1297+ Narazgi Shayari In Hindi | नाराजगी शायरी हिंदी में

Narazgi Shayari In Hindi , नाराजगी शायरी हिंदी में
Author: Quotes And Status Post Published at: September 19, 2023 Post Updated at: November 6, 2023

Narazgi Shayari In Hindi : गलती तो सबसे होती है, हाँ मुझसे भी हो गयीअब माफ़ भी कर दे मुझे, क्यों दूर इतना हो गईएक गलती के लिए क्यों ऐसे साथ छोड़ गयी आज कुछ लिख नही पा रहा,शायद कलम कोमुझसे नाराजगी हैं कोई।

“मित्रता एवं रिश्‍तेदारी ‘सम्‍मान’ की नही ”भाव” की भूखी होती है, बशर्ते लगाव दिल से होना चाहिए, दिमाग से नही।”

चाँद के बिना चाँदनी अधूरी होती है,नाराज़गी ना हो तो मोहब्बत अधूरी होती है।

फूलों सी मुस्कान है तेरी बहना,हंसती है तू, दिल मेरा खुश होता है,तू उद्दास होती है तो दिल मेरा रोता है,ऐसा प्यारा भाई-बहन का रिश्ता हमारा।

तेरी नाराज़गी मेरी दीवानगी,चल देखें किसकी उम्र ज्यादा है..!!

उदासी है दिल और आंखों में नामी हैजैसे रुका है आसमान और खामोश ये जमी हैयाद ना करने की कोई तो वजह बतानराज़ हो या वक़्त की कमी है

तुम हमसे फासले बरकरार ही रखना तुम पर अब लिखने की तैयारी है… आखों के करीब रख किताबे लिखी-पढ़ी नही जाती उसके लिए कुछ फासलें बहुत जरूरी है…💞💕

नोंच खा जाती है चिंता मुझे तुम्हारी, जब जब तुम नाराज़ होकर, मुझसे बात नहीं करते हो.

काश😂 ये दिल 💖बेजान होता👍ना❌ किसी के😜 आने से धडकता💖💖ना किसी ❌के जाने पर😂 तडपता 😡😡

नखरे तेरे, नाराजगी तेरी,देख लेना!एक दिन जान ले लेगी मेरी।

नाराज़गी हो तो जता लेना,लेकिन नफ़रत न करना,चाहत किसी और हो जाएं तो बता देना,बस बेवफाई न करना।

भागे चले आते थे कभी दोस्त मनाने के लिए मुझे, मगर अब ना जाने उन्हें हमारी #Narajgi क्यों नहीं दिखती

हमें नहीं भाता तेरा किसी और को ताकना,फक़त नाराज़गी भी रखिए तो सिर्फ हमसे।

कुछ इस तरह वो हमें मनाते है,अगर मैं ज़रा सा रूठ जाऊँ तो,वो मुझे अपने सीने से लगाते है।

तेरी मोहब्बत की तालाब थी तो हाथ फैला दिए हमनेवरना हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं मांगते

देखो नाराज़गी मुझसे ऐसे भी जताती हैं वो,छुपाती भी कुछ नही जताती भी कुछ नही।

तुम🤔 हो मेरी 💖धड़कनतुम हो🤔 मेरी जान 👍मान जाओ न🤝 अबऔर कितना 🤔करेंगे हमें परेशान 😡😡

ईर्ष्या एक लाइलाज बीमारी है। यह धीरे-धीरे अंदर ही अंदर खा जाती है,  मेरे सभी नफरत करने वालों के लिए … और ईर्ष्या करो और मरो

जब नफरत करते थक जाओएक मौका प्यार को भी दे देना !

तुम्हारी हर अदा है सबसे नियारीजब रूठ जाती हो तुमतो लगती हो बहुत प्यारी !!

