2591+ Insan Ki Pehchan Shayari In Hindi | इंसान की पहचान शायरी

Insan Ki Pehchan Shayari In Hindi , इंसान की पहचान शायरी
Author: Quotes And Status Post Published at: August 9, 2023 Post Updated at: June 27, 2024

Insan Ki Pehchan Shayari In Hindi : आशिक इश्क में सब कुर्बान कर देते है, आँखों से आँसू ने निकले तो भी दर्द को पहचान लेते है. पहचान पाने के खातिर पूरा जीवन लगा दिया, चंद रूपयों के लालच में ईमान को दांव पर लगा दिया.

हमारी नज़रों से नज़रें मिलाओ,ऐसे मुझसे नज़रें ना चुराओ।कितने घटिया हो तुम हम जान गए हैं,अब मुझे अपनी बातों में ना फ़साओ।

पर्सनालिटी ही हमारी कुछ ऐसी है हम उनके नहीं होते जो सबके होते हैं

नफरत जो करें, उस इंसान की शायद फितरत नहीं होती. वक्त दे आपको, हर किसी को इतनी फुर्सत कहां होती.

मतलबी लड़ की से अच्छी तो मेरी सिगरेट है यारों,जो मेरे होठ से अपनी ज़िन्दगी सुरु करती हैं,और मेरे कदमो के नीचे अपना दम तोड़ देती हैं,

जिन्दगी में न कोई राह आसान चाहिए, न कोई अपनी ख़ास पहचान चाहिए, बस एक ही दुआ मांगते है रोज भगवान से आपके चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान चाहिए.

उसके जाने के बाद ये दर्द ठहर क्यों नही जाता, वो मेरे ही अंदर कहीं मर क्यों नही जाता

कैसे करू भरोसा गैरो के प्यार पर,अपने ही मजा लेते हैं अपने कि हार पर,

घटिया लोगो की सबसे बड़ी पहचान यह है की,उन्हें आप जितनी ज्यादा इज्ज़त दोगे ,,वो आपको उतनी ही ज्यादा तकलीफ देंगे।

पिताजी की शिक्षा और सबक ही जिंदगी की असली नींव होती है।

नज़र की अपनी कोशिश थी ये दिल के अपने मसले थे वो मिलकर भी था मिला नहीं हाल कुछ ऐसे बदले थे

हर दर्द खुद सहकर, जिसने मुझे रखा है हर गम से महफूज, वह हैं मेरे पापाजी।

क्यों मायके की चौखट लांघते, आपने छुड़ा ली अपनी उंगली,मैं कल भी आपकी बेटी थी, आज भी और कल भी आपकी बेटी ही रहूंगी।

दिमाक में धोखा, होठों पर मुस्कान होती है, दोगले लोगों की सिर्फ यही पहचान होती है।

माहौल का क्या है यारोंहम जब चाहेंगे तब बदल देंगे.

दोस्त बनकर जो धोखा दे,उससे बड़ा कोई दुश्मन नहीं हो सकता।

आप जीवन में जितने अच्छे होंगे,आपका पाला उतने घटिया लोगो से ज्यादा पड़ेगा।

कब तक रहेंगे तन्हाइयों में घिरे कोई तो होगा हमारे भी लिए

“ बहुत अच्छा हूं मैं मेरी नजर में,आप के नजर में क्या हूंकिसको पड़ी है…!!

इतिहास टकराने वालो कालिखा जाता है तलवे चाटनेवालो का नहीं.!

कितना संभलकर चलूंगा मैं कभी ना कभी तो गिरुंगा मैं सौप कर जिंदगी उस खुदा को फिर एक दिन मौत से मिलूंगा मैं

मेरी दुनिया का हर शख्स मतलबी निकला,घर एक आईना था बस वही वफादार निकला।

"भूल होना प्रकृति है,मान लेना संस्कृति है,और सुधार लेना प्रगति है!!"mai galat hu shayari

बड़ा दर्द होता है मुझे ये जानकरकी अब वोप्यार भुला बैठे है वो मुझे मतलबी मानकर।

“कौन कहता हैं की ज़िन्दगी जीने में बड़ी मुश्किल है,

“ मैं खुद भी सोचता हूँक्या मेरा हाल है,जिसका जवाब चाहिएवो क्या सवाल है….!!

इंसान की ख़्वाहिशों की कोई इन्तेहाँ नहीं, दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बाद.,

मेरे मतलब का शख्स था वो,अफसोस के वो भी मतलबी निकला।

उदास दिल है मगर मिलता हूँ हर एक से हँस कर यही एक फन सीखा है बहुत कुछ खो कर

टेकनोलजी बढ़िया या घटिया नहीं होती,उसे बढ़िया या घटिया इंसान की सोच बनाती है।

हम बाजीराव नहीं जो मस्तानी के लिए दोस्ती छोड़ दे, अरे पगली हम तो दोस्ती के लिए हजारो मस्तानी छोड़ देंगे !

उसके सवाल से मेरे जवाब तक सब आसान था बस मुश्किल ये थी की हम एक दूजे को समझ ना सके

सबसे महत्वपूर्ण स्वतंत्रता वैसे रहने मैं है जैसे आप वास्तव में हो.. – जिम मोर्रिसन (JIM MORRISON)

दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते, पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग.,

“ जब बात खुद पर आती है,दुसरो के चेहरे पर मायूसीछा जाती है…!! “ हम क्या हैं वो बस हम ही जानते हैं !लोग हमारे बारे में सिर्फअंदाजा लगा सकतें हैं…!!!

