2025+ Shayari On Mother In Hindi | माँ के लिए शायरी

Shayari On Mother In Hindi , माँ के लिए शायरी
Author: Quotes And Status Post Published at: August 18, 2023 Post Updated at: October 5, 2023

Shayari On Mother In Hindi : सीधा साधा भोला भाला में ही सबसे अच्छा हूँ,कितना भी हो जाऊ बड़ा माँ में आज भी तेरा छोटा बच्चा हूँ। भीड़ में भी सीने से लगा के दूध पिला देती है,बच्चा अगर भूखा हो तो माँ शर्म को भुला देती है।

भले ही मोहब्बत का जिक्र करता है ये सारा जमाना पर प्यार की शुरुवात आज भी  माँ से होती है

तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ फलक, मुझको मेरी माँ की मैली ओढ़नी अच्छी लगी।

यूँ तो मैंने बुलन्दियों के हर निशान को छुआ, जब माँ ने गोद में उठाया तो आसमान को छुआ।

किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आयी,मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।

सख्त राहो मे भी आसान सफ़र लगता है,ये मेरी माँ की दुआओ का असर लगता है।

तन्हाई क्या होती उस माँ से पूछो,जिसका बेटा घर लोट कर नही आया।

"माँ अपने परिवारों की धड़कन हैं, जो जीवन की लय को स्थिर और सत्य रखती हैं।"

मेरी हर थकान मेरी माँ की सूरत देखकर उतर जाती थीअब ना थकान उतरती है ना सुकून मिलता है।

माँ खुद भूखी होती है, मुझे खिलाती है, खुद दुःखी होती है, मुझे चेन की नींद सुलाती है।

मुसीबतों ने मुझे काले बादल की तरह घेर लिया,जब कोई राह नजर नहीं आई तो मां याद आई।

मैंने कल सब चाहतों की सब किताबें फाड़ दी, सिर्फ एक कागज़ पर लफ्ज-ए-माँ रहने दिया

वही मेरी दौलत है और वही मेरी शान है,उसके कदमों में ही तो मेरा सारा जहान है।

Mother का M का ही महत्व है इसके बिना तो दुनिया ” other ” है !

हम वो बनते हैं जो हमारी माँ हमें बनाती हैं।

एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों, जिसमें पैर नहीं दिल थक जाता है…

माँ से दूर होने पर आसूं छलक ही जाते है,चाहे जितना छूपा के रखो, माँ को नजर आ ही जाते है।

ममता के सागर से भरी हैं, वो मां की मूरत.. उसकी बनाई हर चीज़ होती हैं खूबसूरत.

छोटे बच्चों की जुबां पर माँ का नाम ही भगवान का नाम है।

वो माँ ही है जिसके रहते जिंदगी में कोई गम नहीं होता,दुनिया साथ दे ना दे पर माँ का प्यार कभी कम नहीं होता।

खाली पड़ा था मकान मेरा, जब माँ घर आयी तो घर बना।

दर – ब -दर तलाश कर खुद को में बापस घर कोआ गयी दिखी ना जब मुझे पूरी दुनिया में जन्नत तबमाँ से मिलकर वो भी नज़र आ गयी।

किसी को जन्नत तो किसी को दो जहान चाहिए,किसी को धन दौलत तो किसी को मकान चाहिए,मुझे नहीं गरज़ इन नेअमतों की या रब,जिसकी खिदमत से मिले सब वो माँ चाहिए।

बहुत बेचैन हो जाता है जब कभी दिल मेरा,मैं अपने पर्स में रखी माँ की तस्वीर को देख लेता हूं।

दुनिया का हर कलाकारअपनी कला को कोई न कोईनाम देता है।लेकिन एक माँ ऐसीशख्सियत है,जो बच्चे को जन्म देने के बाद,उसे नाम उसके पिता का देती है।

पूरी दुनिया जीत कर भी अगर,माँ बाप का दिल न जीता है वो जीत हार के समान है।

है गरीब मेरी माँ फिर भी मेरा ख्याल रखती है,मेरे लिए रोटी और अपने लिए पतीले की खुरचन रखती है।

चलती फिरती आँखों से अजां देखी है,मैंने जन्नत तो नहीं देखी,लेकिन माँ देखी है।

चलती फिरती आंखों से अजां देखी है,मैंने जन्नत तो नहीं देखी लेकिन मां देखी है।

बहुत खूबसूरत लब्ज़ तेरे बिना मैं ये दुनिया छोड़ तो दूँ! पर उसका दिल कैसे दुखा दूँ! जो रोज़ दरवाजे पर खड़ी कहती है…. “बेटा घर जल्दी आ जाना”

माँ को नाराज करना इन्सान तेरी भूल है, माँ के क़दमों की मिटटी जन्नत की धूल है।

हम खुशियों में मां को भले ही भूल जाए,जब मुसीबत आ जाए तो याद आती है मां।

माँ अपनी पसंद को नापसंद करकेहमारी पसंद को अपना लेती है

उसके पास फेसबुक नहीं है,फिर भी वह हमाराजन्मदिन याद रखती हैवह है “माँ”

जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।

तेरे दामन मे सितारे है तो होगे ऐ फलक मुझको मेरी माँ की मैली ओढ़नी अच्छी लगी..

