1582+ Sabar Shayari In Hindi | सब्र पर शायरी

Sabar Shayari In Hindi , सब्र पर शायरी
Author: Quotes And Status Post Published at: September 21, 2023 Post Updated at: April 11, 2024

Sabar Shayari In Hindi : “ किसी के लिए सब्र करना भी,एक मीठा एहसास होता है,जो सच्चा प्यार करते है,शायद वही सब्र करता है…!! “ ऐसे लोगों को खोजना आसान है,जो मरने के लिए तैयार हों,बजाये उनके जो धैर्य के साथ,दर्द सहने को तैयार हों…!!

तू दोस्ती को निभा भी नहीं सकता, दुश्मनी को सही से जता भी नहीं सकता, दुश्मन है आज तू मेरा, गलती क्या है मेरी, तू तो किसी का साथ निभा भी नहीं सकता।

दूध मांगोगे तो खीर देंगे,और दूध का फट गया तो पनीर देंगे..Dudh mangoge toh kheer denge,Aur dudh fat gya toh paneer denge..

“ जिन्होंने रातों को जागकरसूरज को जगाया है,उन्होंने ने ही इतिहास बनाया है।

शायद मैं इसलिए पीछे हूँ मुझे होशियारी नही आती बेशक लोग ना समझे मेरी वफादारी मगर मुझे गद्दारी नहीं आती

जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशीउस काम को करने में हैं जिसे लोगकहते हैं. “तुम नहीं कर सकते”

सम्मान भी उधार की तरह हो गया है साहब, लोग ले तो लेते हैं लेकिन देना भूल जाते हैं।

जिंदगी में कुछ ऐसे लोग भी मिलते है, जिन्हें हम पा नहीं सकते सिर्फ चाह सकते हैं. 🍁🍁🍁

जो ठान लिया वो करके रहूंगाये मत सोच डर के रहूंगा । ।

जो कभी सब्र को टूटने नहीं देते, उनके ख़्वाब ज़रूर पूरे होते हैं।

इन निगाहों को इंतजार हैबस तेरा की कब तू सामने आएऔर भी दीदारे यार हो जाए!!

मैं भी हुआ करता था वकील इश्क वालों का कभी!! नज़रें उस से क्या मिलीं आज खुद कटघरे में हूँ!!

धैर्य रखिये . आसान बनने से पहले सभी चीजें कठिन होती हैं.

बुरा वक्त हैं बदल जाएगा ,लेकिन बदले हुए लोग याद रहेंगे

तमन्ना आपकी सब पूरी हो जायें, हो आपका मुक़द्दर इतना रौशन कि, आमीन कहने से पहले आपकी हर दुआ कबूल हो जाये।

अगर तुम्हारी नीयत सही हो तो ग़लत रास्ते भी सही मंज़िल तक ले जाते हैं

खत्म हो गयी सारी लकीरें हाथों की जिनपर कभी मोहब्बत का नाम लिखा था

चलो अब क्या शिकायत क्या करें शिकवा तुमसे रूठ सी गयी है वफाओं की हवा हमसे

मेरे दुश्मन कहकर चले गए कल आएगे, कितने ही कल गुजर गए जाने वो कब आएगे।

जो सबर करता है जीत घुटने टेक कर उसका सजदा करती है।

क्योंकि सब्र के परिणाम विस्मयकारी तरीके से हर परिस्थिति में बदलाव ला सकते हैं. और आप जानते हो कि परिस्थितियों को बदलना इतना आसान नहीं होता.

बस ज़रा सा सबर रखिए, और फिर सफलता का स्वाद चखिए।

मेरी तस्वीर देखकर लोगों ने कहा इसे ज़बरदस्ती हसाया गया है

कदर करो उनकी जो तुम्हे दिल से चाहते है, वरना चेहरे पे तो हर कोई मरता है।

वक़्त से बड़ा राजा इस दुनिया में सच मुच नहीं, सब्र से बेहतर इलाज और ख़ामोशी से बेहतर सजा और कुछ नही।

किस्सा नही कहानी हूँ मैंशरीफ नही हरामी हुँ मैं.!

हम उनकी नजरों मे खोटे है जोखुद बिना पेंदी के लोटे है।

“इंतजार मत करो , जितना तुम सोचते हो जिंदगी उससे कहीं ज्यादा तेजी से निकल रही है।”

बदले बदले से लगते हो क्या बात हो गयी ?शिकायत मुझसे है या किसी और सेमुलाकात हो गयी ।

चाँद की क़दर भी पत्थर जितनी हो जाएगी बस तू हासिल करके देख ले।

गौर कीजिएगा जनाब अपने शब्दों पर, शब्दों से मिले जख्मों की दवा नहीं होती. 🍁🍁🍁

अपनी नजर मे अच्छे रहोदुनिया का नजरिया ही खराब है !

भूल जाएंगे आपको भी ज़रा सब्र तो कीजिए, बन सके आप ही की तरह कम से कम हमे इतना वक़्त तो दीजिए।

“हर असफलता में कुछअच्छाई छिपी होती है ।वो अभी नहीं दिखेगी । समय उसे दिखायेगा ।धैर्य रखो।थोडा सा धैर्य ढेर सारी बुद्धिसे अधिक मूल्यवान है।”

जो व्यक्ति सब्र की सवारी करता है, तो सब्र उसे नहीं गिराता,ना किसी की नज़रों में और ना किसी के क़दमों में ।

“ ऐसे लोगों को खोजना आसान है,जो मरने के लिए तैयार हों,बजाये उनके जो धैर्य के साथ,दर्द सहने को तैयार हों…!!

