170+ Munawar Faruqui Shayari In Hindi | Best Munawar Faruqui Shayari In Hindi

Munawar Faruqui Shayari In Hindi , Best Munawar Faruqui Shayari In Hindi
Author: Quotes And Status Post Published at: August 31, 2023 Post Updated at: May 20, 2024

Munawar Faruqui Shayari In Hindi : एक मौका मिल ही गया मुझसे जलने वालों को,जाते जाते उनकी जलन की राहत बन गया..!! फिर भी जीत गया उस दर्द की महफ़िल में,मैं ही अकेला इंसान था, जो बिना मां के पाला था..!!

उसने जो हमें खत लिखे थे हम उन्हें खुली किताबों में ही छोड़ आये, उसको सुलझाते सुलझाते हम खुद कई उलझनों में फस आये.

जब तक है हाथ में जिंदगी की डोर है तबतक ही इस दुनिया में हमारी पहचान है, वर्ना अनगिनत बार देखा होगा पतंगों को कटते हुए.

एक ही तरकीब आती है मुझे गम छुपाने कीफिर भी पूछ रहे हैं वो वजह मेरे मुस्कुराने की…

एक उमर लेके आनामैं खाली किताब ले आउंगातोड़ कर लाने के वादे नहींमैं अपनी कलम से सितारे सजाऊंगा

मेरे गम को हसी में दबा बैठा है,राहतों का दौर अपनी राहों में लुटा बैठा है,वो क्या ज़लील करेगा मेरी जात को,जब कि मेरा खुदा मेरे गुनाहे छुपा बैठा है..!!

सच्चे प्यार की मूरत और लाखों कुर्बानियां देखी है, मैंने जन्नत तो नहीं देखी लेकिन माँ देखी है.

अब चुप्पी साध लो तुम,कहीं बोल तुम्हारे बेड़ी ना बन जाएँ ।आज़ादी अब बस किताबों में लिखी मिलती है,अब सोच पर भी लगी पाबंदी है ।

आंखों का सुकुन तो, किसी के दिल की ठंडक हो गया,एहसास न हुआ मुझे, मैं तो पिघलता हुआ बर्फ़ हो गया,

सज़ा भी बड़ी दर्दनाक है अपने गांव की मिट्टी को छोड़ जाने की, पहले ज़मीन पर लेटते ही सो जाता था, अब नींद की गोलियां लेने पर भी कभी नींद नहीं आती.

मुन्नवर हम तो उसकी खूबसूरती की एक झलक को देखने आए थे, नजाने कितने मिलों सफर तय करके, लेकिन वो समझे कि हमें मेला बहोत पसंद है.

आसान सा कुछ करना होता तो पहाड़ तोड़ लेते,हम तो कमबख्त इश्क करना था..!!

जुल्फें जो खोले हुए हो, बंद कर दो,कितने दिल तोडोगे? अब बस कर दो,

टूटने पे इनकी ख्वाहिश होती पूरी,सही कहते हैं, मैं सितारा बन गया हूँ..!!

आंखों का सुकुन तो, किसी के दिल की ठंडक हो गया,एहसास न हुआ मुझे, मैं तो पिघलता हुआ बर्फ़ हो गया..!!

इस मैदान-ए-जंग को छोड़कर में मरने से बच तो जाऊंगा, लेकिन अगर यह खबर अखबारों की सुर्खियां बन मेरी माँ के पास पहुंची तो मैं, जीतेजी मर जाऊंगा.

कोई ठोकर खाके बैठा था, कोई गम में डूबा था,किसी ने बड़े दर्द सहे थे तो कोई बरबाद हुआ था..!!

इनकी परेशानी का बहाना बन गया हूंहंसा कर कितनो का सहारा बन गया हूंटूटने पर इनकी ख़्वाहिश होगी पूरीसही कहते मैं सितारा बन गया हूं

तुम जिद करके बैठे हो मेरा नाम नही लोगो,फिर यू याद करके हिचकियां क्यू दे रहे हो..!!

बिना किसी उम्मीद के उसकी तलाश कर रहां हूं, नजाने में आखिर कैसी जिंदगी को जी रहां हूं.

मैं अपनी करवटो का हिसाब लिए बैठा हूंमैं राजदार उनके राज लिए बैठा हूंनहीं है गरज अब कोई परछाई बने मेरीमैं अपने सायों से नफ़रत किया बैठा हूं ।

वो शख्स बडाही खुशकिस्मत होता है, जो थका हारा अपनी मा के आंचल में सर रख कर सोता है.

