1577+ Insaniyat Shayari In Hindi | इंसानियत पर शायरी

Insaniyat Shayari In Hindi , इंसानियत पर शायरी
Author: Quotes And Status Post Published at: September 19, 2023 Post Updated at: June 16, 2024

Insaniyat Shayari In Hindi : ​​हमारी आरजूओं ने हमें इंसान बना डाला​, ​वरना जब जहां में आये थे बन्दे ​​​थे खुदा के​।​ दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते, पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग।

मजबूत होने में मजा ही तब है,जब सारी दुनिया कमज़ोर करदेने पर तुली हो.

यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं,मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे..!!

“किसी के पैरों में गिरकर प्रतिष्ठा पाने के बदले अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो।”

उम्मीद से भरी एक नई सुबह मेंआपका स्वागत हैसुप्रभात

दिल पे ना लीजिए,अगर कोई आपको बुरा कहे,ऐसा कोई नहीं हैं.जिसे हर शख्स अच्छा कहे.

#बेजान चीज़ों को बदनाम करने के, तरीके कितने आसान होते हैं, लोग सुनते हैं #छुप-छुप के बातें, और कहते हैं कि #दीवारों के भी कान होते हैं…

जो लोग #जाती के नाम पर भेद भाव करते हैं, वह #मुसीबत के वक्त उनसे भी सहायता# लेने से नहीं कतराते है।

दुनिया इंसान की अच्छाई पर हमेशा चुप रहती है, बात अगर बुराई की हो तो गूंगे भी बोलने लगते हैं।

जो लोग झूठ और बाहरी दुनिया केदिखावे में रहना चाहते हैं…उनके लिए सच को हजम करनाबहुत कठिन होता है।

गंगा मे डुबकी लगाकरतीर्थ किए हजार इनसे क्याहोगा अगर बदले नही विचार

जो हमें तकलीफ़ देते हैं, हम उनकी ख़ुशी की भी दुआ करते हैं।

तू इश्क की दूसरी निशानी दे दे मुझको, आँसू तो रोज गिर कर सूख जाते हैं।. Tu Ishq Ki Doosari Nishani De De Mujhko,Aansoo Toh Roj Gir Ke Sookh Jate Hain.

कामियाबी ऊपर और इंसानियत नीचे रह गई,पैसे कमाने की ख्वाहिश मेंमानवता कहीं पीछे रह गई!

ज़िन्दगी में जो भी मिला एक सबक दे गया, यहां तो हर शख्स मतलबी निकला।

धन आते ही सुख मिलेगाइसकी कोई गारंटी नही किन्तुइन्सानियत आते ही जीवन सुखमयबनेगा इसमे कोई संदेह नही.

थोड़े से बेपरवाह बने रहने से ही जिंदगी का मजा लिया जा सकता है…ज्यादा सोचते रहने से जिंदगी में उलझकर रह जाओगे!!

मन की दुर्बलता से अधिक भयंकर और कोई पाप नहीं है -स्वामी विवेकानंद

मुझें अकेले चलने में बड़ा मज़ा आता है, ना कोई आगे चलता है और ना कोई पीछे छूटता है….

जो उड़ने का शौक रखते है,वो गिरने का खौफ़ नही रखते!

चाहत वो नहीं जो जान देती है, चाहत वो नहीं जो मुस्कान देती है, ऐ दोस्त चाहत तो वो है,जो पानी में गिरा आंसू पहचान लेती हैं.

एक बात तो पता लग गईप्यार तो रहना ही कहां थापैसा ना हो तो ज्यादा दिनदोस्त भी साथ नहीं रहते

हम खुद को बरगद बनाकरज़माने भर को छाँव बांटते रहे,मेरे अपने ही हर दिनमुझको थोड़ा-थोड़ा काटते रहे.

अगर मोहब्बत की हद नहीं कोई, तो दर्द का हिसाब क्यूँ रखूं। Agar Mohabbat Ki Hadd Nahin Koi,Toh Dard Ka Hisaab Kyun Rakhoon.

कोई देखे या न देखे ईश्वर आपके हर कर्मो का हिसाब रखता हैं।

हर आदमी होते हैं दस बीस आदमी जिसको भी देखना कई बार देखना।

कौन किस कौम का है ये सवाल ही ना होता,सिर्फ मानवता एक धर्म होता तो ये हाल ही ना होता…

धुप उठा लेलम्बा सफर हैकाम देगी छाँव भी रख लेथकने लगेगा तो आराम देगी

इंसान की आधी खूबसूरती उसकी जुबान में होती है।

चन्द सिक्कों में बिक गए वो लोग, जो कल तक ईमानदारी के रास्ते के रहनुमा थे!!

जिस रात खेला जाता होगा उसके जिस्म से उस रात पे क्या गुजरती होगी।

“किस्मत साथ दे या न दे तुम मेहनत करते रहो क्योंकि किस्मत को मेहनत से ही हराया जा सकता है.”

मुझे हराकर कोई मेरी जान भी ले जाये तो मुझे मंजूर है, लेकिन धोखा देने वाले को मैं दोबारा मौका नहीं देता।

कल चाहे कितना भी बुरा था, बीत गया।आपको नई सुबह की शुभकामनाएं।

किसी भी इंसान का “महान चरित्र”उसके “व्यक्तित्व” और “विचारों” पर निर्भर करता है।

इंसान का इंसान से नफरत करना जारी है,इसलिए इस दुनिया में मानवता हारी है.

