2591+ Insan Ki Pehchan Shayari In Hindi | इंसान की पहचान शायरी

Insan Ki Pehchan Shayari In Hindi , इंसान की पहचान शायरी
Author: Quotes And Status Post Published at: August 9, 2023 Post Updated at: June 27, 2024

Insan Ki Pehchan Shayari In Hindi : आशिक इश्क में सब कुर्बान कर देते है, आँखों से आँसू ने निकले तो भी दर्द को पहचान लेते है. पहचान पाने के खातिर पूरा जीवन लगा दिया, चंद रूपयों के लालच में ईमान को दांव पर लगा दिया.

पहले जमीन बंटी फिर घर भी बाँट गया, इंसान अपने आप में कितना सिमट गया.,

मजबूरियां हावी हो जाये ये जरूरी तो नहीं ,थोड़े शौक तो गरीब भी रखतें है।

"अपशब्द आकाश की और फेंके गए उन पत्थर के समान है,जो लौटकर उसी पर गिरता है जिसने उसे फेंका था !!"log galat samjhte hai shayari

जो लोग पहले गन्ने जैसे मीठे होते हैं,वही लोग मतलब के बाद करले जैसे कड़वे हो जाते है।

मुझसे नाराज़ नहीं हुआ जाता,मै बस ख़ामोश हो जाता हूं.

कभी मोहब्बत का सीधाइजहार ना करते हैं..दोगले लोग अपनी बातघुमा फिरा कर करते हैं |

"कोई भी गलती आप जिन्दगी में दो बार नहीं कर सकते,क्यूंकि यदि आप उसे दोहराते हैतो यह गलती नहीं आपकी इच्छा है !!sahi galat shayari"

“कामयाबी के सफ़र में मुश्किलें तो आएँगी ही, परेशानियाँ दिखाकर तुमको तो डराएंगी ही, चलते रहना कि कदम रुकने ना पायें। ”

बुरा वक्त इंसान का असली चेहरा दिखाता है, तभी तो पता चलता है कौन किसका होता है।

बाप अमीर हो या गरीब औलाद के लिए हमेशा बादशाह होता है

अंदाज़ कुछ अलग सा है मेरा, सब को Attitude का शौक है और हमे Attitude तोड़ने का ।

“ किसी ने कहाँ मुझे हिन्दू,किसी ने कहा मैं मुसलमान हूँमैं कहा मत बाँट मुझेमैं तेरा हिन्दुस्तान हूँ….!!

“ बचपन में सभी सिर्फअपनी परवाह करते है,इसलिए जरूरत सेज्यादा खुश रहते है…!!

मतलबी दुनिया का बस एक ही फसाना है, आज तेरी जरूरत है तो तुझे दोस्त बनाना है |

हो सके तो समझना,वरना गलत समझ,मुझे भूल जाना…Ho sake toh samajhna,Warna galat samajh,Mujhe bhool jana..

सच्चाई से विश्वाश उठ जाता है, जब दोगले लोग अपनी बात से मुकर जाते हैं।

ग़लतियाँ बहुत की हैं मगर इरादे कभी ग़लत नहीं थे मेरे

खुद की तुलना नहीं करता मे किसी और से, हमारे जैसा कोई नहीं इस दौर में ।

रहो हमेशा मौत से बेखबर, हसते हुए चलो ये है ज़िन्दगी का सफर।

पहचान पाने के खातिर पूरा जीवन लगा दिया, चंद रूपयों के लालच में ईमान को दांव पर लगा दिया.,

जाऊंगा किसी दिन इस तरह छोड़कर तुम्हें तुम आसमान में देख कर मुझे याद करोगे

“अगर फ़ितरत हमारी सहने की न होती, तो हिम्मत तुम्हारी कुछ कहने की न होती।”

धोखा देना तो तेरी फितर है ,वो तो हम ही कमीने आशिक थे ,,जो एक मतलबी से दिल लगा बैठे।

“ दूसरों से प्यार करनाकितना आसान होता है,खुद से प्यार करना इतना मुश्किल क्यूँ…!!

उसके पैरों में फटे जूते है, यकीन मानों वो ईमानदार भी आता और मेहनती भी होगा।

हमसे दुश्मनी तेरी एक ख्वाब है, अभी तेरी औकात नही, ये मेरा जवाब है !