अब नहीं है हम चिरागों के मोहताज,उसकी आँखें महफिले रोशन करती हैं,मै किताबें फिर से अलमारी मे रख आया हूँ,सुना है वह बा कमाल इन्सान पढ़ती है..!!

वो झूठे वादे करते है, मगर मिलने नहीं आते !!हम भी कमबख्त इश्क से बाज नहीं आते !!

हर शक्स में उसका अक्स दिखाई देता है, शायद उसने मेरी नजर को बांध रखा है.

खुशी से जिंदगी जीता है हर पल मुस्कुराता है, जो जिंदगी में कभी मोहब्बत नहीं करता वो हमेशा आबाद रहता है.

वो ढूंढ़ रहे हैं वजाह मेरे मुस्कान की,नादान मेरे सजदो से बेखबर है..!!

ज़ुल्म करने वाले एक दिन ज़रुर दुबेंगे,मेरा याकीन तो समंदर से भी गहरा है..!!

वो राज की तरहा मेरी बातों मे था,जुगनू जैसे मेरी काली रातों में था,किस्सा क्या सुनाऊ तुम्हे कल रात का,सितारों की भीड़ मे, वो चाँद मेरे हाथों में था..!!

कितने दिल दुखाओगे बस करो,ये काला काजल लगाना बस करो,एकबार अगर देख ली जुल्फे खुली किसी ने,मर जाएंगे कई सुनो बाल बाँध लो..!!

एक शायरी लिखी हैकभी मिलोगे तो सुनाऊंगातेरी सीरत साफ शीशे की तरहमेरे दामन में दाग हजारों हैतू नायाब किसी पत्थर की तरहमेरा उठना बैठना बाजारों में है

कुछ पड़ोसी मुल्क आँखें दिखाते है तो उन्हें शौक से दिखाने दो, गीदड़ की दुआओं से कभी शेर नहीं मरा करते.

खुदा नहीं, मैं बस इंसानों से जुदा हूं,उमर से नहीं तजुर्बों से बूढ़ा हूं

सुनो तुम ख्वाब देखो,में पूरा करके आता हूं..!!

हर जगह बड़े मायूस से चेहरे नजर आ रहें हैं,लगता है अब उसने सजना सवरना बंद कर दिया है..!!

झूलम करने वाले एक दिन जरूर डूबेंगे,मेरा यकीन समंदर से भी गहरा है..!!

नहीं कोई वाकिफ कितना दर्द लिए चलता हु,टूटता हर सुबह जब आईना देखता हु,झूम के चलता हु हंस के मिलता हु,मैं रोज ऐसे कितनो को दगा देता हु..!!

तेरा काम जलाना सही , मेरा काम बुझाना रहेगा,तुझमें और मुझमें फर्क है छोटे, वो हमेशा रहेगा..!!

हमसे गुंडागर्दी करके हमें मोहब्बत करने को कहते हो, नींद तो बहोत आती है लेकिन आंखे खोल कर सोने को कहते हो.

कई रात गुजारी है अंधेरे मेंतुम थोड़ा सा नूर ले आओगे

मेरा ख्वाब जागेगा मेरी नींद भरी आखों में,आँख लगे तो थाम लेना साथ मेरा..!!

वो ख़्वाब कंधो पे लिए चलते हैं !!वो नसीब हाथो में लिए चलते हैं !!

वो ढूंढ रहें हैं वजह मेरे मुस्कुराने की !!नादान मेरे सजदों से बे-खबर हैं !!

मेरे सीने पे सर रखके सोना तेराकिसी दिन जान लेगा मेरी,की सांसों को रोक रखता हूँकहीं तेरी आंख न खुल जाए

जल रहे है वो मुझे खुश देख कर,कोई उन्हें मेरा दुख बता कर खुश करदो ..!!

बादशाहो को सिखाया गया है कलंदर होना !!आप आसान समझते है मुनावर होना !!

मोहब्बत में धोका ही मिले ये तो जरूरी नहीं कुछ रिश्ते बिना इजहार के चंद पलों में ही जिंदगानी जाते है.

