1135+ Jazbaat Shayari In Hindi | जज्बात शायरी इन हिंदी

Jazbaat Shayari In Hindi , जज्बात शायरी इन हिंदी
Author: Quotes And Status Post Published at: October 4, 2023 Post Updated at: April 11, 2024

Jazbaat Shayari In Hindi : अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे, हर ख्वाब मे बुलाया है तुझे, क्यू न करे याद तुझ को जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे. जान हैं मुझको जिंदगी से प्यार। जान के लिए कर दू कुरबान यारी। अब आपसे हि क्या छुपाना। आप ही तो है जान हमारी।

आसमा में किनते तारेपर चांद जैसा कोई नहींइस धरती पर कितने चहरेपर आप जैसा कोई नहीं।

सफ़र दो कदम है जिसे इश्क लोग कहते है ~ मगर इश्क वाले हर सफ़र में ही रहते है!!!

तेरी दिल फरेब अदाए मेरी जान ले सकती है,अपना अंदाजे नज़र बदलो मेरी ज़िन्दगी का सवाल है।

मैं नींद का शौक़ीन ज्यादा तो नही.. ~ लेकिन तेरे ख्वाब ना देखूँ तो.. गुज़ारा नही होता..!!

हम अपनी ही दुनिया में मशरूफ रहते हैं जनाब छेड़ना तभी जब झेलने का दम हो ।

समझदारो की इस दुनिया में हम पागल ही अच्छे है साहब, हम अपने ख्वाब तोड़ देते है पर किसी का दिल नहीं तोड़ते ।

हम को हरगिज़ नहीं ख़ुदा मंज़ूरया’नी हम बे-तरह ख़ुदा के हैं

ख़बर उस बेखबर की ला देती ~ तुझ से इतना भी ए सबा न हुआ

मेरे हवास इश्क़ में क्या कम हैं मुंतशिर ~ मजनूँ का नाम हो गया क़िस्मत की बात है

हर तरह के जज़्बात का ऐलान हैं आँखें,शबनम कभी शोला कभी तूफ़ान है आँखें।शकील हैदर

किसी की चाहत पर हमे अब एतवार न रहा,अब किसी भी ख़ुशी का हमे एहसास न रहा,इन आँखों ने सपनो को टूटते देखा है,इसलिए अब जिंदगी में किसी का इंतज़ार न रहा.

वो आज करते है नज़र अंदाज़ तो बुरा क्या मानू ~ टूट कर मोहब्बत भी तो सिर्फ़ मैंने की थी

उसका इश्क़ भी चाँद जैसा था ~ जैसे पूरा हुवा तो घटने लगा

हमें नाज है अपनी परवरिश पर हम गुस्से में भी बात करने की तमीज नहीं भूलते ।

ला-हासिल ही सही मगर ~ मोहब्बत तुझ से ही है

हर एक पल उदासी छाई है,खुशी में मेरी एक कमी छाई है,इज्जत के लिए हमने प्यार की परवाह नहीं की,अब इज्जत मिली भी तो प्यार में कमी आई है.

सांस लेने से तेरी याद आती है,सांस नहीं लेता तो जान भी जाती है,कह दू कैसे की इस सांस से जिंदा हूं मै,ये सांस भी तो तेरी याद के बाद ही आती है.

निगाहों से भी चोट लगती है साहिब ~ जब कोई देख के अनदेखा कर दे

माँग लूँ यह दुआ कि फिर यही जहाँ मिले, फिर वही गोद मिले फिर वही माँ मिले।

चलो ख़ामोशियों की गिरफ़्त में चलते हैं,बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जायेंगे।

मन रे मसखरी न कर, बात तू खरी खरी कर, कीमती जज़्बात है ये, इनकी तस्करी न कर.

बहुत से रिश्ते खत्म होने की ये भी वजह होती है,एक सही से बोल नही पाता है,और एक सही से समझ नही पाता है.

