2150+ Kasam Shayari In Hindi | कसम पर शायरी

Kasam Shayari In Hindi , कसम पर शायरी
Author: Quotes And Status Post Published at: October 2, 2023 Post Updated at: October 25, 2023

Kasam Shayari In Hindi : कसम से बहुत सताते हो तुम,अक्सर बिना आवाज, बिना दस्तक, दबे पाँव,मेरे ख्यालों में चले आते हो तुम… हम तुम्हे कभी खोना नहीं चाहते,कसम खुदा की तुम्हारे सिवा,हम किसी और के होना नहीं चाहते…

“जिसने अपने समय को वश में करना सीख लिया ज़िंदगी उसी की वश में है I”

“जो लोग वक्त के साथ चलते हैं, उनके पीछे पूरी दुनिया चलती है।”

हम 😎क्यो❓डरे किसी✊👊👊 #से, #हम तो 👳पैदा ही #शेरो🦁 👉 की #बस्ती🏢👈मे हुए है _डरना है, 🙀 तो वो👉

इतनी तो तेरी सूरत भी नहीं देखी मैने जितना तेरे इंतज़ार में घड़ी देखी है…!!!

तू तो मेरी जान थी,पर क्यों तेरी यादे,मेरी जान ले रही हैं…Tu toh meri jaan thi,Par kyu teri yaade,Meri jaan le rahi hain…

दुनिया है पत्थर की जज़्बात नही समझती,दिल में छुपी है जो बात नही समझती,चाँद तन्हा है तारो की बारात में भी,दर्द ये चाँद का ज़ालिम रात नही समझती.

सस्ते में लूट लेती है यह दुनिया अक्सर उन्हें, जिन्हें खुद की कीमत का अंदाजा नहीं होता !

नहीं मांगता ऐ ख़ुदा कि ज़िंदगी सौ साल की दे, ~ दे भले चंद लम्हों की लेकिन कमाल की दे

दिल को कैसे मनाए अबवो तेरे झूठे वादे कोअब भी सच मान रहा है।

मैं सफल होना नही चाहता, ~ मैं चाहता हूँ कि मेरी जिन्दगी सफल हो |

रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ!!!

अपना 🤗भला कौन 😯क्या बिगाड़ेगा,🙄अपनी🤟 तो किस्मत😇 उसने लिखी है,✊✊जिसका 😟कोई कुछ नहीं❌ बिगाड़ सकता😅😅

यूँ ख्वाब बनकर , नींदों में ना आया करो…., . समझदार बनो, खुद आ जाया करो… **************************************

बनाते फिरते हैं रिश्ते जमाने भर से अक्सर। मगर जब घर में हो जरूरत तो रिश्ते भूल जाते हैं।।

रात सारी तड़पते रहेंगे हम अब , ~ आज फिर ख़त तेरे पढ़ लिए शाम को..!!

“एक समय में एक ही काम करो, काम पूर्ण नहीं परिपूर्ण होगा।”

कभी लतीफ़ा, कभी क़हक़हा ,कभी महफ़िल ~ बस एक उसको भुलाने के लिए जतन क्या क्या…

पुराना जहर नए नाम से पिला रहा है मुझे, ये सिरफिरा इश्क फिर से आजमा रहा है मुझे…

गुज़रता ही नहीं वो एक लम्हा, इधर मैं हूँ कि बीता जा रहा हूँ.

मेरे हालात ने कर दिया था मुझे खामोश, ~ हम जरा चुप हुए तो तुमने याद करना ही छोड़ दिया !!

वही😯 हमरे काबिल🤟 न था दोस्तों 😏वरनामोहब्बत ♥️की क्या औकात😀 जो हमे ठुकरा दे😣😣

नहीं बसती किसी और की सूरत अब इन आँखो में ~ काश कि हमने तुझे इतने गौर से ना देखा होता…

किससे मांगे दवा जख्मो की सभी ने चोटें खायी है किसी का सनम बेवफा है तो किसी का साजन हरजाई है!