मजहब की गुलामी करते-करतेभूल गए हम इंसानियत।

छोटी सी है जिंदगी हमारी हर बात में खुश रहना सीखिए,आने वाला कल किसने देखा है अपने आज में खुश रहना सीखिए – Good Morning”

जो निरंतर मेहनत करते है उनके रिजल्ट की चिंता स्वंय ईश्वर करते है

क्योंकि उम्मीद इंसान उसी से रखता है जिसको वो अपने सबसे करीब मानता हैं

यूं जो फेंक देते हो बचे हुए खाने कोअंदाजा भी है कितने बच्चेतरसते हैं इसे खाने को !

“हारना मंजूर है मुझे पर खेल तो बड़ा ही खेलूंगा।”

गलत पासवर्ड से एक छोटा सामोबाईल का लॉक तक नहीं खुलता,गलत तरीके से जिंदगी जीने सेजन्नत के दरवाजे कैसे खुलेंगे.

समय के पास इतना समय नहीं है कि आपको दोबारा समय दे सके।

इश्क मोहब्बत क्या है मुझे नहीं मालूम, बस तुम्हारी याद आती है,सीधी सी बात है।

हर “challenge” में एक“chance” छिपा हुआ होता है।

किराए के घर कोअपना मकान समझते हैयह भूत है पत्थर के खुदको इंसान सोचते है.

जिस समाज में #इंसानियत की कदर नहीं होती, वह समाज पढ़ लिखकर# भी अनपढ़ ही कहलाया जाता हैं।

पहले ज़मीं बँटी फिर घर भी बँट गया,इंसान अपने आप में कितना सिमट गया।

आज का इंसान,सच्ची बातें दिल पे नहीं लेता,और झूठी दिमाग पे ले लेता हैं.

जैसे सूरज की किरण आते हीअंधेरा अपने आप दूर हो जाता हैवैसे ही ज्ञान की रोशनी होते हीजिंदगी के अज्ञानता के अंधेरे मिट जाते हैं।

इंसान अगर अपनी जुबान पर काबू रखें तो बहुत सारी मुसीबतों से बच सकता

प्रार्थना तभी सफल होती हैजब भरोसा पक्का होता हैऔर प्रयास तभी सफल होते हैंजब मेहनत और लगन सच्ची होती है।

“उदास होने के लिए जिंदगी पड़ी है, सामने देखो मंजिल खड़ी है।”

जैसे मोरों में शिखा और नागों में मणि का स्थान सबसे ऊपर हैं , वैसे ही वेदांग और शास्त्रों में गणित का स्थान सबसे ऊपर है।

कोई मजहब बुरा नहीं होता बुरे लोग होते हैंजानवर इंसान नहीं बनता कभीलेकिन इंसान जानवर जरूर बनते हैं !

जिसमे इंसानियत नाहो वो जिन्दा रह कर भी मुर्दा है। उसके पढ़े लिखे होने का भी न उसे कुछ फायदा है।

मेरी #पहली इच्छा मानवजाति# के प्लेग , युद्ध को इस #धरती से ख़त्म करने की है .

उजालों में मिल ही जायेगा कोई ना कोई,तलाश उस हिरे की हैं जो अंधेरों में भी साथ दे.

सोचा कुछ पल तेरे नाम करता चलूँ, एक sms से तुझको सलाम करता चलूँ, सुबह सुबह तुझको अपनी याद दिला दूँ, खुशियों की दुआएं तमाम करता चलूँ.

इसीलिए तो यहाँ अब भी अजनबी हूँ मैं तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं।

इंसान तो हर घर में पैदा होते हैं,परन्तु इंसानियत कुछ ही घरोंमें जन्म लेती हैं.अज्ञात

सच बोलने वालों की बातेंतीखी और कड़वी जरूर होती है…लेकिन उन लोगों से कभी डरना नहीं चाहिए…क्योंकि वह कभी धोखा नहीं देते!!

नीम के पत्ते कड़वे ही सही, पर खून तो साफ़ करते हैं।

लोग अक्सर खफ़ा रहते हैं मुझसे, क्योंकि मेरे लब वही कहते हैं जो मेरे दिल मे रहता है।

जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी,उस काम को करने में हैं,जिसे लोग कहते हैं.“तुम नहीं कर सकते”

इंसान जिंदगी मे गलतियाँ करके इतना दुःखी नही होता, जितना की वो बार बार उन गलतियों के बारे मे सोचकर होता है…

“मैं असफल नहीं हुआ हूँ, मैंने बस 10,000 ऐसे तरीके ढूंढ़े हैं जो काम नहीं करते।” – थॉमस एडिसन

उठो जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको।” – स्वामी विवेकानंद

मजहब की गुलामी करते-करतेभूल गए हम इंसानियत.

पैसा आने पर बटुआ फूल जाता है,इंसान रिश्ता, दोस्ती, प्यार सब भूल जाता है।

आँखें👀 खोलो भगवन का नाम लो,सांस लो ठंडी हवा का जाम लो,फिर ज़रा मोबाइल📱 हाथ मैं थाम लो,और हम से 1 दिलकश सुबह का पैगाम लो,🌹सुप्रभात …

वो जो समझे थे तमाशा होगा, मैंने चुप रहकर सारी बाज़ी ही पलट दी।

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