एक उमर गुज़ार आये तो महसूस हुआ ~ इस तरह तो जीने का इरादा ही नहीं था

मेरी हर दुआ है तेरे लिए, तेरी हर मुसीबत और लंबी उम्र के लिए, दिल जानता है तू न हो, तो धड़केगा किस के लिए। Happy Birthday Dear

अंजाम चाहे जो भी हो लेकिन अब खेल तो बड़ा ही खेलेंगा या तो हार होगी या इतिहास बनाएंगे ।

मां वो सितारा है जिसकी गोद में जाने के लिए हर कोई तरसता है, जो मां को नहीं पूछते वो जिंदगी भर जन्नत को तरसता है।

दिल को हर लम्हा बचाते रहे जज़्बात से हमइतने मजबूर रहे हैं कभी हालात से हमजाँ निसार अख़्तर

एटीट्यूड में उसे ही दिखाती हूं जिसे मेरी तमीज समझ नहीं आती ।

जिस चांद को हज़ारों चाहने वाले होवो क्या समझे एक तारे की कमी।

उदास हूँ, पर आपसे नाराज नहीं;आपके दिल में हूँ, पर आपके पास नहीं;झूठ कहूँ तो सब कुछ मेरे पास हैं,और सच कहूँ, तो आपकी यादो केसिवा कुछ भी नहीं.

चलो माना हमें तन्हाई का इज़हार करना नहीं आता, जज्बात ना समझ सको इतने नादान तुम भी नहीं।

वक़्त तेज़ी से बदल गया ~ और तुम…वक़्त से ज़्यादा तेज़ निकली

जज़्बात लिखे तो मालूम हुआ,पढ़े लिखे लोग भी पढ़ना नही जानते।

तेरी यादों को पसन्द आ गई मेरे आँखों की नमी,अब हँसता हूँ तो रुला देती है तेरी कमी.

आज जन्मदिन है आपका, सारे झगड़े भुला दो, चलो बाहर चलते हैं, कुछ अच्छा-सा खिला दो। जन्मदिन की बधाई हस्बैंड जी

चुपचाप गुज़ार देगें तेरे बिना भी ये ज़िन्दगी, ~ लोगो को सिखा देगें मोहब्बत ऐसे भी होती है।

मोहब्बत हाँथ में पहनी हुई चूड़ी के जैसी है, संवारती है खनकती है खनक कर टूट जाती है !

जन्मदिन पर आज मैं दुआ करती हूं, जवानी ईमानदारी के साथ बिताओ, धीरे-धीरे खाओ, अपनी उम्र के बारे में, प्लीज झूठ बोलना सीख जाओ। हैप्पी बर्थ डे लव

घुटनों से रेंगते-रेंगते जब पैरों पर खड़ा हुआ, माँ तेरी ममता की छाँव में जाने कब बड़ा हुआ।

जैसी भी हूँ खुद के लिए बेमिसाल हूँ में किसी को हक नहीं कि मेरी परख करें ।

मेरी दहलीज़ पे आ रुकी है दस्तक ऐ मुहब्बत ~ मेहमान नवाज़ी का शौक़ भी है और उजड़ जाने का खौफ़ भी!!!

अलफ़ाज़ नहीं बचे अब सबकुछ लिख चूका हूँ, ~ शायद मोहब्बत के खातिर पूरी तरह बिक चूका हूँ…..

दीदी कहती हैं उस पगली लड़की की कुछ औकात नहीं ,उसके दिल में भैया , तेरे जैसे प्यारे जज्बात नहीं ,

जब बाबा वाली बैठक में कुछ रिश्ते वाले आते हैं ,जब बाबा हमें बुलाते हैं , हम जाते हैं , घबराते हैं ,

याद करेंगे तो दिन से रात हो जायेगी, आईने को देखिये हमसे बात हो जायेगी, शिकवा न करिए हमसे मिलने का, आँखे बंद कीजिये मुलाकात हो जायेगी।

नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही,इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यों नही।

अपने वजूद पर इतना न इतरा ए ज़िन्दगी.. ~ वो तो मौत है जो तुझे मोहलत देती जा रही है!!

