651+ Kafan Shayari In Hindi | कफ़न ओढ़ लेंगे शायरी

Kafan Shayari In Hindi , कफ़न ओढ़ लेंगे शायरी
Author: Quotes And Status Post Published at: September 26, 2023 Post Updated at: October 20, 2023

Kafan Shayari In Hindi : कफ़न बांध कर रोज चलता हूँ मैं अपनी मौत को ढूंढने, पर जिंदगी हर रोज कहती हैं की अभी तो तुझे और तड़पना हैं इस जालिम दुनिया के आगे। यहाँ गरीब को मरने की इसलिए भी जल्दी है साहब कहीं जिन्दगी की कशमकश में कफ़न महँगा ना हो जाए।

वही तफरीक का आलम है बाद_ए_मर्ग भी यारों, न कतबे एक_जैसे हैं, न कब्रें एक जैसी हैं.!!

तूफ़ान है जिंदगी तो साहिल है तेरी दोस्ती,सफ़र है मेरी जिंदगी मंजिल है तेरी दोस्ती,मौत के बाद मिल जायेगी मुझे जन्नत,जिंदगी भर रहे अगर कायम तेरी दोस्ती।

तू बदनाम ना हो इसलिए जी रहा हूँ मैं,वरना मरने का इरादा तो रोज होता है।

कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे, ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे, ये घुट घुट कर जीने से तोह मौत बेहतर है, में कभी न जागूँ मुझे ऐसे नींद सुला दे !

कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता; गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता; एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को; क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता.

इन हसीनो से तो कफ़न अच्छा है जो मरते दम तक साथ जाता है ये तो जिंदा लोगो से मुह मोड़ लेती हैं कफ़न तो मुर्दों से भी लिपट जाता है।

“जहर पीने से कहाँ मौत आती है, मर्जी खुदा की भी चाहिए मौत के लिए !

अपने वजूद पर इतना न इतरा ए ज़िन्दगी,वो तो मौत है जो तुझे मोहलत देती जा रही है।

मौत को जीना सीखा देंगे इतना शिद्धत से ज़िन्दगी काटी है आंसू बहा करते है रोज़ फिर भी सब में खुशिया बाटी है।

ज़िन्दगी ज़ख्मो से भरी है वक्त को मरहम बनाना सीख लो हारना तो मौत के सामने है फ़िलहाल ज़िन्दगी से जीना सीख लो

कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे, ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे, यूं घुट घुट के जीने से तो मौत बेहतर है, मैं कभी न जागूं मुझे ऐसी नींद सुला दे.

तुम मेरी कब्र पे रोने मत आना, मुझसे प्यार था ये कहने मत आना, दर्द दो मुझे जब तक दुनिया में हूँ, जब सो जाऊं तो मुझे जगाने मत आना.

अगर रुक जाए मेरी धड़कन तो मौत न समझना,कई बार ऐसा हुआ है तुझे याद करते करते।

जिसकी याद में सारे जहाँ को भूल गए,सुना है आजकल वो हमारा नाम तक भूल गए,कसम खाई थी जिसने साथ निभाने की यारो,आज वो हमारी लाश पर आना भूल गए।

मौत पर मेरी को साथ अपने यार के आये हैं अपनों ने तो सिर्फ दफनाया मुझे, और वो जलाने आये है।

अपना तो कफन तक लूट लियाचिता तक तो क्या ही छोड़ेंगे..

ज़हर पिने से भी मौत नहीं होती, जब खुदा की मर्ज़ी नहीं होती।।

आज जिस्म में जान है तो देखते भी नहीं लोगजब रुह निकल जायेगी तो कफ़न हटा हटा कर देखेंगे

किसी को कितना भी अपना मान लो, एक दिन पराया होने का अहसास दिला ही देता है।

इतना दर्द तो मैत भी नहीं देती। जितनी दर्द तेरी खामोशी दे रही हैं।

बादे-फना फिजूल है नामोनिशां की फिक्र,जब हम नहीं रहे तो रहेगा मजार क्या?

कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे,ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे,यूं घुट घुट के जीने से तो मौत बेहतर है,मैं कभी न जागूं मुझे ऐसी नींद सुला दे।

ना जाने कुछ लोगो की ऐसी भी क्या नाराजगी होती है उसकी मौत पर कफ़न डालने पर भी उन्हें बड़ी परेशानी होती है।

कोई नहीं आऐगा मेरी जिंदगी में तुम्हारे में। एक मैत ही हैं जिसका मै वादा नहीं करता।

इस मरहले को भी मौत ही कहते हैं,जहाँ एक पल में टूट जाये उम्र भर का साथ।

जब से पता चला है, की मरने का नाम है ‘ज़िंदगी’तब से, कफ़न बांधे क़ातिल को ढूढ़ते हैं

जब तेरी नजरों से दूर हो जायेंगे हम,दूर फिजाओं में कहीं खो जायेंगे हम,मेरी यादों से लिपट कर रोने आओगे तुम,जब जमीन को ओढ़ कर सो जायेंगे हम…

ख्वाइशें हज़ारो इसमे दफन है,ये दिल, दिल नही जैसे कोई कफन है

तमन्ना ययही है बस एक बार आये,चाहे मौत आये चाहे यार आये।

वादे भी उसने क्या खूब निभाए हैं,ज़ख्म और दर्द तोहफे में भिजवाए हैं,इस से बढ़कर वफ़ा कि मिसाल क्या होगी,मौत से पहले कफ़न का सामान ले आये हैं।

तुमसे बस एक ही गुजारिश है मेरी की जब मिलने आओ तो हमारे लिए एक कफ़न भी लेते आना।

मौत आ जाये ग़ालिब,बस दिल ना आये किसी पर.

यहां तक के उनके मौत के बाद उन्हें अक्सर अपने वतन में दो गज़्ज़ ज़मीन तक नसीब नहीं होती यह कहानी उन्ही शूरवीर हिन्दुस्तानियो को सलाम करती है।

उसकी यादों ने मुझे पागल बना रखा है,कहीं मर ना जाऊं कफ़न सिला रखा है,मेरा दिल निकाल लेना दफ़नाने से पहले,वो ना दब जाए जिसे दिल मे बसा रखा है।

बादे-फना फिजूल है नामोनिशां की फिक्र,जब हम नहीं रहे तो रहेगा मजार क्या?

मौत में क्या रखा हैमज़ा तो जीने में है।ज़िन्दगी को क्यूँ छोड़ कर जाना,मज़ा तो यहाँ रहने में है।

ऐ मौत तुझे एक दिन आना है भले,आ जाती शब्-ए-फुरकत में तो एहसान होता।

प्यार में सब कुछ भुलाए बैठे हैं, चिराग यादों के जलाये बैठे है, हम तो मरेंगे उनकी ही बाहों में, ये मौत से शर्त लगाये बैठे हैं.

अगर तुझे चाहने से मौत आये, तू मौत कुबूल है मुझे, तुझे चाहना फितरत है मेरी, तेरे बिना बीती हर शाम, लगती फ़िज़ूल है मुझे.

आंखे खुली सुबह तो ये एहसास हुआ,की मौत ने आज फिर हमें धोका दे दिया।

छोड़ दिया मुझको आज मेरी मौत ने यह कह कर,हो जाओ जब ज़िंदा, तो ख़बर कर देना।

पता नहीं कौन सा जहर मिलाया था, मोहब्बत में तुमने, न जिंदगी अच्छी लगती हैं, ना हीं मौत आती हैं।

जहर पिने से कब मौत आती है, मर्जी खुदा की भी चाहिए मरने के लिए !

तुम समझते हो कि जीने की तलब है मुझको,मैं तो इस आस में ज़िंदा हूँ कि मरना कब है।

उसकी यादों ने मुझे पागल बना रखा है, कहीं मर ना जाऊं कफ़न सिला रखा है, मेरा दिल निकाल लेना दफ़नाने से पहले, वो ना दब जाए जिसे दिल मे बसा रखा है।

मेरी लाइफ की तीन गलतियां 1. हर किसी पर बहुत जल्दी भरोसा किया… 2. हर किसी की खुद से ज्यादा परवाह की… 3. कभी किसी को धोखा नहीं दिया…

पहले ज़िन्दगी छीन ली मुझसे,अब मेरी मौत का फायेदा उठाती है,मेरी कब्र पे फूल चढ़ाने के बहाने,वो किसी और से मिलने आती है…

जरा चुपचाप तो बैठो कि दम आराम से निकले,इधर हम हिचकी लेते हैं उधर तुम रोने लगते हो।

मत कर तू मेरा रिप्लाई बस दुआ कर की मेरी साँसे रुक जाए।

खुशी आपके लिए गम हमारे लिए,जिंदगी आपके लिए मौत हमारे लिए,हँसी आपके लिए रोना हमारे लिए,सबकुछ आपके लिए आप हमारे लिए।

पैदा तो सभी मरने के लिये ही होते हैं, पर मौत ऐसी होनी चाहिए, जिस पर जमाना अफसोस करे.