कोई सिखा दे हमें भी वादों से मुकर जानाबहुत थक गये हैं निभाते निभाते

उनसे खफा होकर भी देखेंगे एक दिन, कि उनके मनाने का अंदाज़ कैसा है।

किसी से इतना भी ना रूठो,की उसके चले जाने के बाद,अपने आपको को कभी माफ़ ना कर सको।

किसी इंसान की ख़ामोशी से नाराज़ मत हिवा करो हालात के हारे हुवे लोग, अक्सर ख़ामोश रहते हैं

वो पल भर की नरजगियाँ और माँ भी जाना पल भर में अब ख़ुद से जब भी रूठों तो कूच लोग बहुत याद आते हैं

यही सोचकर कोई सफाई नहीं दी हमनेकि इल्जाम झूठे भले हैं पर लगाये तो तुमने हैं

अजीब😜 अदा है लोगों 🤟कीनजरें भी हम 😅पर नाराजगी😔 भी हमसे 🤝

भाई-बहन का रिश्ता,प्यार और खुशियों का बंधन होता है,वो खून के रिश्तो का मोहताज नहीं होता।

मैं ईमानदारी से उन लोगों से नफरत करता हूं जो अपने वादों को तोड़ते हैं, हालांकि मैं उनके मीठे झूठ पर विश्वास करने के लिए ज्यादा नफरत करता हूं।

वजह मत पूछो मेरे आँसुओं की, उसका नाम लेने से भी अब डरता हूँ मैं.

तुम दूरियाँ को जुदाई मत कहना इन ख़ामोशियों को नाराज़गी मत कहना हर हाल में साथ देंगे तुम्हारा ज़िंदगी ने साथ ना दिया तो बेवफ़ा मत कहना

जिंदगी मे अपनापन तो हरकोई दिखाता है पर अपना हैकौन यह वक़्त ही बताता है !

नाराजगी का ये दर्द अब सहा नहीं जाता,बिन तेरे अब एक पल भी अब रहा नहीं जाता।

वो हमसे नाराज होते है तो हम उन्हें प्यार से मना लेते है, हमारे दिल की बात उन्हें बता देते है।

आखिर और कितना रुलाओगे आखिर और कितना सताओगे मोहब्बत ही की हैं हमने कोई गुनाह तो नहीं तो सजा सुनाओगे

सिमट कर रह जाती है कुछ भावनायें खुद-ब-खुद, जहाँ परवाह न हो नाराज़गियों की वहाँ शिकायतें भी नही होती,,,,!!

उसकी हर गलती भूल जाता हूँजब वो मासूमियत से पूछती हैनाराज है क्या ?

खामोशियां ही बेहतर हैं,शब्दों से लोग नाराज़ बहुत हुआ करते हैं।

तुम यूँ न नाराज हुआ करहमसे जब तुम चुप होते हो जाता

लगता हैं रुक जायगी ये सांसे कुछ पल में ही अगर न तोड़ी आपने अपनी ख़ामोशी अगले पल में ही

“एक चाहत होती है, अपनों के साथ जीने की, वरना पता तो हमें भी है, कि मरना अकेले ही है।”

मुझे नहीं पता कि मैं कभी-कभी ऐसे मूड में क्यों आता हूं, जहां मैं खुद से, अपने जीवन से और मेरे आसपास के लोगों से, सबसे नफरत करता हूँ

अजीब शख्स है नाराज होके हंसता है मैं चाहता हूँखफा हो तो खफा ही लगे!

भूझी 💥भूझी सी 😦क्यों रहती 👍हो हमसे,रूठना है😌 तो थोड़ा, ढंग😅 से रूठो😔😔😔

फोन📞 कर के रो 😭रहा था मै उसको🤔सुनो 😜तुम्हारी याद😁 आ रही है👍उसने फोन📞 यह कह के❌ काट दियासुनो🙄 तुम्हारी 🔊आवाज़ खराब😌 आ रही है !😔😔😔

ऐसे 🙄तुम कैसे 🤪कर सकती हो,😥मुझे कैसे😌 नाराज कर सकती😔 हो,तुम्हारी 👍ही तो खुशी😇 चाहता हूँ,ऐसे 🤪कैसे मुझे🙄 भूला सकती हो😓😓

नाराज़गी हो तो जता लेना लेकिन नफ़रत न करना,चाहत किसी और हो जाएं तो बता देना बस बेवफाई न करना..!!

