1743+ Painful Shayari In Hindi | Dard Shayari In Hindi

Painful Shayari In Hindi , Dard Shayari In Hindi
Author: Quotes And Status Post Published at: September 15, 2023 Post Updated at: April 25, 2024

Painful Shayari In Hindi : प्यार मैं कहना जरुरी नहीं होता, प्यार मैं तो समझा जाता है💔 लबो पर जब किसी के दर्द का अफ़साना आता है, हमें रह-रह कर अपना दिल-ए-दीवाना आता है💔

“ दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करतेगम के आंसू न बहाते तो और क्या करतेउसने मांगी थी हमसे रौशनी की दुआहम खुद को न जलाते तो और क्या करते..!!!

तेरे हिसाब से अब और दिखा न जाएगा,ज़ख्म अब नासूर बन गए हैं ज़िन्दगी,मुझसे अब दर्द-ए-दिल और लिखा न जाएगा !

ज़रूरी तो नहीं था हर चाहत का मतलब इश्क़ हो;कभी कभी कुछ अनजान रिश्तों के लिए दिल बेचैन हो जाता है। ❞

काश तुम और मैं भी एक होते, तो हमारे दरमियां न इतने फ़ासले होते !

एक नया दर्द मेरे दिल में जगा कर चला गया,कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया,जिसे ढूंढते रहे हम लोगों की भीड़ में,मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया।

ना वो आ सके ना हम कभी जा सके !ना दर्द दिल का किसी को सुना सके !!बस बैठे है यादों में उनकी !!!ना उन्होंने याद किया और ना हम उनको भुला सके !!!! ❞

“किसकी पनाह म तुझे गुजारे ए ज़िन्दगी,अब तो रास्तों ने भी कह दिया है, घर क्यों नहीं जाते।”

मेरी उदासी से मत पूछो मैं उदास क्यों हूँमेरे दिल से पूछो मैं उसके पास क्यों हूँ

आज फिर याद बहुत आया वो आज फिर उस को दुआ दी हम ने कोई तो बात है उस मैं फ़राज़ हर ख़ुशी जिस पे लूटा दी हम ने

आँसुओ का कोई वज़न नहीं होता !लेकिन निकल जाने पर मन हल्का हो जाता है !

बे वजह यूं ही किसी को दिल का हाल सुनाया नहीं जाता,कुछ तो लगते हो आज भी तुमइसलिए तुम्हारा दिल दुखाया नहीं जाता।

ज़हर की चुटकी ही मिल जाए,बराए दर्द-ए-दिल कुछ न कुछ तो,चाहिए बाबा दवा-ए-दर्द-ए-दिल.!

मुझको ढुंढ ही लेता हैरोज किसी बहाने से,दर्द वाकिफ हो गया हैमेरे हर ठिकाने से.

ना कर तू इतनी कोशिशे,मेरे दर्द को समझने की।तू पहले इश्क कर, फिर चोट खा,फिर लिख दवा मेरे दर्द की।

तलब सी हो गयी हैं की लगता हैं अब मुझे,तुमने कुछ इस कदर मुझे अपना बनाया हैं।

ये अकेलापन मुझे बहुत सताने लगी है, तेरी बेरुखी अब मुझे तड़पाने लगी है। Ye akelapan mujhe bahut satane lagi hai, teri berukhi ab mujhe tadpane lagi hai.

छिपा कर दर्द अपनी हंसी में, मै अंदर से खोखला हो रहा हूं, क्या सुन सकता है तू मेरी आवाज़, मै आज भी सिर्फ तेरे लिए रो रहा हूँ.

क्या फायदा रोने से,जो प्यार नहीं समझ सकते,वो दर्द क्या समझेंगे।

जब दिल मिले होते हैं ना तो नंबर मिलाने की ज़रुरत नहीं पड़ती

“ कोई मदारी तमाशा करता हैतो लोग खूब आते है देखने के लिए,मगर बात दर्द सुनने की थीहर शख्स बहरा निकला..!!