कुछ भी बोले बिनाजो हमारा दुख समझ जाए वह है “माँ”

लोग कहते है कीखुश रहोमगर मजाल हैकी रहने देLog Kehte Hain Ki khush rahoMagar majal hai ki Rahane De

किस लिए वो शहर की दीवार से सर फोड़ता क़ैस दीवाना सही इतना भी दीवाना न था

दुनिया का हर रिश्ताआपसे बदले में कुछ ना कुछ मांगता हैलेकिन एक माँ ही हैजो आपको निस्वार्थ जिंदगी भर देती रहती है

आप साल बदलते जरूरी देखें हैं,मैंने सालों भर लोगों को बदलते देखा हैं..Aap saal badalte jarur dekhe hain,Maine saalo bhar logo ko badalte dekha hain..

मेरी😯 शराफत को😏 तुम बुझदिली का😑 नाम मत दो,❌क्यूंकि दबे 😟ना जब तक❌ घोड़ा,तब ✊तक बन्दूक🔫 भी खिलौना ही🤟 होती है 🔥🔥🔥

किसे सुनाएँ अपने गम के चन्द पन्नों के किस्से, यहाँ तो हर शख्स भरी किताब लिए बैठा है…

लफ़्ज़ों ने ज़िंदा रखा है आज तक कई लोगों को ~ कौन कहता है लफ़्ज़ों में जान नहीं होती

हर मर्ज़ का इलाज नहीं ,दवाख़ाने में… ~ कुछ दर्द चले जाते हैं ,सिर्फ़ आपके मुस्कुराने में

तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना रो चुका हूँ मैं कि तू मिल भी अगर जाये तो अब मिलने का ग़म होगा

अपनी🤟 औकात देख ✊कर लाइन मारा🤨 कर पगली 😯जितना तेरा 🙄अकेले का ✊वजन है,उससे🙄 कही जायदा😅 तो मेरे कपडे का🤟 वजन है 💯💯💯

करीब आने की उन्हें फ़ुरसत नहीं.. ~ और मुझपे इलज़ाम लगा है दूरियाँ बनाने का..!!

मेरी कोशिश है कि आँगन में न दीवार उठे, मेरे भाई मेरे हिस्से की ज़मीं भी तू रख ले

जिनको पकड़ा हाथ समझ कर ~ वो केवल दस्ताने निकले …

“कर्म” एक ऐसा रेस्टोरेन्ट है,जहाँ ऑर्डर देने की ज़रूरत नहीं होती।”

दोस्तों🤨 थोड़ी इज्ज़त🤟 किया करो 👍हमारी…वरना 😎Girlfriend😅 पटा लेंगे तुम्हारी😅😅😅

ऐसा🙏 है ना तू तो 🤟औकात की👍 बात कर ही मत❌क्योंकि😬 तेरी है 🤨ही नही💥💥💥

हमनें आगोश-ऐ-मोहोब्बत से सिखा है सबक, ~ जिसको रोना नहीं आता वो मोहोब्बत कर लें।

“आप अगर अपने मुसीबतों का सामना खुद नहीं कर सकते, तो आप अपने जीवन में कुछ बड़ा नहीं कर पाएंगे।”

221 ज़ोर क़िस्मत पे चल नहीं सकता ख़ामुशी इख़्तियार करता हूँ

हम वो है जो बात से जातऔर हरकतों से औकात नाप लेते हैं.!

इस कदर प्यार से मत बोला कर दुश्मनी का अहसास होता है!!!

ताजमहल को बनाना तो हमें भी आ गया है अब ~ कोई एक मुट्ठी वफ़ा ला के दे तो हम काम शुरु करे

जिसको जो कहना हैकहने दो,अपना क्या जाता है,ये वक्त वक्त की बात है,और वक्त सबका आता है।

आज नहीं तो कल तू भी,हमारे नाम का दिवाना होगा !