घुटनों से रेंगते-रेंगते जब पैरों पर खड़ा हो गया, माँ तेरी ममता की छाँव में, जाने कब बड़ा हो गया।

दवा 💊असर ना करें🙁 तोनजर😇 उतारती है🤗माँ ❤️है जनाब…🤱वो कहाँ 😊हार मानती है🔥🔥🔥

माँ ये जो दुनिया है काँटों की.इसमें तू मुझे सजो कर रखती हैबिल्कुल न्यारो सी​।

कभी चाउमीन, कभी मैगी, कभी पीजा खाया लेकिन,जब मां के हाथ की रोटी खायी तब ही पेट भर पाया।

पहाड़ो जैसे सदमे झेलती है उम्र भर लेकिन, बस इक औलाद के सितम से माँ टूट जाती है।

हजारों गम हो फिर भी मैं खुशी से फूल जाता हूंजब हंसती है मेरी मां तो मैं हर गम भूल जाता हूं👩‍👧❤👩‍👧

जिस के होने से मैं खुदको मुक्कम्मल मानती हूँ ,मेरे रब के बाद मैं बस अपने माँ – बाप को जानती हूँ

माँ ! के आगे यूँ ही कभी खुल कर नहीं रोना, जहाँ बुनियाद हो, इतनी नमी अच्छी नहीं होती।

मां कहती नहीं लेकिन सब कुछ समझती है, दिल की और जुबां की दोनों भाषा समझती है।

माँ की अजमत से अच्छा जाम क्या होगा, माँ की खिदमत से अच्छा काम क्या होगा, खुदा ने रख दी हो जिस के कदमों में जन्नत, सोचो उसके सर का मुकाम क्या होगा।

तुम क्या सिखाओगे मुझे प्यार करने का सलीका,मैंने माँ के एक हाथ से थप्पड़ तो दुसरे हाथ से रोटी खायी है.

"एक माँ का प्यार उसके बच्चों के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की नींव है, वह उर्वर भूमि जहाँ वे बढ़ सकते हैं और पनप सकते हैं।"

"प्रेम, दया और निस्वार्थता से संचालित माताएँ दुनिया की अनसुनी नायक हैं।"

हजारों गम होते हे फिर भीमें ख़ुशी से फूल जाता हुजब हसती हे मेरी माँ तोमें हर गम भूल जाता हु।

ना जाने माँ क्या मिलाया करती हैं आटे मेंये घर जैसी रोटियाँ और कहीं मिलती नहीं

हजारों गम हो फिर भी,मैं ख़ुशी से फुल जाता हूँ,जब हंसती है मेरी माँ,मैं हर गम भूल जाता हूँ।

बिना हुनर के भी वो चार ओलाद पाल लेती है, कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी।

मुसीबतों ने मुझे काले बादल की तरह घेर लिया,जब कोई राह नजर नहीं आई तो माँ याद आई..

जब🤔 जब कागज़ 😇 पर लिखा माँ🙏 का नामकलम स्नेह 🤔से बोली हो गए👍 चारो धाम💥💥

हम खुशियों में माँ को जरूर भूल जाएपर जब मुसीबत आती है तो सबसे पहले माँ याद आती है

मैं रात भर जन्नत की सैर करता रहा दोस्तो,आँख खुली तो देखा मेरा सर माँ के गोद में था।

माँ की गोद से ज्यादा मखमली और कुछ नहीं होता और उसकी मुस्कान से प्यारा कुछ नहीं होता।

हर पल जो होंसला बढ़ाये वो है माँ हर पल जो प्यार बरसाए है वो है माँ हर लम्हा अपने बच्चो की फ़िक्र करती इस दुनिया में सबसे प्यारी हस्ती वो है माँ….

पूछता है जब कोई मुझसे कि!!दुनिया में मोहब्बत अब बची है कहाँ!!मुस्कुरा देता हूँ मैं और याद आ जाती है माँ!!

दुनिया भाग रही है जन्नत पाने कोकोई बातये उन्हें माँ घर पर ही है।

वो लिखा के लाई है किस्मत में जागना, माँ कैसे सो सकेगी कि बेटा सफ़र में है।

माँ सजदे में रहती है…शहर में आ कर पढ़ने वाले भूल गएकिस की माँ ने कितना ज़ेवर बेचा थाअसलम कोलसरी

भूल जाता हूँ परेशानियां ज़िंदगी की सारी,माँ अपनी गोद में जब मेरा सर रख लेती है।

किसी भी ​मुश्किल का अब किसी को हल नहीं मिलता ​शायद अब घर से कोई माँ के पैर छूकर नहीं निकलता।

माँ ना होती तो वफ़ा कौन करेगा, ममता का हक़ भी कौन अदा करेगा, रब हर एक माँ को सलामत रखना, वरना हमारे लिए दुआ कौन करेगा.

जब तक नींद ना आए हमें,तब तक वो कभी ना सोती थी,इधर दर्द हमें हो,उधर मां रोती थी।

मां का दरजा तो भगवान से भी ऊपर होता है,मां तो वो है जो हर आंधी को झेल लेती हूं,जब भी मुझपर कोई भी मुसीबत आती है,मुझे अपने आंचल में छिपा लेती है।

जरा सी बात है लेकिन हवा को कौन समझाए, कि मेरी माँ दीये से मेरे लिए काजल बनाती है।

Mother याने कि माँ!!इस में से अगर M निकाल दे!!तो सिर्फ other रह जाता है!!उसी तरह रिश्तो में भी!!एक माँ के सिवा!!सारे रिश्ते other ही होते हैं!!

कैसे भुला दू मैं अपने पहले प्यार को कैसे तोड़ दू उस की ऐतबार को, सारा जीवन उस की चरणों मे अर्पण कर दू छोड़ दू माँ की खातिर इस संसार को ।।

मैंने कभी भगवान को नहीं देखा है, लेकिन मुझे इतना यकीन हे की, वो भी मेरी माँ की तरह होगा!

इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है,माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है..!!

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