1743+ Painful Shayari In Hindi | Dard Shayari In Hindi

Painful Shayari In Hindi , Dard Shayari In Hindi
Author: Quotes And Status Post Published at: September 15, 2023 Post Updated at: April 25, 2024

Painful Shayari In Hindi : प्यार मैं कहना जरुरी नहीं होता, प्यार मैं तो समझा जाता है💔 लबो पर जब किसी के दर्द का अफ़साना आता है, हमें रह-रह कर अपना दिल-ए-दीवाना आता है💔

एक गलती बार बार नहीं करना जा मुझे फिर प्यार नहीं करना खुद को संभाला बहुत मुश्किल से मैंने फिर किसी पर ऐतबार नहीं करना

अधूरे से रहते मेरे लफ्ज़ तेरे ज़िक्र के बिना मानो जैसे मेरी हर शायरी की रूह तुम ही हो

किस दर्द को लिखते हो इतना डूब कर, एक नया दर्द दे दिया है उसने ये पूछकर💔

दर्द कम नहीं हुआ मेरा बस सहने की आदत हो गयी है

अब न खोलो मेरे घर के उदास दरवाज़े,हवा का शोर मेरी उलझनें बढ़ा देता है।

वक़्त हर ज़ख़्म का मरहम तो नहीं बन सकता,दर्द कुछ ऐसे होते हैं, ता-उम्र रुलाने वाले

न किसी का साथ, न सहारा है कोई, न हम है किसी के न हमारा है कोई। Na kisi ka sath na sahara hai koi, na hum hai kisi ke na hamara hai ko.

सितारा होकर चांद से मोहब्बत करने चला थाबेचारा बीच रास्ते में टूट गया।

कौन तोलेगा हीरों में अब तुम्हारे आंसू फ़राज़,वो जो एक दर्द का ताजिर था दुकां छोड़ गया

अगर लफ्ज़ों में कर सकते बयान इंतेहा दर्द-ए-दिल, लाख तेरा दिल पत्थर का सही, कब का मोम कर देते

इलाजे-दर्दे-दिल तुमसे मेरे मसीहा हो नहीं सकता, तुम अच्छा कर नहीं सकते मैं अच्छा हो नहीं सकता।

गज़ब की ताकत है,मुस्कराहट में, दिल कासारा दर्द छुपा लेती है.

उसका मुझे भूल जाना हमारे प्रेम की एक परीक्षा हैजब उसको सब कुछ याद आएगा मुझे उस पल की प्रतीक्षा है।

“ सुकून और इश्क वोभी दोनो एक साथरहने दो अब कोईअक्ल वाली बात करो…!!

इंसान कितना ही अमीरक्यों ना हो जाएँ,दर्द बेच नहीं सकता है औरख़ुशी खरीद नहीं सकता है.

अपनी आँखों के समंदर में उत्तर जाने दे,तेरा मुज़रिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे,ज़ख़्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको,सोचता हूँ कहूँ तुझसे, मगर जाने दे।

तकलीफ ये नहीं कि तुम्हें अज़ीज़ कोई और है, दर्द तब हुआ जब हम नजरंदाज किए गए।

तुमसे नहीं होगा मेरे दर्द का इलाज़, घाव को नासूर हुए वर्षे गुजर गयीं।

“ तू भी आइने कीतरह बेवफा निकलाजो भी सामने आयाउसी का हो गया..!!

इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे, दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए

याद बन कर मुझे सताओ ना तुम इस तरह,तेरी याद में मेरा रो रो कर बुरा हाल है,बस एक बार मेरी ज़िन्दगी में वापस आ जाओ,मेरे दिल में बस अब तेरा ही ख्याल है।

किसी को उजाड़ कर बसे तो क्या बसे किसी को रुलाकर हँसे तो क्या हँसे

और भी कर देता है मेरे दर्द में इज़ाफ़ातेरे रहते हुए गैरों का दिलासा देना

उसने दर्द इतना दिया कि सहा ना गया, उसकी आदत सी थी इसलिए रहा न गया, आज भी रोता हूं उसे दूर देख के, लेकिन दर्द देने वाले से यह कहा ना गया.

कड़वा है लेकिन सच हैइंसान सबसे ज्यादा जलीलअपने पसंद के लोगो से होता है।

बहुत अंदर तक तबाह कर देते हैं !वो अश्क़ जो आँखों से गिर नहीं पाते !

बनना है तो वो हाथ बनों जोदूसरों को मुसीबत से निकाल सके,बनना है तो किसी के दर्द की दवा बनोयहाँ तो जख्म हर इंसान देता है.

जो नजर से गुजर जाया करते हैं, वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं, कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते, बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं।

जिस चांद को हजारों चाहने वाले होवो क्या समझेगा एक तारे की कमी।

हमने जो दिया गुजारे हुए वक्त का वास्ताहंस के कह दिया उसने रात गयी बात गयी

तुम मिलो मुझे मुकद्दर में, एक राज़ की बात बतानी है,तुझसे मिली दर्द की कहानी तुझे ही सुनानी है।

वफ़ा करने से मुकर गया है दिल, अब प्यार करने से डर गया है दिल… अब किसी सहारे की बात मत करना, झूठे दिलासों से भर गया है दिल।

“ दिल में जो दर्द है वो दर्द किसे बताएंहँसते हुए ये जख्म किसे दिखायेंकहती है ये दुनिया हमे खुश नसीबमगर इस नसीब की दास्तान किसे सुनाएँ…!!

