1349+ Manana Shayari In Hindi | रूठना मनाना शायरी

Manana Shayari In Hindi , रूठना मनाना शायरी
Author: Quotes And Status Post Published at: September 26, 2023 Post Updated at: June 23, 2024

Manana Shayari In Hindi : अब तो यूँ रुठना भी छोड़ दिया, क्यूंकि अब कोई मानाने वाला नही। ये जो तुम रुठ जाती हो हमसे, कभी बता भी दो किस हक़ से मनाए तुम्हे।

इस तरह बात बात परजो तू हमसे रूठ जाएगीसच कहता हु मेरी तोदुनिया ही टूट जाएगी।

ये जो चेहरा हाथों में छुपा रहे हो,खफा तो हो, पर मुस्कुरा रहे हो

मनाने को खुशियो का यह दौर हैपर हम जानते है हकीकत कुछ और है।

रूठूँ अगर तो हक़ से मना लेना पासनहीं तो साथ होने का एहसास करा देना।

आपके साथ जिंदगी बितानी हैं वक़्त नहीं..Aapke sath zindagi bitaani hain waqt nahi…

मिले हो तुम मुझको बड़े नसीबों से,चंचल हो, शरारती हो,पर बहन हर पल तुम मेरे दिल में रहती हो।

ये झगड़ा किस बात का है ये रूठना मनाना किस लिये है दो पल की ज़िन्दगी हैआ हंस-बोल के काट लें

ना कर हमको बेक़रार,यूँ हमसे रुठ कर ना जा,दिल के अरमान ऐसे,तोड़े कर ना जा,

कभी हमको भी मयस्सर हो रूठना उनसे, कभी हमारे दिल में भी ये हौसला आऐ।

तुम सिर्फ मेरे हो मेरे ही रहना वरना सारे दांत तोड़ कर हाथ में दे दूंगी। tum sirf mere ho mere hi rehna warna sare daant tod kar hath me de dungi..

देखा है जिंदगी मनाने को कुछइतने करीब से लगने लगेहै तमाम चेहरे अजीब से।

तुम मेरी जिंदगी का हिस्सा हो तुम मेरी कहानी का अधूरा किस्सा हो में तुमसे बहुत प्यार करती हूं तुम मेरी जिंदगी का हसीन तोहफा हो

दिल उदास हैं तेरे चले जाने से, हो सके तो मुसाफ़िर तू लौट आ, तेरे क़दमों में सर झुकाये खड़े हैं हम, तू बस एक बार सजा तो सुना जा !

लोगों की निंदा से परेशान होकर ,अपना रास्ता ना बदलना क्योंकि सफलता शर्म से नहीं साहस से मिलती है

वो सुख-दुख में साथ निभाना,वो साथ मिलकर जश्न मनाना,अनकहे अंदाज में प्यार जताना,याद है हमे वो दोस्तो का जमाना।

ख़ता की सज़ा की कर ही दीजिए सुनवाई,आपके चेहरे पे अच्छी नहीं लगती ये रुसवाई।

रूठने-मनाने का,सिलसिला कुछ यू हुआमान गया था मगर,फिर रूठने का दिल हुआ.

प्यार में मुझे सजा न दो, हो गई खता माफ कर दो, मुझसे यूं रूठ कर न बैठो, प्यार से दो बात कर लो।

उन्हें रूठने में वक़्त नहीं लगतामेरे पास वक़्त नहीं मानाने को

आज खुद को भुलाने को जी कर रहा है बेवजह रूठ जाने को जी कर रहा है, तुम्हे वक़्त शायद मिले न मिले, आज खुद को मनाने को जी कर रहा है।

खुश रहते हैं क्यों कि पता है, कोई मानाने नहीं आएगा।

सच्ची मोहब्बत वादों से नहीं,परवाह से जाहिर होता हैं..Sacchi mohabbat wado se nahi,Parwah se jahir hota hain…

पता है आपसे बात करने के बाद ऐसा सुकून मिलता है कि लगता है जैसे दुनिया की सारी खुशी मिल गई।

खूबियों से ही नहीं कभी किसी की कमियों से भी प्यार हो जाता है,एक अजनबी अपना यार हो जाता है।

