1386+ Kanha Shayari In Hindi | श्री कृष्णा पर शायरी इन हिंदी

Kanha Shayari In Hindi , श्री कृष्णा पर शायरी इन हिंदी
Author: Quotes And Status Post Published at: September 19, 2023 Post Updated at: June 18, 2024

Kanha Shayari In Hindi : पाने को ही प्रेम कहे जग की ये है रीत,प्रेम का अर्थ समझायेगी राधा-कृष्णा की प्रीत। मन की आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है,मेरा तो हर दिन प्रिय मोहन त्यौहार हो जाता है।

श्याम की बंसी जब भी बजी है,राधा के मन में प्रीत जगी है।

राधा-राधा जपने सेहो जाएगा तेरा उद्धारक्योंकि यही वो नाम हैजिससे कृष्ण को प्यार

भगवान कृष्णा की कथा से भरा है इतिहास,अपनी अद्भुत प्रतिभा को जगाए, लहर बन जा साथी।

मधुर वाणी से मन को चीढ़ाते हैं,कृष्णा जी की मोहिनी मूरति देखाते हैं।जन्माष्टमी की रात पर उनकी याद में रोएं,प्रेम और आनंद से जीवन को सजाएं।

यदि प्रेम को समझना है तो तन की नहीं मन की आँखें खोलो, सच्चा प्रेम रूप से नहीं रूह से जुड़ा होता है।

हाल ना पूछो मोहन का सब कुछ राधे-राधे है, राधा के दिल में बसे गोकुल के कान्हा प्यारे है।

जब राम रूप में आना माँ सीता को भी संग लाना जब श्याम रूप में आना तो माँ राधा को संग लाना।

राधा-राधा जपने से हो जाएगा तेरा उद्धार, क्योंकि यही वही वो नाम हैं जिससे कृष्ण को हैं प्यार।

कन्हैया बस तेरी रहमत पर नाज करते है,इन आंखो को जब तेरा दीदार हो जाता है,मेरा तो हर दिन सांवरे त्योहार हो जाता है।

मेरे भी कई जन्म हो चुके हैंतुम्हारे भी कई जन्म हो चुके हैं,ना तो यह मेरा आखिरी जन्म है,और ना यह तुम्हारा आखिरी जन्म है।

बांधी है जिसने प्रेम की डोर, वो है प्यारा माखन चोर,हाथी-घोड़ा, पालकी जय कन्हैया लाल की, हर तरफ है यही शोर।

ना विवाह है, ना फेरे है, बस एहसासों से हम तेरे हैं ।

राधा की मोहब्बत के बिना कान्हा अधूरे है, राधा की मोहब्बत से ही श्याम पूरे है।

जय श्रीराधे राधे ! श्रीकृष्ण ज़िनका नाम है , गोकुल ज़िनका धाम है ! ऐसे श्रीकृष्ण को मेरा , बारम्बार प्रणाम है !

जिनके कान्हा के साथ रिश्ते गहरे होते हैं,उनके आज और कल दोनों सुनहरे होते हैं.!! जय श्री कृष्ण !!

प्यार मे कितनी बाधा देखी,फिर भी कृष्ण के साथ राधा देखी”..!!

एक बार माफ़ करके अच्छे बन जाओ, पर दुबारा उसी इन्सान पर भरोसा करके बेवकूफ कभी न बनो।।

माखन चुराकर जिसने खाया.. बंसी बजाकर जिसने नचाया.. ख़ुशी मनाओ उसके जन्म की.. जिसने दुनिया को प्रेम सिखाया !!

सच्चा प्यार चाहे तो पल के लिए ही हो, मगर अहसास ज़िन्दगी भर के लिए दे जाते है.,

देखो फिर कृष्ण जन्माष्टमी आयी हैं, माखन की हांडी ने फिर मिठास बड़ाई हैं कान्हा की लीला हैं सबसे प्यारी, वो दे तुम्हे दुनिया भर की खुशिया सारी

हर दिल का रिश्ता अपनी इच्छा से नही बनता है,वो तो ऊपर वाले की मर्जी से बनता है।

हरे कृष्ण हरे मुरारी, पुजती जिन्हें दुनिया सारी, आओ उनके गुण गाएं सब, मिल के जन्माष्टमी मनाए सब।

सांवरे तेरे प्रेम को नया अंजाम देने की तैयारी हैं कल तक मीरा तेरी दीवानी थी, अब मेरी बारी हैं ।

सच्ची मोहब्बत का अंजाम अगर निकाह होता, तो रुक्मणि की जगह राधा का स्थान होता…!!