मेरी सब्र का इम्तेहान ना लो, चाहो तो मेरी जान लेलो। सब्र पर कविता

किसी शायर ने कहा था मोहब्बत ना करना। लेकिन हो जाए तो इंकार भी ना करना । निभा सको तो ही मोहब्बत करना । वरना किसी की

किसी को कभी तकलीफ ना दे, अगर उसने सब्र कर अल्लाह पर छोड़ दिया, तो उसका सब्र आख़िरत में तुम्हारे लिए मसला बन जायगा।

अच्छा हुआ बड़ा जल्दी बदल गए तुम वरना मेरी उम्मीद बढ़ती ही जा रही थी

“ जिन्दगी के आखरी मुकाम तक दो हीसच्चे हमसफर मिले,जो हमेशा मेरे साथ चलेएक सब्र और दूसरा इम्तिहान…!!

कदर कीजिये जो वक्त पर हासिल है, क्योंकि देर नहीं लगती देर होने में।

याद रखो कमजोर हमारा वक्त हैहम नही..!

सीधे रास्ते और सीधे लोग अक्सर लोगो को पसंद नहीं आते।

इश्क़ क्या होता है तुम्हें बताऊंगा मैं बिछड़ने की भी रस्में निभाउंगा जा तो रहे हो मुझे छोड़ कर, मगर याद रखना मैं याद आऊंगा

“ सब्र का घूंट दूसरों को पिलानाकितना आसान लगता है,लेकिन जब खुद को पीना पड़ता है,तब कतरा कतरा जहर लगता है….!!

“हालातों को न बदलें बल्कि खुद को बदले, देखना एक दिन हालात अपने आप बदल जाएंगे।”

दोस्ती का दुश्मनी से कोई वास्ता नहीं होता, दुश्मन भी डरकर भागते हैं वहां, जहां कोई रास्ता नहीं होता।

बदले नहीं है हम, बस दुनिया को समझ गए हैं।

“अपने इरादों को मज़बूत रखो, लोग जो कहेंगे उन्हें कहने दो | एक दिन वही लोग तुम्हारा गुणगान करेंगे” -स्वामी विवेकानन्द

“अंदाजे से न नापिये किसी इंसान की हस्ती, ठहरे हुए दरिया अक्सर गहरे हुआ करते हैं।”

“ सब्र से होती हैं हर मुश्किल आसान,जल्दबाजी का काम करता है शैतान…!!

अपने अन्दर करुणा रखो आवेश नहीं मेघ की वर्षा से पुष्प खिलते है उसकी गरजने से नहीं।

“ सब्र हर चीज़ की कुंजी है,अंडे को सेने से ही चूज़ा निकलता है,ना कि उसे तोड़ने से…!!

जो शख़्स मेरे दिल से उतर गया,वो जिंदा रहकर भी मेरे लिए मर गया।

माँ बाप के सामने सर झुकाकर रखिये ,दुनिया में किसी के सामने नहीं झुकना पड़ेगा।

के अब रहा नहीं जाता के अब सहा नहीं जाता शिकायत है बहुत उनसे मगर कुछ कहा नहीं जाता

सब्र रखो आपको रुलाने वाला भी एक दिन जरूर रोयेगा।

“ अपने सब्र का पैगाम देखकर में,खुद हैरान हूँतूने याद भी ना किया और मैंने,इंतजार नहीं छोड़ा..!!

आवाज़ में नहीं बातों में वज़न रखिए, मंज़िल खुद चलकर आएगी पास बस थोड़ा सा सबर रखिए।

“ दुश्मन का लोहा भले ही गरम हो,लेकिन हथोड़ा ठण्डा रह कर ही काम दे सकता है…!!

“ और फिर जैसे शाश्वत हैदिनकर का उगना,किरणों का फैलना।देर – सबेर दिखती हैउम्मीद की कोई किरण…!!

परख से परे है शख्सियत मेरी, मैं उन्हीं के लिए हूँ, जो समझे कदर मेरी।

अब वो याद भी आते है तो चुप रहती हु, के अगर आँखों को खबर हो गई, तो बरस जायँगी।

कुछ लोगों की जिंदगी में खुशियाँ लिखी ही नहीं होती शायद मैं भी उन्हीं में से एक हूँ।

सर नहीं झुकाया कभी जिए हैं हमेशा फक्र करके, अच्छे वक़्त का शुक्र करके, बुरे वक़्त में सब्र करके।

दिल से अच्छे लोगों की, अकसर किस्मत खराब रहती है

खोल दे पंख मेरे कहता है परिंदा, अभी और उड़ान बाकी है, जमीन नहीं है, मंजिल मेरी, अभी पूरा आसमान बाकी है !

कोई ऐसा शीशा भी बना दो भगवान जिसमें इंसान का चेहरा नहीं उसका किरदार दिखे।

इक सवाल पर ही रुके हुए हैं अब इश्क़ खुदा ने बनाया ही क्यों अगर उसे दूर जाना ही था वो मेरे इतने करीब आये ही क्यों

वादों पर अब भरोसा नहीं रहा,ये अक्सर टुट जाया करते है !

सब्र रखो अभी मेहनत जारी है,वक्त खुद कहेगा..अब तेरी बारी है।

मोहब्बत सब्र के सिवा कुछ नहीं, मेने हर आशिक़ को इंतज़ार करते देखा है।

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