176+ Tu Pyar Hai Kisi Aur Ka Shayari In Hindi | bewafa wo kisi aur se pyar karte hai shayari hindi

Tu Pyar Hai Kisi Aur Ka Shayari In Hindi , bewafa wo kisi aur se pyar karte hai shayari hindi
Author: Quotes And Status Post Published at: July 22, 2023 Post Updated at: June 13, 2024

Tu Pyar Hai Kisi Aur Ka Shayari In Hindi : जिसके होते हम किसी और को याद तक नहीं करते थे, ताज्जुब है की उसने किसी और के लिए हमे भुला दिया। तन्हाई में अक्सर हम खुद से ये सवाल करते हैं, की उन्हें इतना टूट कर चाहने के बाद भी वो किसी और से मोहोब्बत करते हैं।

हमारे दरवाज़े खुले होने के बावजूद भी वो किसी और के घर जाने लगे है, लगता है अब वो किसी और को चाहने लगे हैं।

मेरे अधूरे मुकद्दर से मुझे अब शिकायत नहीं..चाहते नहीं तुम मुझे तो कोई बात नहीं..

वो अपना होकर भी अपना न हुआ..जाने क्यों ये दिल उस पर कुर्बान हुआ..

मेरे दोस्तों ने इकट्ठा किया मेरे ही कत्ल का सामान,मैंने उनसे कहा,यारो तुम्हारी नफरत ही काफी थी मुझे मारने के लिए…

काश उन्हें चाहने का अरमान नही होता,में होश में होकर भी अंजान नही होता,ये प्यार ना होता,किसी पत्थर दिल से,या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता!

दिल में वो हमारे रहते थे औरसपने किसी और के देखते थे..हमारी ख़ुशियों की खातीर वोउनसे जुदाई बर्दाश्त करते थे..

वफा क्या होती है?काश तुम जान जाती …ना हम और ना तुम अकेली होती ।

एहसास नहीं होता उसे मेरी मोहोब्बत का कभी ना मेरे दर्द का कभी उसे पता लगता है।

ना पूछ मेरे सब्र की इंतहा कहाँ तक हैतू सितम कर ले तेरी हसरत जहां तक हैवफ़ा की उम्मीद जिन्हें होगी उन्हें होगीहमे तो देखना है तू बेवफा कहा तक है

हम रह जाना चाहते थे उसी का होकरजो रह जाता है हर किसी का होकर।

हम अपने दिल कोयह कह कर तसल्ली देते रहे केजो मेरा ना हो सकावो किसी और का क्या होगा.

हमें तो कबसे पता था कीतू बेवफ़ा हैतुझे चाहा इसलिए किशायद तेरी फितरत बदल जाये

तेरे आने की उम्मीद और भी तड़पाती हैमेरी खिड़की पर जब शाम उतर जाती है

सलामत रहे तेरी महफिल साकीदौर मयकशी के यूं ही गुजरते रहेंगेजब जब होगी जमाने में बेवफाईदीवाने तेरे दर पे यूं ही गिरते संभलते रहेंगे…

आज किसी की दुआ की कमी हैतभी तो हमारी आँखों में नमी हैकोई तो है जो भूल गया हमेंपर हमारे दिल में उसकी जगह वही है..

रो पढ़ा वो शक्स आज अलविदा कहते कहते,मेरी शरारतों पे जो देता था धमकियाँ जुदाई की।

तेरे लिए मेरे दिल में खुमार चल रहा था..सर पे तेरे किसी और का बुखार चढ़ रहा था..

अपनी मोहोबत को किसी और के साथ जाते देखा है मैंने, मत पूछ उसकी चाहत में क्या क्या देखा है मैंने।

कसूर उनका नहीं हमारा ही थाहमारी चाहत ही इतनी थी किउनको गुरुर आ गया.

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयीकभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयीबहुत टूट कर चाहा जिसको हमनेआखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी

मेरे दिल की मोहोब्बत को अपने हाथों से मार कर, खुश हो ना तुम अब किसी और से प्यार कर।

उसे भूल जाने की कसम खाता तो हूँ मगर, टपक पढ़ते हैं आंसूं, कसम फिर टूट जाती है, कोशिशें लाख कर ली मगर हर बार कहीं ना कहीं कसर छूट जाती है।

रोज़ ढलता हुआ सूरज ये कहता हैमुझसे आज उसे बेवफा हुएएक दिन और हुआ

वो रात बन कर रह गई ज़िन्दगी जिसका सवेरा ना हुआ, हमने उसके नाम कर दी ज़िन्दगी जो कभी मेरा ना हुआ।

बाहों में ले ले मुझे, मेरी सांसे रुकने से पहले..अपना बना ले मुझे किसी और का होने से पहले..