दर्द क्या होता हैआप सुनना चाहोगेतो बताते हैजब हम किसी से अपना दर्द नहीं बाँट सकतेतब सबसे ज्यादा दर्द होता है

कृष्णा की ज्योति से नूर मिलता है सबके दिलों को सुरूर मिलता है जो भी जाता है कान्हा के द्वार कुछ ना कुछ जरुर मिलता है…।।

राधा-राधा जपने से हो जाएगा तेरा उद्धार, क्योंकि यही वो नाम है जिससे कृष्ण को प्यार।

आज गुलशन का नज़ारा नायाब होगा.सबके गुलाबसे प्यारा मेरा गुलाबमेरा “कान्हा” होगा.

ग्वालों के संग, माखन चोरी, राधा के संग जोरा जोरी, कान्हा ने बजा के बंसी, देखो हर ली सुध बुध मोरी।

दिल की महफ़िल में बुलाया है किसी ने, खुद बुला कर फिर सताया है किसी ने, जब तक जली शमां मचलता रहा परवाना, क्या इस तरह साथ निभाया है किसी ने.,

माखन चुराकर खाया जिसने, बंसी बजाकर नचाया जिसने,प्रेम का रास्ता दिखाया जिसने, उसके जन्मदिन की खुशी मनाओ।

एक तरफ साँवले कृष्ण दूसरी तरफ राधिका गोरी,जैसे एक दूसरे से मिल गए हों चाँद चकोरी..!!

राधा-कृष्णा ही प्रेम की सबसे अच्छी परिभाषा है, बिना कहे जो समझ में आ जाए, प्रेम ऐसी भाषा है।

माखन का कटोरा, मिशरी का थाल मिट्टी की खुश्बू, बारिश की फुहार राधा की उम्मीदे, कन्हैया का प्यार मुबारक हो आपको, जन्माष्टमी का त्योहार…।।

ज्ञानी व्यक्ति को कर्म के प्रतिफल की अपेक्षा कर रहे, अज्ञानी व्यक्ति के दीमाग को अस्थिर नहीं करना चाहिए।।

मेरे प्यारे सांवरिया,तेरी फूल सी फितरत,मेरा काटेंदार वजूद.तो क्यों ना मिलकर हम गुलाब हो जाएं.राधे राधे

राधा कृष्ण का मिलन तो बस एक बहाना था,दुनियाँ को प्यार का सही मतलब जो समझाना था।

हे अर्जुन !, मैं भूत, वर्तमान और भविष्य के सभी प्राणियों को जानता हूँ, किन्तु वास्तविकता में कोई मुझे नहीं जानता।।

कर लो भजन राधा रानी का,भरोसा नही हैं जिंदगानी का,जग में मीठा कुछ भी नहीमीठा हैं नाम बस राधा रानी का।

राधा की आँखें तरसी होंगीजब कान्हा मथुरा गये होंगेदिल भी बहुत रोया होगाजब वो रूक्मिणि के भये होंगे ।।वेद प्रकाश वेदांत

हे कान्हा, तुम्हे पाना जरूरी तो नहीं, तुम्हारा हो जाना ही काफी हैं मेरे लिए…!!

मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया जमुना के तट पे विराजे हैं मोर मुकुट पर कानों में कुंडल कर में मुरलिया साजे हैं…।।

प्रेम कितना भी सच्चा क्यों न हो,शादी आखिर वही होती है जहाँ भाग्य में लिखा होता है।

यदि प्रेम का मतलब सिर्फ पा लेना होता, तो हर हृदय में राधा-कृष्ण का नाम नही होता।।

जब तकलीफ़ हो जीने में, तोश्री कृष्ण”को बसा लो सीने में.

मुझे नहीं पता मेरी किस्मत में क्या लिखा है,बस इतना पता है कितू हर पल हर हाल में मेरे साथ दिखा है.!! जय श्री कृष्ण !!