बहाने मौत के तो तमाम नज़र आते हैं,जीने की वजह तेरे सिवा कुछ नही भी।

दुनिया बहुत मतलबी हैसाथ कोई क्यों देगामुफ्त का यहाँ कफ़न नहीं मिलतातो बिना गम के प्यार कौन देगा

इन हसीनो से तो कफ़न अच्छा है; जो मरते दम तक साथ जाता है; ये तो जिंदा लोगो से मुह मोड़ लेती हैं; कफ़न तो मुर्दों से भी लिपट जाता है.

रास्ता थोड़ा आसान कर देना ऊपर वाले क्योंकि साथ चलने वालों ने रास्ते बदल दिए है..!!

मिट्टी मेरी कब्र से उठा रहा है कोई,मरने के बाद भी याद आ रहा है कोई,कुछ पल की मोहलत और दे दे ऐ खुदा,उदास मेरी कब्र से जा रहा है कोई.

मेरी बातों से तो बड़ी तकलीफ थी उन्हें । उम्मीद है कि अब मेरी, खामोशी पसन्द आयी होगी ।

मौत एक सच्चाई है उसमे कोई ऐब नहीं है क्या लेके जाओगे यारो कफ़न में कोई जेब नहीं होती।

तेरी ही जुस्तजू में जी लिए इक ज़िंदगी हम, गले मुझको लगाकर खत्म साँसों का सफ़र कर दे.

जब मेरा जनाजा इस जमाने से निकला, मेरे जनाजे को देखने सारा जमाना निकला, मगर मेरे जनाजे में वो ना निकले, जिस के लिए मै जनाजा़ बन कर निकला,

मोहब्बत और मौत दोनों बिन बुलाए मेहमान होते है, कब आजाए कोई नहीं जानता लेकिन, दोनो का एक ही काम है एक को दिल चाहिए, दुसरी को धड़कन !!

पहला प्यार सोचा था तो दूसरा हुआ क्यों अगर दूसरा प्यार सच्चा है तो पहले याद आ रहा क्यों।

पता नहीं पैसे के पीछे क्यों इतना भागते हैं, उन्हें पता नहीं मैत भी अपने ज़िन्दगी के पीछे, उसी तरह भागती हैं,

एक दिन हम भी कफन ओढ़ जायेंगे, सब रिश्ते इस जमीन से तोड़ जायेंगे, जितना जी चाहे सता लो मुझे, एक दिन रोते हुए सबको छोड़ जायेंगे !

वफा सीखनी है तो मौत से सीखो, जो एक बार अपना बना ले तो, फिर किसी का होने नहीं देती !

मौत को देखा तो नहीं पर शायद वो बहोत खूबसूरत होगी, कम्बख्त जो भी उससे मिलता है, उसी का हो जाता है।

उससे बिछड़े तो मालूम हुआ मौत भी कोई चीज़ है,ज़िन्दगी वो थी जो उसकी महफ़िल में गुज़ार आए।

जिंदगी से कुछ भी उधार नही लेते दोस्तकफन भी लेते है तो जिंदगी देकर

यहाँ गरीब को मरने की इसलिए भी जल्दी है साहब कहीं जिन्दगी की कशमकश में कफ़न महँगा ना हो जाए।

दिल अक्सर मुझे कहता है की सोजा किसी कब्रिस्तान में कफ़न ओढ़कर, में उसे बस यही कहता हूँ की जिन्दा लाश को जरुरत नहीं होती किसी कफ़न को ओढ़कर सोने की।

ना मांगिये मोहब्बत जनाब, शुक्र कीजिये की आप ज़िंदा है।।

तुम समझते हो कि जीने की तलब है मुझको,मैं तो इस आस में ज़िंदा हूँ कि मरना कब है।

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