यकीन नहीं तो आजमाके देख ले,दर्द तेरी जुदाई का है, तू पास आके देख ले,

दोस्ती अच्छी हो तो रंग लाती है।दोस्ती गहरी हो तो सबको भाती है।दोस्ती नादान हो तो टूट जाती है।पर अगर दोस्ती अपनी जैसी हो तो इतिहास बनाती है।

इससे पहले कि मेरी जान जाए,कोई कह दो जाकर उसे की मान जाए।।

तुम नाराज ना हो मुझसे,मैं मानता हूँ इसमें मेरी ही खता है,खामोश रहती हो तो दिल तड़पता है,तुम्हें भी तो मेरा हाल ए दिल पता है।

मेरी जिंदगी में खुशियातेरे बहाने से हैआधी तुझे सताने से हैऔर आधी तुझे मनाने से है।

रिश्तो की गहराई को जो समझती है,दो परिवारों में जो खुशियां बिखेरती है,वो बहन नसीब वालों को ही मिलती है।

रूठने मनाने का सिलसिला कुछ यू हुआ,मान गया था मगर फिर रूठने का दिल हुआ।

रूठना अगर तुम्हारी आदत है,तो तुम्हें मनाना मेरा कर्तव्य है तुम हजा़रबार रूठोगी,तो मैं लाखों बार मनाऊंगा.

मेरी सारी कोशिशें नाकाम होती है उनको मनाने की, ना जाने कहां से सीखी है ये अदा रूठ जाने की।

थक गई हूं अपने दिल का दर्द छुपाते-छुपाते, टूट गई हूं बस मुस्कुराते-मुस्कुराते, दूर तक चलो जब किसी के साथ, तो फिर माफ कर देना गलती हंसते-हंसाते।

प्यार करो तो जी भर के करो,लेकिन उम्मीद मत रखो !!क्यूंकि तकलीफ मोहब्बत नहीं,उम्मीदें देती है दोस्त

हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया।

न ज़ख्म भरा,न सहारा हुआ,न वो वापस लौटीं,न मोहब्बत दोबारा हुआ..Na jhakm bhare,Na sharab sahara hua,Na woh wapas lauti,Na mohabbat dobara hua…

पहले खुद से कहो की तुम क्या बनोगे,फिर वो करो जो तुम्हे करना है.

सबकुछ जानकर भी वो पूंछ रहे हैं हमसे , हमें क्या हुआ है अब उन्हें कैसे बताएं हमें उनसे ही मोहब्बत हुआ है ।

गलती एक करी थी उसने जो हमने सची मानी थी…° हमने जाने को कहा और उसने रुठने की ठानी थी़.

नाराजगी भी एक प्यार हैतेरे हिस्से की सारी बातें, बचा के रखी है. हमने* जब शहर खुलेगा तोखुलकर बातें करेंगें***

मेरी जान, तेरी मुस्कान से मेरा दर्द मिट जाता है, तू जो रूठता है, तो जख्म हरा हो जाता है, मान जाओ न पतिदेव।

रुठना हमे भी अच्छा लगता हैं, अगर कोई मानाने वाला साथ हो तो।

ऐसानहीं है, की #दिन नहींढलताया रात नहीं होती ।सब #अधूरासा लगता है ,जब #तुमसे #बात नहीं होती।

बहुत खूबसूरत हैं मेरे ख्यालो की दुनिया,तुमसे ही शुरू और तुमपर ही खत्म…Bahut khubsurat hain mere khayalo ki duniya,Tumse hi shuru aur tumpar hi khatm..