कान्हा जी लो आज हम आपसे निकाह-ए-इश्क करते हैं.हाँ हमें आपसे मोहब्बत है मोहब्बत है , मोहब्बत है.राधे राधे

कुछ खास नही बस इतनी सी हैमोहब्बत मेरी,हर रात का आखरी खयाल औरहर सुबह की पहली सोच हो तुम!

कान्हा को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा पूरे खत में सिर्फ कान्हा-कान्हा नाम लिखा…।।

बंसी की धुन सुन, दिल में बस जाएगी, बाल कृष्ण की यादें, हमेशा याद आएगी।

गोकुल में जिसने किया निवास,उसने गोपियों के संग रचा इतिहास,देवकी-यशोदा जिनकी मैया,ऐसे है हमारे कृष्ण कन्हैया

माखन चुराकर जिसने खायाबंसी बजाकर जिसने नचायाख़ुशी मनाओ उनके जन्म दिन कीजिन्होंने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया

दौलत छोड़ी शोहरत छोड़ी सारा खजाना छोड़ दिया,कृष्णा के प्रेम दीवानों ने सारा जमाना छोड़ दिया..!!

कितना बेबस हो जाता है इंसान,जब किसी को खो भी नहीं सकता और उसका हो भी नहीं सकता।

ए जन्नत अपनी औकात में रहना,हम तेरी जन्नत के मोहताज नही.हम श्री बांकेबिहारी के चरणों में रहते है,वहां तेरी भी कोई औकात नही.

गोकुल मैं हैं जिनका वास गोपियो संग करे निवास देवकी यशोदा हैं जिनकी मैया ऐसे हैं हमारे कृष्ण कन्हैया

दे के दर्शन कर दो पूरी प्रभु मेरे मन की तृष्णा कब तक तेरी राह निहारूं, अब तो आओ कृष्णा।

मनुष्य होना मेरा भाग्य में था, कृष्ण भक्त होना मेरे सौभाग्य में था।

जब खामोश आँखों से बात होती है, ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है, तुम्हारे ही ख्यालों में खोये रहते हैं, पता नहीं कब दिन और कब रात होती है.,

जैसे राधा ने माला जपि श्याम के नाम की, मैं भी ओढु चुनरिया तेरे नाम की…!!

कृष्णा के कदमो पे कदम बढाते चलो, अब मुरली नही तो सीटी बजाते चलो राधा तो घर वाले दिलाएंगे ही, मगर तब तक गोपियाँ पटाते चलो…!!

आज मोहे दर्शन से कर दो निहाल.. आओ आओ आओ आओ यशोदा के लाल !!

कन्हैया हमारे दुलारे, वही सबसे प्यारे,माखन के लिए झगड़ जाए, गोपियाँ देखकर आकर्षित हो जाए,लेकिन सबके रखवाले, तभी तो सबसे दुलारे।

राधा-श्याम जोड़ी कुछ, भाये ऐसे जग में प्रीत की डोरी में बंधे, तेरे ही संग में

रंग बदलती दुनिया देखी देखा जग व्यवहार,दिल टूटा तब मन को भाया ठाकुर तेरा दरबार..!!

तु मिल गई है तो मुझ पे नाराज है खुदा, कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है.,

प्यार अधूरा होता है चाहने वाले के बिना,राधा अधुरी है श्याम के बिना।

राधा की कृपा, कृष्णा की कृपा, जिस पर हो जाए, भगवान को पाए, मौज उड़ाए, सब सुख पाए…!!

कृष्णा और राधा, अद्वितीय प्रेम का प्रतीक,तेरी यादों में खो जाता है मन, हो जाता है निर्वाण।

नन्द के घर आनंद आया माखन की मिठास सजायी, बाल गोपाल की मासूमियत हर दिल में बसी बनायी।

जैसा की आप सभी जानते हैं की प्यार मे धोखा मिलने पर हमे बहुत दुख होता हैं ओर हमने sad shayari पढ़ने का मन हैं

राधा कृष्ण की कृपा जिस पर हो जाए,ईश्वर को पाए ध्यान लगाए सब सुख पाए ।

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