गम तो है हर एक को, मगर हौसला है जुदा जुदा, कोई टूट कर बिखर गया कोई मुस्कुरा कर चल दिया

एक दो ज़ख्म नहीं जिस्म है सारा छलनी,दर्द बेचारा परेशान है कहाँ से निकले

जिंदगी में अपनों संगआराम मिले या ना मिले,हर कदम पर यहाँ अपनोंसे दर्द मिल जाता है.

मंजिलों से बेगाना आज भी सफ़र मेरा, है रात बेसहर मेरी दर्द बेअसर मेरा।

हर महफिल अब जुदाई लगती हैअब तुम्हारी यादें भी पराई लगती है।

आधा ख्वाब, आधा इश्क़, आधी सी है बंदगी, मेरे हो…पर मेरे नही.. कैसी है ये जिंदगी।।

कल भी हम तेरे थे आज भी हम तेरे हैं ,बस फर्क इतना है कि पहले अपनापन था अब अकेलापन है

कभी गम की आग में जल उठे,, कभी दाग-ए-दिल ने जला दिया…ऐ …जुनून-ए-इश्क़,, बता ज़रा मुझे क्यों तमाशा बना दिया..।

अब बस भी कर ज़ालिम, कुछ तो रहम खा मुझ पर, चली जा मेरी नज़र से दूर कहीं मैं शायर ना बन जाऊं।

“ पराये धोखा दें तोइतना दर्द नहीं होताअपने जब दें तो बर्दाश्त नहीं होता…!!!

एक बार तो दिल से पुकारा होता ये दीवाना ता उम्र बस तुम्हारा होता

किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल, कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।

अब तो हाथों से लकीरें भी मिटी जाती हैं, उसे खोकर मेरे पास रहा कुछ भी नहीं💔💘

जिन्दगी बिन तेरे जीना अब मुमकिन नहीं, किसी और को दिल में बसाना अब आसान नहीं… आने को तो हम दौड़ कर चले आते तेरे पास, पर तुमने कभी दिल से पुकारा ही नहीं।

मंजिलों से बेगाना आज भी सफ़र मेरा, है रात बेसहर मेरी दर्द बेअसर मेरा💔💘

कभी कभी नाराजगी,दूसरों से ज्यादा खुद से होती है।

कश्ती का डूब जाना ही अच्छा थाकिनारे ने और बदनाम कर दियापुरानी गलतियां भूलने की कोशिश थीनए इश्क़ ने और बर्बाद कर दिया

उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता हैजिसे चाहो वही अपने से दूर होता हैदिल टूटकर बिखरता है इस कदरजैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है

अब तो खुश होना तुमदेखो बर्बाद हो गए हम

वो हमसे बात अपनी मर्जी से करते हैं औरहम भी कितने पागल हैं कि उनकी मर्जी का इन्तजार करते हैं

सोच समझकर जाना इश्क की गली मेंयहां मोहब्बत कम ओरगम ज्यादा मिलते है.!!

मेरी मोहब्बत के हर क़तरे में तुम हो मुझे थाम कर रखना कहीं बह ना जाऊँ मैं

गम छुपाने का अपना ही अलग मजा है,क्योंकि गम दिखाकर मुझे दर्द बांटना नहीं है !

गिरते हुए आँसूं कौन देखता है, झूठी मुस्कान के सब दीवाने है💔

दर्द देने का बहाना न ढूंढ़ ऐ जिंदगी,मौत आने तक हम तेरे साथ रहेंगे.

दर्द की चाहत किसे होती है मेरे यारोये तो मोहब्बत के साथ मुफ़्त में मिलता है

“ गरीबी को कागज पर उतार करअमीर बन जाते हैं लोग,ये कैसी दुनिया है,जहाँ दर्द नही दर्द की तस्वीरखरीद लेते हैं लोग….!!

