2540+ Jimmedari In Hindi Shayari | जिम्मेदारी पर शायरी

Jimmedari In Hindi Shayari , जिम्मेदारी पर शायरी
Author: Quotes And Status Post Published at: October 2, 2023 Post Updated at: June 15, 2024

Jimmedari In Hindi Shayari : प्यार, मोहब्बत और इश्क़ जिम्मेदारी है,नादान दिल को इतनी कहाँ समझदारी है। जुबान मेरे सिर्फ इसलिए खामोश है,क्योंकि जिम्मेदारियों के बोझ से दबे है।

तुम्हारा हर रोज ख़्वाबों में आकर मिलना,मुझें सुबह जल्दी जागने नहीं देता….!

किसी को नहीं मालूम क्या बीती है उस के ऊपर दिल की दास्तान जुबाँ को कभी कहने नहीं देता… **************************************

अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने वाला व्यक्ति कभी श्रेष्ठ नहीं बन सकता

जो लोग दूसरों को आज़ादी देने से इनकार करते हैं!!वह खुद भी इसके योग्य नहीं हैं!!

वो तझको भूले हैं तो तुझपे भी लाज़िम है ~ खाक डाल आग लगा नाम न ले याद न कर…

जो दिखाई देता है वो हमेशा सच नहीं होता , बस यह निर्भर इस बात पर करता है कि आप उसे किस दिशा से देख रहे हैं ।

जहाँ दूसरों को समझना मुश्किल हो जाए,वहाँ खुद को समझना ज्यादा बेहतर होता है।

रसोई घर का चूल्हा जलेइसलिए वो धूप में खुद को जलाता है,वो मजदूर है साहबकहाँ किसी को अपना दर्द बताता है.

क्यों डरे कि जिंदगी में क्या होगा , हर वक्त क्यों सोचें कि बुरा होगा , बढ़ते रहें मंजिल की ओर हम , कुछ ना मिला तो क्या हुआ तजुर्बा तो नया होगा ।

हमारा हर राह पर बनता है सहारा, जग में होता है सबसे न्यारा, बड़ा भाई होता है बेहद ही प्यारा।

“ छोटी उम्र में भी अपनेपैरों पर खड़े हो जाते है,जिम्मेदारियां हो सिरपर तो बच्चे बड़े हो जाते है….!!

हम खुद को बरगद बनाकर, जमाने भर को छाँव बाँटते रहे.. मेरे अपने ही हर दिन मुझको थोडा-थोडा काटते रहे .. ****************************************

नहीं समझते वो माता-पिताके प्रति अपनी जिम्मेदारी,पर उनकी दौलत में चाहिएसभी को बराबर की हिस्सेदारी.

इतना प्यार तो मैंनेखुद से भी नहीं किया,जितना तुमसे हो गया है ।

मौत आ रही है वादे पे या आ रहे हो तुम कम हो रहा है दर्द दिल-ए-बे-क़रार का

कही धूप है तो कही छांव है, मेरे भाई को देख आगे बढ़ते मेरे पांव है।

होशियार बनना चाहते हैं तो बस एक काम कीजिए ज़िम्मेदार बनिए

आखिर गिरते हुऐ आँसुओं ने पूछ ही लिया….. ~ निकाल दिया न मुझे उसके लिऐ जिसके लिए तु कुछ भी नही…

उन्होंने ने कहा तुम्हारी आँखेंबहुत खूबसूरत हैंहमने भी कह दिया तुम्हारें ख़्वाबजो देखती हैं…❣️❣️

चीजों की कीमत मिलने से पहले होती है और इंसानों की कीमत खोने के बाद।

सब छोड रहे हैं मुझे अपना बनाकर, ऐ जिंदगी तुझे भी इजाजत है… **************************************

कोई सिखा दे हमें भी वादों से मुकर जाना, बहोत थक गये हैं, निभाते निभाते… **************************************

मेरे बटुए में तुम पाओगे अक्सर नोट खुशियों के, मैं सब चिल्लर उदासी के अलग गुल्लक में रखता हूं **************************************

भाई-बहन का रिश्ता,प्यार और खुशियों का बंधन होता है,वो खून के रिश्तो का मोहताज नहीं होता।

हाँ है,तो मुस्कुरा दे… ना है, तो नज़र फेर ले…! यूँ शरमा के आँखें झुकाने से, उलझनें बढ़ जाती हैं…!!!