बहती हुई वो, रुका हुआ मैं,मुक़म्मल सी वो, टूटा हुआ मैं

वो जुल्फों से दिन में रातें करती है,उनकी आँखे ताउम्र की वादे करती है,भरती है आहे हमारी आवाज़ को छूकर,वो बस मुस्कुरा के बरसा के करती है..!!

फिर भी जीत गया उस दर्द की महफ़िल में,मैं ही अकेला इंसान था, जो बिना मां के पाला था..!!

सुना है बाग है तुम्हारे आंगन में,मेरे ला हासिल बचपन को वो झूला दिखाओगे..!!

वाकिफ है सब तो फसाने दर्द के गाऊं क्याजहन में गालिब तो खजाना कोई लाऊं क्यावो कहते चुबते मेरे लब्ज़ उन्हें बहुतचीर देगी खामोशी चुप हो जाऊं क्या

तू बेचैन नहीं, मुझे चैन नहीं,तुझे ज़रुरत नहीं, मेरी और कोई ज़रुरत नहीं,

कोई कहता है तेरा जाना मुश्किल होगा,खुदा ने खुशियाँ फैलाने भेजा है,यकीन करो रोक पाना मुश्किल होगा,स्टेज से रोका तो सड़कों को स्टेज बना दूंगा..!!

हँसा कर चेहरों को खूब रोशन किया है मैंने,मेरे अंदर के अंधेरे, मुझसे बड़ी शिकायतें करते हैं=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=

फल ही इतने लगे हुए थे इस पेड़ पे !!लोगो का पत्थर मरना लाजमी था !!

जवान हूं हिंदुस्तान का मैदान ए जंग छोड़कर में बच तो जाऊंगा, लेकिन मुट्ठी भर गद्दारों से डर गया ये सोचकर जी भी नहीं पाऊंगा.

मैने खोया है अपनी हर प्यारी चीज को,में अपनी क़िस्मत फ़िर भी आजमाऊंगाएक शायरी लिखी हैकभी मिलोगे तो सुनाऊंगा ।

सुनो, तुम ख्वाब देखो,मैं पुरे करके आता हूँ=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=

वो ख़्वाब कंधो पे लिए चलते हैं,वो नसीब हाथो में लिए चलते हैं..!!

मेरे तकिये पीले हैं आंसुओं से,क्या तुम मुझे अपनी गोद में सुलाओगे,

बता दो  बाजार कोइ, जहां मुझे वफा मिले यहाँ मै बेचूँ खुशी और गम साला नफा मिले मै बेचता नही जमीर खुदा के खौफ से वरना सौदा करने वाले तो कई दफा मिले

लोग मतलब है तबतक ही साथ मौजूद होते है, और जब आती है कोई मुसीबत तब सभी अपने पहोंच से दूर खड़े हुए मिलते हैं

मुनव्वर फारूकी का जन्म जूनागढ़ शहर के साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक ड्राइवर थे। मुनव्वर फारूकी कुल चार भाई है। एक बहन का नाम शबाना है।

मेरी सब्र की इंतहा पर शक कैसामैंने तेरे आने जाने पे ता उमर लिखी हैज़मीन पे कोई खास नहीं मेरातू एक बार क़ुबूल कर में अपनेगवाहों को आसमा से बुलवाउंगा

मेरे तकिये पीले हैं आंसुओं से,क्या तुम मुझे अपनी गोद में सुलाओगे..!!

हसके मिलता हूं, झूम के चलता हूं,मैं हर रोज़ ऐसे कितने को दगा देता हूं=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=

न कभी देखता आगे क्या मुसीबत है,मेरे पीछे काफिले है चलते दुआओ के..!!

मेरा ख्वाब जागेगा मेरी नींद भरी आखों में,आँख लगे तो थाम लेना साथ मेरा..!!

जिसके बाद वह ग्राफिक डिजाइनर का काम करने लगे साल 2019 में अपना पहला स्टैंड अप कॉमेडी को लेकर आया जिसका टाइटल Dodh Dahyo था।

सुना है बाग है तुम्हारे आंगन में,मेरे ला हासिल बचपन को वो झूला दिखाओगे ??

बर्तन बेचे तो घर पर मेरे खाने आयावो बोले चोर जब खिलौना मैं छीन लायाखेलता था खोखो आज खोके में खेलता हूंनिकला कैद से लॉक करोड़ो की डील आया

कुछ तो तू भी कह दे,खामोशी आती है तेरी तूफान लेके

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