मिलने का वादा कर गयी थीवापस लौट आउंगी ये कहकर गयी थीआई है अब वो जनाज़े पे मेरेवादा वो अपना निभाने चली थी

कुछ बताते नहीं ना कुछ सवाल करते हो, लगता नहीं की तुम अब भी मुझसे प्यार करते हो।

तुझसे क्या तेरी राह से भी दूर रहते, तू बता देती अगर तू किसी और को चाहती है सच कहते हैं तेरी निगाह से भी दूर रहते।

आंसुओं की बूँदें हैं या आँखों की नमी हैन ऊपर आसमां है न नीचे ज़मी हैयह कैसा मोड़ है जिंदगी काउसी की ज़रूरत है और उसी की कमी है

सीखने मोहब्बत की तरकीब तूने ट्यूशन मेरे पास लगाई..किसी दूसरे के लिए थी तेरी चाहत इधर मैंने सिर्फ तेरी आस लगाई..

मुझसे वादा करो मुझे रुलाओगे नहीँहालात जो भी हो मुझे भुलाओगे नहीं

मत पूछ मुझसे कीइश्क़ में मेरी क्या नौबत हुईदुनिया में सबसे ज्यादा चाहकर भी उसेदुनिया में किसी और से ही मोहोब्बत हुई।

हसीनो ने हसीन बनकर गुनाह कियाऔरों को तो ठीक पर हम को भी तबाह कियाअर्ज़ किया जब ग़ज़लों मे उनकी बेवफ़ाई को तोऔरों ने तो ठीक उन्होने भी वा वा किया

अब ज़िन्दगी ही लगभग बीत गई है तेरे इंतज़ार में, नाजाने और क्या क्या देखना पड़ेगा हमे तेरे प्यार में।

मैं हर बात में उसकी ही बात करता रहाउसने एक दफा याद भी नहीं कियाजिसकी याद में मैं मरता रहा

किसी को इतना भी न चाहो किभुला न सको क्योंकिज़िंदगी इन्सान और मोहब्बत तीनों बेवफा हैं !!

मेरा प्यार ठुकरा के कहते है किसी और से प्यार है मुझे..हम तब बहुत याद आएंगे जब वो ठुकरायेगा तुझे..

चाहत में हम उनकी हर लम्हा तरसते रहे..वो न जाने प्यार बनकर कहा बरसते रहे..

अब किसी और के लिए करते हैंजो कुछ हमारे लिए करते थेवो अब किसी और के लिए जी रहे हैंजो कभी हम पर मरते थे।

चाहकर भी उसे चाहना छोड़ नहीं सकते, ना जाने उनकी क्या मजबूरी रही जो उन्हें हमसे मोहोब्बत नहीं हुई।

परेशान रहता हूँ सोच कर कीअब इस इश्क़ के दौर का क्या होगातू जो मेरा ना हुआवो किसी और का क्या होगा।

एक टुटी हुयी जंजिर की फरीयाद है हमऔर दुनिया कहती है की आझाद है हमइस प्यार ने क्या दिया हमको अब आपको क्या बतायेकल भी बर्बाद थे और आज भी बर्बाद है हम.

जिसको याद कर के आप रो रहे हो वो किसी और को खुश करने में व्यस्त है।

हमें उनसे प्यार हो गया उन्हें किसी और से हो गया..तो बस हमारी इजाज़त से वो किसी और का हो गया..

उसे भूल जाने की कसम खाता तो हूँमगर टपक पढ़ते हैं आंसूं,कसम फिर टूट जाती हैकोशिशें लाख कर ली मगरहर बार कहीं ना कहीं कसर छूट जाती है

ये बेवफावफा की कीमत क्या जानेये बेवफा गम-ए-मोहब्बत क्या जानेजिन्हे मिलता है हर मोड पर नया हमसफरवो भला प्यार की कीमत क्या जाने

कौन कहता हैसिर्फ नफरतो में ही दर्द हैकभी कभी बेपनाह मोहब्बत भीबहुत दर्द देती है..