पायेदारी क्या कि एक ही लहर से गिर गए ~ कुछ मकां तूफ़ान की झूठी खबर से गिर गए!

ना जाने क्यों अधूरी सी रह गई जिंदगी मेरी.. लगता है जैसे खुद को किसी के पास भूल आया हूँ

कोई कोहिनूर भी दे तो मैं सौदा नाकरूँ, जनाब… उसके इश्क से भरी हैमेरे दिल की तिजोरी…❤️

खुशी के माहौल में, मौत का फरमान आ रहा हैं, जो कहते थे की गांव में क्या रखा है, आज उन्हें भी गांव याद आ रहा हैं।।

हुकुमत वही करता है जिसका दिलों पे राज होता है, वरना युं तो गली के मुर्गो के सर पर भी ताज होता है..

किस्मत में न सही, पर ख्वाब है तू !!अधूरा सा पूरा हुआ मेरा एहसास है तू !!मेरे हर अधूरे सपने को😀पूरा करने वाला ख्वाब है तू !!💌

अलविदा कहते हुए,जब उससे कोई निशानी मांगी वो मुस्कुराते हुए बोली जुदाई काफी नही है.क्या ?

प्रत्येक #व्यक्ति को अपने आचरण का परिणाम #धैर्यपूर्वक सहना चाहिए.

आज फिर हास्टल में कहीं से इक मीठी खुशबू छाई है,लगता है किसी के हिस्से में माँ के हाथ की रोटी आई है।

जीने के लिए रोज़ हँस लेता हुँ, मगर, रोज़ थोड़ी थोड़ी ज़िन्दगी बेच लेता हुँ…

बड़ा मुश्किल है, जज़्बातो को कागज में उतारना, हर दर्द ~ ~ महसूस करना पड़ता है, यहाँ लिखने से पहले

जब तुम पूछोगी मीठे में क्या लेंगे,तो कमबख़्त ये निगाहें तुम्हारे लबो पेजा रुकेंगी..!

मान लेता हु तेरे वादों को, ~ भूल जाता हूँ में की तू ह वही.

बदल जाओ वक्त के साथ या वक्त को बदलना सीखो , अपनी मजबूरियों को मत कोसों हर हाल में चलना सीखो ।

हर व्यक्ति अपने कर्मों का खुद ज़िम्मेदार होता है और उसके फल का ज़िम्मेदार भी वही होता है।

उसका बचपना तुरंत फरार हो जाता है, जब घर का खर्चा उठाते-उठाते वो इकलौता लड़का घर का ज़िम्मेदार हो जाता है।

आदत लग गई है तुम्हें देखने की,अब इसे से तुम प्यार कहो या पागलपन..!!

सुलझा रहा हूँ एक एक करके सारी उलझनें, ~ जाने क्या होगा जब इश्क से सामना होगा ..!!!

रैक आपको विशेषाधिकार या शक्ति नहीं देती!!ये आपके ऊपर जिम्मेदारी डालती है!!

बुरे वक्त में एक दूसरे की !!मदद करना जरूरी होता है !!इंसानियत के फर्ज को !!अदा करना जरूरी होता है !!

जादू है या तिलिस्म तुम्हारी ज़बान में तुम झूट कह रहे थे मुझे एतिबार था

अच्छे कामों की #सिद्धि में बड़ी देर लगती है, पर बुरे कामों की सिद्धि# में यह बात नहीं होती.