ताल्लुकात बढ़ाने हैं तो कुछ आदतें बुरी सीख लो.. ऐब न हों..तो लोग महफ़िलों में नहीं बैठाते..

बहुत 🤟कर लिया🦁 शेरों ने राज़🤟अब 👍आई है ✊मेरी बारी …🤝अब मैं 👍करूँगा आज शिकार 🔥🔥🔥

किसी पे मत मरना, चाहेस्वीटी हो या पारोबस पैसा कमाओ, पीछे आएगीहजारों।

“व्यक्ति का व्यवहार ही जीवन का आईना होता है।व्यवहार जितना उत्तम होगी, चमक उतनी ही ज्यादा बढ़ेगी।”

जलते है तो जलने दोभुझाना हमारा काम नहींजला जला के राख न कर द तोदू राधे मेरा नाम नहीं

नुमाइश करने से मुहब्बत बढ़ नहीं जाती….!!

“यदि आप असफलता पर ध्यान नहीं देंगे, तो आपको सफलता कभी नहीं मिलेगी”

तकलीफ उन्हें बताओ,जो उन्हें समझने के काबिल हो…Takleef unhe batao,Jo unhe samajhne ke kabil ho..

चाहे वादा करके तोड़ देनहीं करेंगे तुझसे शिकायतमैंने उनसे भी वफा करी हैजिसने करी है हमसे बगावत।

मैं वो क्यों बनु जो तुम्हें चाहिएतुम्हें वो कबूल क्यों नहींजो मैं हूंMain vo kyon Banu Jo Tumhen chahie Tumhen vo Qubool Kyon NhiJo Main Hun

प्यार उससे करो जो दिल से अच्छा हो,उससे नहीं जो केवल दिखने में अच्छे हो…Pyaar usse karo jo dil se accha ho,Usse nahi jo keval dikhne mein acche ho…

ए-खुदा✊ मेरे दुश्मनों 💥को लंबी उम्र😇 देना,ताकि🤟 वो मेरी🏆 कामयाबी देख सकें🔥🔥🔥

हम🤟 जा रहे ✊हैं वहां जहाँ😟 दिल की हो😁 कदर,👍बैठे 🤟रहो तुम😯 अपने अदाएं 🤟लिए हुए✊

मतकर इतना यकीन मुझपर,मैं तो खुदको भी धोखे में रखता हूँ..Matkar mujhpar itna yakeen,Main toh khudo ko bhi dhoke main rakhta hoon..

मुझे परहेज़ है, ज़ख्मों की नुमाइश से, ~ मेरे हमदर्द रहने दे, दिले-बीमार की बाते…

मैं एक शाम जो रोशन दिया उठा लाया, ~ तमाम शहर कहीं से हवा उठा लाया

शर्त थी रिश्ते बचाने की ~ यही वजह थी हार जाने की…

हर तरफ आप हैं तसव्वुर में ~ मेरी तन्हाइयां सुभान अल्लाह … *************************************

“अगर सूरज की तरह चमकना है तो रोज उगना पड़ेगा I”

जरूरी तो नही है कि तुझे आँखों से ही देखूँ तेरी याद का आना भी तेरे दीदार से कम नही…!!!

फ़िक्र तो तेरी आज भी है बस जिक्र का हक नही रहा…!!!

हमे अपना इश्क तो एकतरफा और अधूरा ही पसन्द है पूरा होने पर तो आसमान का चाँद भी घटने लगता है!!! ****************************************

ना-कामी-ए-इश्क़ या कामयाबी ~ दोनों का हासिल ख़ाना-ख़राबी

कभी अपनों को भूलाना ना आया;किसी के दिल को दुखाना ना आया;दुसरो की याद में तड़फन्ना तो सिख लिया;अपनी यादो में किसी को तड़फ़ाना ना आया.

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