रोज़ पिलाता हूँ एक ज़हर का प्याला उसे, एक दर्द जो दिल में है मरता ही नहीं है।।

मेरी तन्हाई को मेरा शौक मत समझना,क्योंकि किसी अपने ने ये बहुत प्यार से दिया था तोहफे में।

ना कर तू इतनी कोशिशे,मेरे दर्द को समझने की,पहले इश्क़ कर,फिर ज़ख्म खा,फिर लिख दवा मेरे दर्द की।

क्यों बयान करूँ अपने दर्द को? यहां सुनने वाले बहुत है, पर समझने वाला कोई नहीं…💔💘

वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे, हमारी तन्हाईयों से भी आँख चुराते रहे… हमें ही मिल गया खिताब-ए-बेवफा क्योंकि, हम हर दर्द छुपा कर मुस्कुराते रहे।

पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है, फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह।

जब से आंखों में किसी ने धूल झौंकी,क्या बताये जनाब और साफ़ नज़र आने लगा है

“ महफ़िल में तो हर किसी काचेहरा खूब चमकता है,पर दर्द जमाने भर कासमेट कर रखता है….!!

“ कैसा ये प्यार है तेरातूने तो छुआ भी नहींऔर महसूस रूह तक हुआ…!!

किसी को परेशान देखकरअगर आपको तकलीफ होती है.तो यकीन मानिए, ईश्वर नेआपको इंसान बनाकर कोईगलती नहीं की है.

बात करनी थी, बात कौन करेदर्द से दो-दो हाथ कौन करे,हम सितारे तुम्हें बुलाते हैंचाँद न हो तो रात कौन करे !

जिनपे होता है दिल को भरोशा वक़्त पड़ते ही वही लोग दगा दते है

तेरा होकर भी मैं तनहा ही रहा मुझे तन्हाइयों की आदत हो गयी सोच तेरे नाम पर मिट जाने वाले को क्यों तेरे ही नाम से नफरत हो गयी

मुझे उस से कोई शिकायत ही नहीं, शायद हमारी किस्मत में चाहत ही नहीं… मेरी तकदीर को लिखकर खुदा भी मुकर गया, पूछा तो बोला ये मेरी लिखावट ही नहीं।

एक बात सिखाई है ताजुर्वे ने हमें,एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।

जिंदगी भर दर्द से जीते रहे;दरिया पास था आंसुओं को पीते रहे;कई बार सोचा कह दू हाल-ए-दिल उससे;पर न जाने क्यूँ हम होंठो को सीते रहे।

यह ग़ज़लों की दुनिया भी बड़ी अजीब है,यहाँ आँसुओं के भी जाम बनाये जाते हैं,कह भी दे अगर दर्द-ए-दिल की दास्तान,फिर भी वाह-वाह ही पुकारा जाता है

हर ख़ुशी के पहलू हाथों से छूट गए,अब तो खुद के साये भी हमसे रूठ गए,हालात हैं अब ऐसे ज़िंदगी में हमारी,प्यार की राहों में हम खुद ही टूट गए

हम तो आपके कब से बने बैठे थे, पर आप शायद किसी और के इंतज़ार में बैठे थे !

जब जब मैने दर्द लिखा शब्दो नेमेरे हाथ पकड़ लिए

फिर कहीं से दर्द के सिक्के मिलेंगे​, ये हथेली आज फिर खुजला रही है​।

दर्द मोहब्बत का ऐ दोस्त बहुत खूब होगान चुभेगा न दिखेगा बस महसूस होगा

तुझे खोने के दर से तुझे पाया ही नहींज़िन्दगी भर तड़पते रहे और तुझेबताया भी नहीं

नमक भर कर मेरे ज़ख्मों में तुम क्या मुस्कुराते हो मेरे ज़ख्मों को देखो मुस्कुराना इस को कहते हैं

हमने तो इश्क के नशे में उनको खुदा बना डाला,वह तो तब आया जब उन्होंने कहा कि,खुदा किसी एक का नहीं होता।

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