बिन बात के ही रूठने की आदत है किसी अपने की चाहत पाने की चाहत है आप खुश रहें, मेरा क्या हैमैं तो आईना हूँ मुझे टूटने की आदत है

देखा हैआज मुझे भी गुस्से की नज़र से,मालूम नहीं आजवो किस-किस से लड़े है।

मॉ देती है ममता और पिता अनुशासन सिखाता हैलेकिन खुल कर कैसे है जीना भाई हमें बताता है

तुम रूठो तो हम तुम्हे मनाने आ जाएंगे,हम रूठे भी तो बताओ किस के भरोसे।

रूठने की कोई दास्ताँ रही होगी यकीनन कोई खता रही होगी तुमने सलाम नहीं लिया होगा उनकायही तो बात दिल को सता रही होगी

अपना मानता हूं इसलिए रूठ जाता हूं, पर तू मुझे अपना समझकर मनाती नहीं है।

नींद आरही हे इसकदर,की बैठे बैठे सो जाए,रुके हे आपके मैसेज के लिए,की आप हमसे गुड नाईट तो कह जाए….।।।।

तेरे साथ का मतलब जो भी होतेरे बाद का मतलब कुछ भी नही।

अल्फाज तो जमाने के लिये हैं,तुम्हें तो हम अपने दिल की धडकनें सुनायेंगे..Alfaz toh jamane ke liye hain,Tumhe toh hum apne dil ki dhadkane sunayenge..

तुम जो हमसे खफा हो गए तो,तुम्हारे बिना ये दोस्ती अधूरी रहेगी,कैसे कहे कि क्या बीतेगी इस दिल पे,जिंदा तो रहेगे पर जिंदगी न रहेगी।

जिस पल मे टूट जाते है सपने, उस पल मे ही रूठ जाते है अपने, हमे किसी को मनाना नही आता, शायद तभी तो हमसे रूठ जाते है अपने…

वो गुस्से में हैं और दूर से निहार रहे हैं, लगता है कुछ मन ही मन कह रहे हैं, हमारी खता की हमें माफी दीजिए, हम तो हर वक्त आपको ही याद कर रहे हैं।

तेरे आखो से एक आंसू गिरता हैंतो इस दिल को दर्द होता हैंकही तुझे दर्द न होतेरे दर्द की दुआ भी ये दिल मांग लेता हैं !

चला ह सिलसिला कैसा ये रातों को मनाने का तुम्हे हक़ दे दिया किसने दियो का दिल दुखने का

जाने कब आपकी आँखों से इज़हार होगा, आपके दिल में हमारे लिए भी प्यार होगा, गुजर रही है ये रात आपकी याद में, कभी तो आपको भी हमारा इंतज़ार होगा.

नाराज़गी नहीं है कोई मै किससेशिकायत करूँ,ये रूठने मनानेकी रस्म तो अपनों में हुआ करती है !

ये रूठना , मनाना अदाएँ हैं मोहब्बत की चटपटा न हो तो खाने में मज़ा क्या है ?

अब तो यूँ रुठना भी छोड़ दिया, क्यूंकि अब कोई मानाने वाला नही। Ab to yun ruthna bhi chod diya kyuki ab koi manane wala nahi

रुसवा ना हो जाए मेरी मोहब्बत,इस बात का ख्याल रखता हूँ,इस लिए मैं, महफ़िल में हस्ता हूँ, और तन्हाईयों में रो लेता हूँ,

आज मौसम कमबख्त खुशमिज़ाज है,पर क्या करे अब हमारा दोस्त थोड़ा नाराज है।

दिल खामोश तड़प रहे हैहम तुमसे एक अल्फाज के लिए,तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए

सूख जाते हैं मेरी आँखों के आंसू भी, तुम्हारी नाराज़गी मेरी जान लेकर रहेगी किसी दिन.

रुठना हमे भी अच्छा लगता हैं, अगर कोई मानाने वाला साथ हो तो। Ruthana hume bhi acha lagta ha agr koi manane wala sath ho to.

और कितना दर्द का एहसासदिलाओगी मुझेशायद अभी तक तसली नहीहुई होगी तुझे।

शायद इसलिए भी इश्क हमारे मुकद्दर मे नही, क्योंकि मनाने का कोई खास हुनर मुझमे नही।

देखा है आज मुझे भी गुस्से की नज़र से,मालूम नहीं आज वो किस-किस से लड़े है।

ज़िन्दगी गुज़र जाए पर दोस्ती कम ना हों,याद हमें रखना चाहें पास हम ना हों,कयामत तक चकता रहे ये प्यारा सा सफर,दुआ करे कि कभी ये रिश्ता खतम ना है।

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