जिम्मेदारियों का बोझ जब मेरे कन्धोंपर आया तो समझ में आया.क्यों पिताजी कहते थे? कि पढ़ लोएक दिन तुम्हारे काम आएगा।

एक उम्र होता है जब हर कोई2-4 घंटे पढ़ाई करके थक जाता है,लेकिन जब जिम्मेदारियाँ बढ़ती हैतो वहीं व्यक्ति 12-16 घंटे कार्यकरके भी थकता नहीं है.

दिलों में रहना सीखो,गुरुर में तो हर कोई रहता है,गुरूर में इंसान को इंसान नहीं दिखता,जैसे छत पर चढ़ जाओ तो,अपना मकान नहीं दिखता।

ताउम्र लगे रहे जिम्मेदारी निभाने को, बस अपना ख़्वाब ही पूरा न कर सके….

कुछ इस तरह बिखरे उसकी मोहब्बत में हम ~ कि टूटा भी कुछ नहीं और बचा भी कुछ नहीं

खुशी देने में और दूसरों की सेवा करने में शामिल है।

खुशी और गम एक दूसरे के समांतर चलते हैं जब एक शांत होता है तो दूसरा भी शिथिल पड़ जाता है

“हमें अपने आप को नहीं अपने जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेना चाहिए।”

बड़ा वेतन और छोटी #जिम्मेदारी शायद ही कभी एक साथ पाए जाते हैं. ||

बड़ी अजीब सी बादशाही है दोस्तों के प्यार में, ना उन्होंने कभी कैद ~ में रखा, न हम कभी फरार हो पाए..

किसी और की क्या तारीफ करू,जब मेरा हमसफर ही लाजवाबहैं..!❣️❣️

“जिस चीज पर हम भरोसा करते हैं , उससे उलट काम करता है, तो खुशी नहीं मिल सकती।” फ्रीया सटाक

जिंदगी हर किसी को अपना बुरा वक्त बदलने के लिए,दूसरा मौका देती है,उसे हम कल कहते हैं l

बदल देना है रास्ता या कहीं पर बैठ जाना है की थकता जा रहा है अब ये सफ़र आहिस्ता आहिस्ता!

कश्तियाँ मौज़ों में तूफ़ान में लंगर डूबे हम बचे थे तो किनारे पे पहुंच कर डूबे मैं तो कतरा था नज़र उनसे मिलाता कैसे ऐसी आँखें के समंदर के समंदर डूबे…

कुदरत ने लिखा था तुमको मेरी तमन्नाओं में ख्यालों में मगर मेरी किस्मत में तुम न थे ये और बात है!!!

काश तुम पूछो मुझे क्याचाहिए❤️मैं पकडूं हाथ आपका और कहूंतेरा साथ चाहिए।💞

पुरुष तब जिम्मेदार बनता है,जब बच्चे का बाप बनता है।

ना चाहकर भी घर से निकलने को तैयार होना पड़ता है, छोटे घर के लड़कों को ज़िम्मेदार होना पड़ता है।

कर्तव्यों भावनाओं में उपयोगी हैं, लेकिन अप्रियता का उद्देश्य संबंधों के संबंध में है

हर व्यक्ति अपने कर्मों का खुद ज़िम्मेदार होता है और उसके फल का ज़िम्मेदार भी वही होता है।

इतनी बारिश हो रही है फिर भी किसी की ~ Girlfriend बहकर मेरे पास नहीं आ रही हैं..

किसी ने यूँ ही पूछ लिया हमसेकी दर्द की कीमत क्या है,हमने हँसते हुए कहा पता नहींकुछ अपने मुफ्त में दे जाते है।

जिंदगी का हर एक रिश्ता विश्वास पर टिका होता है,उस विश्वास को कभी टूटने नहीं देना चाहिए l

इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है,दिन कोई भी हो लेकिन त्यौहार हो जाता है😍

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