तेरे पास आने को जी चाहता है ~ नये ज़ख्म खाने को जी चाहता है

आँखें हैं कि ख़ाली नहीं रहती हैं लहू से और ज़ख़्म-ए-जुदाई है कि भर भी नहीं जाता

हम खुशियों में मां को भले ही भूल जाए, जब मुसीबत आ जाए तो याद आती है मां।

हमारे जज्बातों की दुनिया बहुत ही हसीन है, जो इस खुबसूरत दुनिया में जीते उनके नसीब है।

अब मेहनत दिन रात होंगी , सब्र कर मेरे भाई , जल्द ही अपनी भी उंची औकात होगी .. !!

इस स्वार्थ भरी दुनिया में अपने और पराए का भी भेद करना सीख लिया हमने जो मुसीबत के समय साथ दे वही अपना और जो भाग खड़ा हो वो पराया ।

चांद बिना बादल फीके हो जाते हैवैसे ही तुम बिन हम फीके हो जाते है।

घिस –घिस कर घाव भरने वाली नीम की छाल है माँ,टूट जाती फिर भी फिर भी फल पकती वो डाल है माँ

ख़्वाबों में जो इक शहर बना देता है मुझ को ~ जब आँख खुली हो तो वो चेहरा नहीं होता

अलफ़ाज़ गिरा देते हैं जज़्बात की क़ीमतजज़्बात को लफ़्ज़ों में न ढाला करे कोई

मैं कामयाब-ए-दीद भी महरूम-ए-दीद भी ~ जल्वों के इज़दिहाम ने हैराँ बना दिया

बुत भी रक्खे हैं नमाज़ें भी अदा होती हैं ~ दिल मेरा दिल नहीं अल्लाह का घर लगता है…

क़िस्मत तो देख टूटी है जा कर कहाँ कमंद ~ कुछ दूर अपने हाथ से जब बाम रह गया

अब तो उनकी याद भी आती नहीं ~ कितनी तन्हा हो गयीं तन्हाईयाँ

फ़ासले तो दिलों के हुआ करते हैं , दूरियों के नही … ~ चाहने वाले तो …… तस्वीर में भी …..मिल लेते हैं

तन्हाई क्या होती उस माँ से पूछो, जिसका बेटा घर लोट कर नही आया।

ये नफरत नहीं फितरत है मेरी, जिसे छोड़ दिया उसे छोड़ दिया।

एक दो दिन मे वो इकरार कहाँ आएगा ,हर सुबह एक ही अखबार कहाँ आएगा ,आज जो बांधा है इन में तो बहल जायेंगे ,रोज इन बाहों का त्योहार कहाँ आएगा…!!

यादो में कभी आप खोये होंगे;खुली आँखो से कभी आप भी रोये होंगे;माना हमे आदत हैं, गम छुपाने की;पर हँसते हुए कभी आप भी रोये होंगे.

ना सीख लेना तुम बेरुख़ी भी ज़ालिम ज़माने से ~ कि तुम जो सीख लेते हो हम पर आज़माते हो..

चांद को प्यारी है उसकी चांदनी, चांदनी को प्यारी है रात, रात को प्यारी है अनमोल जिंदगी, और हमें जिंदगी से प्यारे हैं आप। हैप्पी बर्थडे डियर माय लव

यादों का ज़हर दिल में फ़ैल गया, ~ देर कर दी उसे भुलाने में

लिख चुके है तेरे लिए जज्बात बहुत सारे, फिर भी जितना तुझे चाहा कभी लिख नहीं पाये।

हम समंदर है हमें खामोश ही रहने दो, अगर जरा सा तहलका मचा तो पूरा शहर ले डूबेंगे।

जिस सम्त भी देखूँ नज़र आता है कि तुम हो ऐ जान-ए-जहाँ ये कोई तुम सा है कि तुम हो

Recent Posts