हर👍 बात खामोशी 😓से मान लेना..👍यह भी 😅अंदाज़ होता है👍 नाराज़गी का😔😔

काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता, ना किसी के जाने पर तडपता.,

चाहे मैं आपके साथ हर समय लड़ते रहूँ,पर फिर भी मुझे तुम्हारी जरूरत रहेगी।

आज मौसम भी कमबख्त खुशमिज़ाज है, क्या करे अब हमारा यारा थोड़ा नाराज है।

नसीबों का मारा मैं तेरी मोहब्बत से हारा मैं,तू दिल में बस गयी है ऐसे तुझसे नाराज़गी में भी रोया मैं..!!

एक नाराज़गी सी है जहन में जरुर,पर मैं खफ़ा किसी से नहीं।

खता हो गयी तो फिर सजा सुना दोदिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दोदेर हो गई याद करने में ज़रूर,लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो

“एक मिनट लगता है, रिश्तों का मज़ाक उड़ाने में, और सारी उम्र बीत जाती हैं, एक रिश्ते को बनाने में।”

गुस्सा हुआ करो, गुस्सा किया करो, नाराज़ भी कोई जगह है रहने की।

नाराज़ हूं , खफा हूं ,आखिर तुम मेरी पहली मोहब्बत हो ।।

तूने बात करना क्या बंद कर दिया मैं तो खुद से भी अब बात नहीं करता।

झगड़ा तब होता है जब शिकायत होती है |और शिकायतें उनसे होती है जिनसे प्यार होता है

जैसे मैं तुम्हारी हर नाराजगी समझता हूं,काश वैसे हीतुम मेरी सिर्फ एक मजबूरी समझते।

दो बातें प्यार की तू भी बोले हमे मनाते हुए, इस चक्कर में कबसे नाराज़ बैठे हैं।

मैं किसी से नाराज़ नही होती बस ख़ास से आम कर देते हूँ

मुझसे🙄 नाराज़ 😔हो क्या🤔जो 👀नज़रे हमसे🙄 चुराते होवो कौनसी 😅ऐसी बात है🙄जो🙄 होथो मै 😅अपनी दबाते हो🤔🤔

हर बार मान जाता हूँ ये सोचकर हर बार नाराज़ कर देते हो।

बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से..!!

नाराज़गी में क्या रखा है, थोड़ा तो मुस्कुराइए याद करते हैं आपको, थोड़ा तो क़दर दिखाए

भूल जाऊ हो नहीं सकतामैंने नहीं मेरे दिल ने चुना है तुमको

नाराज़😔 होकर भी 😌Narajgi न ❌दिखाना, मेरी ये एक😇 अदा है 👍तुमसे नाराज़😌 होने की, पर तुम समझते 😅ही नहीं🤝🤝

मेरा प्यार औरों जैसा नहीं, तुम नाराज़ होते रहो, मेरा प्यार और बढ़ता जाएगा.

किस बात पर खफा हो यह जरूर बता देना,अक्सर दिल में छुपी नाराजगी से रिश्तों की डोर कमजोर हो जाती है..!!

तुम भी 🤔online मैं 😇भी online👍छुप 😌छुपकर देख😇 रहे हैनो ❌typing नो typing ❌

“सख़्त हाथों से भी फिसल जाती हैं कभी नाजुक उंगलियां, रिश्ते ‘ज़ोर’ से नहीं ‘प्यार मोहब्बत” से पकड़े जाते हैं।”

तेरी मोहब्बत की तालाब थीतो हाथ फैला दिए हमनेवरना हम तो अपनी ज़िन्दगीके लिए भी दुआ नहीं मांगते

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