बताओ क्या कमी थी मुझमें जो तुझे वो लड़की पसंद आई..याद है जब भी तुझे चोट लगी तो इधर मेरी आंखे भर आई..!

नादान इनकी बातो का एतबार ना करभूलकर भी इन जालिमो से प्यार ना करवो क़यामत तलक तेरे पास ना आयेंगेइनके आने का नादान तू इंतज़ार ना कर

कुछ युंह मिली नज़र उनसेकी सब कुछ नज़र अंदाज़ हो गया

हम उसे सच्चे दिल से प्यार करते हैं वो किसी और से प्यार करते हैं भूल मत जिसे तुम प्यार करती हो वो किसी और से प्यार करता हैं।

हम तो उनके लिए सीढ़ी की तरह थे मानों हम पर चढ़कर वो हमारा इस्तेमाल कर किसी दूसरे के हो गए।

अपनी लुटी हुई दुनिया के लिएआखिर किसको मैं बदनाम करुँतेरी बेवफाई का चर्चा सनम मेरेआखिर कैसे मैं खुलेआम करुँ…

हो चुके अब तुम किसी केकभी मेरी ज़िंदगी थे तुमभूलता है कौन मोहब्बत पहलीमेरी तो सारी ख़ुशी थे तुम।

ज़िन्दगी के अगले क़दम बढ़ने से पहले, मंज़िलें सारी चढ़ने से पहले, बस एक आखरी ख्वाहिश यही है जीना है संग तेरे मरने से पहले।

ना वो सपना देखो जो टूट जायेना वो हाथ थामो जो छुट जायेमत आने दो किसी को करीब इतनाकि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये

वो मिलते हमसे थे उन्हें मोहोब्बत किसी और से हुई, बात हमसे करते थे मगर बाते किसी और की हुई।

गम नहीं की दौलत ना मिली शौहरत ना मिली, गम इस बात का है की इतना चाहने के बाद भी हमे उनकी मोहोब्बत ना मिली।

मानता था मैं वो रहेगी मेरी ही सदा..मगर भूल गया है वो मुझसे किया वादा..

परेशान रहता हूँ सोच कर की अब इस इश्क़ के दौर का क्या होगा, तू जो मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा।

पत्थर समझती रही जिसे ताउम्रवो ही आज खुदा निकलाजिसे पूजा मैंने खुदा की तरहदुनिया वालों वो ही बेवफा निकला…

गम नहीं की दौलत ना मिलीशौहरत ना मिलीगम इस बात का है कीइतना चाहने के बाद भीहमे उनकी मोहोब्बत ना मिली।

जिसके होते हम किसी और को याद तक नहीं करते थेताज्जुब है की उसने किसी और के लिए हमे भुला दिया।

आज कल कहाँ कोई किसी एक का होकर रहता है, सब आज कल सभी को चाहने लगे हैं।

ख्वाहिश किसी चीज़ की नहीं की कभी खुदा से, हाँ एक दफा बस इतना कहा था तू मिल जाती तो सूलूं मिल जाता।

होंठो ने मुस्कुराने से मना कर दिया..आंसुओं ने बह जाने से मना कर दिया..एक बार जो दिल टूटा प्यार में..फिर इस दिल ने दिल लगानेसे मना कर दिया

मैंने बात नहीं की कब से उनसे पर इसका ज़िकर कहाँ है, उन्हें भी अब मेरी फ़िक्र कहाँ है।

जब सवाल उठेगा जमाने मेंरुस्वा चाहत तुम्हारी होगीगर बेवफा हम कहलाए तोबदनाम मोहब्बत तुम्हारी होगी…

बिन बात के ही रूठने की आदत हैकिसी अपने का साथ पाने की चाहत है,आप खुश रहें मेरा क्या हैमैं तो आइना हूँ मुझे तो टूटने की आदत है।

मेरी आंखो मे जो लिखा है उसे मिटाउ कैसेकोई बताओ उन्हे भुलाउ कैसेजागते आंखो से देखु सपने उनकेअपनी आंखो मे किसी और के ख्वाब सजाउ कैसे.

कब औरो का साथ निभाते है लोगआंसु की तरह बिछड जाते है लोगवो जमाना और था जब रोते थे गम मेअब अपनो को रुलाकर मुस्कुराते है लोग.

मोहोब्बत कभी ख़त्म नहीं हुई उसे भी दबाना पड़ता है दिल के दर्द की तरह।

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