आता है तेरी महफ़िल में तमाशा बनने।

जख्म पे और जख्म देकर।मुझे और रुलाओगे।मेरे हालत देखकर लगता है तुम भी ,मुझे भूल जाओगे।

घायल करके मुझे उसने पूछा,करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे,लहू-लहू था दिल मगरहोंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा।

वक्त जैसा भी हो बीतता जरुर है, आदमी अगर ठान ले तो, वक्त से भी जीत सकता है !

चाल-ढाल बदल गई लिबाज बदल गया है, शहर जाकर तुम्हारा बात करने का मिजाज़ बदल गया है।

कभी वक्त मिला तो जुल्फें तेरी सुलझा दूंगा, आज उलझा हूं जरा वक्त को सुलझाने में !

किसी को भूला देना अगर आसान होता तो,हम तो पहले अपने दिल के दर्द को ही भूला देता।

हम पूछते की कौन हो तुम…?और वो हँसकर खुदको हमारी जान बताती..!!

ऐ दिल अब छोड़ भी दे उसे याद करना,वो कलमा नही जो तू भूल गया तो काफिर हो जायेगा।

घोसला बनाने में हम यूँ मशगूल हो गये,कि उड़ने को पंख भी है, ये भी भूल गये।

भूलना-भुलाना दिमाग का काम है,तुम तो मेरे दिल में हो बेफिक्र रहो।

भूल जाते है लोग अक्सर हमें राहो के काटें जिनको हम सह जाते है ,यारी का वादा तो दूर पास होके भी वो अजनबी बन जाते है ।

टूटा दिल तो गम कैसा,वो चल दिये तो सितम कैसा,मन भरा यार बदले,बेवफा हुए साफ,तो फिर इश्क का भ्रम कैसा?

मैं जैसा हूँ वैसा क्यों रहूँ, जब सब बदल गए तो मैं पहले जैसा क्यों रहूँ।

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