हम अपने अंदाज मे जीते है,ये अपना ज्ञान,कही ओर जाके दो..Hum apne andaaz me jeete hai,Ye apna gyaankahi aur jake do..

कहते कहते रुक जाना आसान नहीं होता जाते जाते मुड़ जाना आसान नहीं होता किस्से बयां करूँ हालात समझ नहीं आता लिख कर अपने ज़ख्म दिखाना आसान नहीं होता

बड़ी से बड़ी हस्ती मिट गयीमुझे झुकाने मे बेटातू तो कोशिश भी मत करनातेरी उम्र गुजर जायगी मुझे गिराने मे.

जो अच्छा इंसान होता है उसकी एक खास और अलग पहचान होती है

हमेशा तैयारी के साथ ही रहना साहब, मौसम और इंसान कब बदल जाये इसका कोई भरोसा नहीं.,

आज यहाँ वो कल वहां सोते होंगे रात बदलने पर शख्स बदलते होंगे जिन्हें प्यार के बदले प्यार ही मिले वो ज़माने में क़िस्मत वाले होते होंगे

किसी का दिल जब बन जाता है ईमानदार

“ खुद की औकात मैंरहकर बात करता हूं,हद से ज्यादा नहीकिसी से बात करता हूं…!!

किसी के जैसे नहीं हूं मैं, मेरा एक अलग ही रुतबा है ।

मंजिले भी जिद्दी है, रास्ते भी जिद्दी है,देखते है कल क्या होगा, इरादे भी जिद्दी है।

“ जो लोग खुद से प्यार करते है, वोदूसरों के दिल पर वार नहीं करते है…!!

सिर्फ तू परवाह करने वाले की खोज कर,क्यूंकि ,,मतलबी तो खुद म खुद तेरे को ढूंढ लेंगे है।

जो एक कि बात दूसरे को बताता है,वो इंसान घटिया लोगों में आता है।

हरियाणा में मानसून पड़ा कमजोर, तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना

अकेले है कोई गम नही,जहा इज्जत नही वहा हम नही !

दूसरों के शिकार को चाटने का काम गीदड़ करते हैं,मैं वो शेर हूँ जिसने जंगल में कदम रखा,तो कोई परिंदा पर मारने की हिम्मत नही करता.

जो चाहूँ वो मिल जाए मुमकिन नहीं,ये किस्मत है मेरे पापा का घर नहीं।

वो दुःख देकर मेरा सुकून ले गया थोड़ा पागलपन थोड़ा जूनून दे गया

गैर थे कौन, कौन अपने थे हम ये समझ ही ना पाए हमने देखा जिधर भी चेहरे बदले ही नजर आए

इश्क़ के फरिस्ते बने फिरते थे जो आज उन्हें बेवफा कहना भी कम लगता है

नफरत कमाना भी आसान नहीं हैं इस दुनिया में,बहुत सी खूबियाँ रखनी पड़ती हैं किसी की आँखों में खटकने के लिए।

शौक-ए-ज़िन्दगी कमतर से और कुछ कम किये,फ़िर सस्ते में ही “सुकून-ए-ज़िंदगी” खरीद ली!

कैसे रोने दे सकता हूँ मैं उस शख्स को जिसे मैंने खुदा से रो रो कर माँगा है

रिश्तों में जब दोस्ती निभाई जाती है,तो पैसों का कोई रोल नहीं प्ले करता।

ज़िन्दगी है थोड़ा आहिस्ता चल,कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता चल,एक अंधी दौड़ है किस को ख़बर,कौन है किस राह पर आहिस्ता चल!?

जिंदगी के लिए जो खुशी का रास्ता बनाता है, वह पिता ही होता है।

रूठ जाने का तो एक बहाना है जब सूख गई डाली तो परिंदों ने बदला ठिकाना है

हम ना बदलेंगे, वक़्त की रफ़्तार के साथ, जब भी मिलेंगे अंदाज़ पुराना ही होगा।

अगर आप हिंदी में 15 अगस्त की कुछ बेहतरीन शायरी ढूंढ रहे हैं तो नीचे बताई गई शायरियों को एक बार पढ़ें और अपना राय हमसे साझा करना ना भूलें।

इश्क़ क्या होता है तुम्हें बताऊंगा मैं बिछड़ने की भी रस्में निभाउंगा जा तो रहे हो मुझे छोड़ कर, मगर याद रखना मैं याद आऊंगा

इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अंदाजा,वह मुझे सलाम करते हैं, जिन्हें तू सलाम करता है.

अब बस चाय से याराना है,क्यूंकि खुदगर्ज़ ये ज़माना है,मतलबी लोगों से दूरी बनाना है,उनको उन्हीं की भाषा सिखाना है।

साफ़ दिल नहीं उसे महंगा प्यार चाहिए था मैं सारंगी और उसे गिटार चाहिए था

“ दुसरो के मुंह की खाया,तभी तो खुद को समझ पाया…!!

ना रात की खबर ना दिन का पता हम अपनी ही क़िस्मत से परेशान हैं ज़रा सा मुस्कराते हैं और लोगों को लगता है हमारी ज़िन्दगी बहुत आसान है

ससुराल में जब भी पिता का जिक्र आता है, बेटी का दिल भर आता है।दूर रहकर भी एक-दूसरे की फिक्र, कुछ ऐसा ही होता है बाप-बेटी का प्यार।

जो नहीं है मेरे पास वो ख्वाब है, पर जो है मेरे पास वो लाजवाब है !

“मेहनत से हर मुश्किल पार हो जाती है, मेहनत से दौलत अपार हो जाती है. मेहनत से मिल जाता है बहुत कुछ, मेहनत से पूरी हर दरकार हो जाती है।”

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