ऐक सफ़र वो भी है, जिसपे पे चलते हुए पैर नहीं दिल थक चाहता है💔

किसी को न पाना दर्द देता हैपर किसी को पा कर खो देनाजिंदगी तबाह कर देता है

हम चाय पीकर कुल्लड़ नहीं तोड़ पातेदिल तो दूर की बात है मेरी जान ।

“ तकलीफ में जब मुंह सेआवाज निकले ना आँखोंसे आंसू निकले तो दिल मेंदर्द बहुत ज्यादा होता है….!!!

मोहब्बत का दर्द दिल में छुपाया बहुत है,सच कहुँ उसकी मोहब्बत ने रुलाया बहुत है।

महफ़िल में गले मिल के वो धीरे से कह गए,ये दुनिया की रस्म है मोहब्बत न समझ लेना।

ज़माना हवा सा है उसे क्या फिकर जाने कितने पत्तों को पेड़ों से जुदा किया है

सुना है दर्द घट जाता है जब इन्सान रोता हैमगर वो क्या करे जिस के कभी आँसू नही निकले।

इलाजे-दर्दे-दिल तुमसे मेरे मसीहा हो नहीं सकता,तुम अच्छा कर नहीं सकते मैं अच्छा हो नहीं सकता

थक गया हूँ ग़मों की छुपाते छुपातेपर लोग कहते हैं मुस्कराते बहुत हो तुम

मोहब्बत में मिले दर्द कोअश्कों में बहा लिया करो,और किसी को पता ना चले इसलिएआखों में काजल लगा लिया करो.

मैं किस हक से तुझसे मांगू अपने लिए वक्त,क्योंकि अब न आप मेरे हो, न मेरा वक्त।

आँखों में उमड़ आता है बादल बन करदर्द एहसास को बंजर नहीं रहने देता

तकलीफ ये नहीं कि तुम्हें अज़ीज़ कोई और है, दर्द तब हुआ जब हम नजरंदाज किए गए।

सादगी इतनी भी नहीं है अब बाकीमुझमें कि तू वक्त गुजारेऔर मैं मोहब्बत समझूं

तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से,जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।

सब सो गए अपना दर्द अपनों को सुना के, कोई होता मेरा तो मुझे भी नींद आ जाती💔

क्या अजीब सबूत माँगा उसने मेरी मोहब्बत का…..!!कि मुझे भूल जाओ तो मानूं कि तुम्हे मुझसे मोहब्बत है

“ तेरा जिक्र तक नहीं करना थातुझ पर पूरी जिंदगी लिख बैठे…!!

एक दो ज़ख्म नहीं जिस्म है सारा छलनी, दर्द बेचारा परेशान है कहाँ से निकले💔

“ जुबान पर लगी चोटतो जल्दी ठीक हो जाता है,लेकिन जुबान से लगी चोट कादर्द जीवन भर दर्द पहुंचाता है..!!

आज भी उनका इंतज़ार करते करते दिन गुजर गए मतलबी यहाँ के लोग है जरूरत पे याद करते है

इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे, दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए💔💘

इतना भी मत बदल जाना की तेरे अपने भी तुझे छोड़ दे💔

रात का मैं मुसाफिर हूँ मुझे तेरी रौशनी देदे मुझको बना ले तू अपना या मुझको अलविदा कह दे

तमाम उम्र भी अगर तेरा इंतज़ार कर लूँतो भी मुझे ये अफ़सोस रहेगा कि जिंदगी ही मेरी कम थी।

तेरी दोस्ती के वादे वफ़ा रहे नहीं, हमने समझा था ज़िंदगी भर साथ रहेंगे। 😔😞

दर्द दिलो के कम हो जाते फोन अगर बन्द हो जाते💔

लोग मुन्तज़िर ही रहे कि हमें टूटा हुआ देखें, और हम थे कि दर्द सहते-सहते पत्थर के हो गए💔

“ मेरी हंसी में भी कईगम छिपे है डरता हूँबताने से कही सबकाप्यार से भरोसा न उठ जाये…!!

कुछ अजीब है ये दुनिया यहाँ झूठ नहीं, सच बोलने से रिश्ते टूट जाते है.

जब हम कभी किसी से अपनादर्द, गम, खुशी न बांट पाए तोसमझ लीजिए। हमारा अपना कोई नहीं है।सब स्वार्थ के रिश्ते है, हमारे पास.

कोई किसी का साथ नहीं देता लोग तो सिर्फ तब याद करते है जब वो खुद अकेले होते है

जो अब कोई दिल दुखाये, बता दो उन्हें घावो पर घाव दर्द नहीं करते💔

वो चांद आसमान का था, जमीं पर क्या करता भला. जो खुद एक ख्वाब सा था, किसी पर क्या मरता भला.

उसने पूछा भी लेकिन मैंने कहा कुछ नहीं, दिल से उतरे हुए लोगों से शिकायत कैसी💔

हम तो समझे थे कि,इक ज़ख़्म है भर जाएगाक्या ख़बर थी किरग-ए-जाँ में उतर जाएगा.!

आज के बाद ये रात और तेरी बात नहीं होगी

कंगन के निशान गए नहीं अभी हाथों से जिन्हें छुपा रही हो मेरे बिना तो एक पल गवारा न था आज अकेले किधर जा रही हो

Recent Posts