रोहतक में बंद घरों को निशाना बना रहे चोर, रॉड से खिड़की-दरवाजे तोड़ की लाखों की चोरी

जो मेरा अभी नहीवो मेरा कभी नही.

“ कब तक मैं यूँ खुदको धोखा देता रहूँ,जो मैं हूँ नही, वहीआईने में देखता रहू….!!

हम अच्छे के लिए अच्छे औरबुरे के लिए बहुत बुरे हैं.

“नकली दिखावा तो सबको करना आता है, जो दिखता नहीं वही असलियत होती है।”

अकेले ही काटना है मुझे ऐ जिन्दगी का सफर,यूँ पल-दो-पल साथ चलकर मेरी आदत खराब न करो .

हर सफल इंसान किसी और को नहीं खुद को बदलना जानते है।

सुन बेटा तुम्हारे खून में सिर्फ जलना लिखा हैऔर हमारे खून में सिर्फ जलाना.

“ खोज रहा हूँ कबसे खुद में खुद को,मुझ को मुझी में अक्सर, मैं नही मिलता….!!

उनकी मोहब्बतें हर जगह वो जो कहते थे हम इकलौते हैं

ऐसा भी क्या हुआ, भरोसा ही था… टूट गया..!!

जिनको हम अपना जिगरी यार मानते हैवो सिर्फ हमे अपने मतलब के लिए पहचानते है

इज़्ज़त दीजिए और इज़्ज़त लीजिए सबके लिए एक ही Rule हैं ! और जिनकी नज़रों में हम कुछ भी नहीं वो हमारी नज़रों में भी फिजूल हैं !!

बहुत पहले से उन कदमों की आहत को जान लेते है, तुझे ऐ जिदंगी हम दूर से पहचान लेते है.,

कोई खुशियों की चाह में रोया, कोई दुखों की पनाह में रोया,अजीब सिलसिला हैं ये “ज़िंदगी” का,कोई भरोसे के लिए रोया, कोई भरोसा कर के रोया.

घटिया लोगों से ज्यादा घटिया वो शरीफ लोग लगते हैं,जो घटिया लोगों का साथ देते हैं।

जब तक आप को पता चलता है कि शायद आपके पिता सही थे, तब आपके पास आमतौर पर एक बेटा होता है जो सोचता है कि आप गलत हैं।

ना सिर पर ताज हैना ये सिर ताज का मोहताज है…Na sir par taaj hain,Na ye sir taaj ka mohtaaz hain…

"खाने में कोई ज़हर घोल दे तो एक बार उसका इलाज है,लेकिन कान में कोई ज़हर घोल दे तो उसका कोई इलाज नहीं है !!"burai karne walo ke liye status

अहमियत इंसान को मिलनी चाहिए उसके पेशे को नहीं, अच्छे ज़मीर की तारीफ होनी चाहिए उसके पैसे की नहीं।

मैंने अपने हिस्से के हर गम सहे देखना है रब को तरस कब आता है

जश्न आज़ादी का मुबारक हो देश वालो को,फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालो को।

सिर्फ अपने तरीके बदलो क्युकीइरादे तुम्हारे पास पहले से ही है।

दुनिया का सबसे बड़ा योद्धा पिता होता है और वही बच्चों को योद्धा बनना भी सिखाता है।

परिवार के चेहरे पे ये जो मुस्कान हसती है,“पिता” ही है जिसमे सबकी जान बस्ती है..!!

कर्मों से ही पहचान होती है इंसानों की, महंगे कपड़े तो पुतले भी पहनते हैं दुकानों में।

जिंदगी की हकीकत को बस हमने इतना ही जाना है,दर्द में अकेले हैं और खुशियों में सारा जमाना है.

अगर तुम किसी चीज को पसंद नहीं करते हो तो उसे बदल दोअगर उसे बदल नहीं सकते तो अपना रवैया बदल दो।

खुद को बदलने के लिए सिर्फएक लम्हा ही काफी होता है।

कुछ लोगों को बहुत गुरूर है अपने आप पर लेकिन उन्हें पता नहीं बादशाह तो वक्त होता है, इन्सान तो यूंही गुरुर करता है!

“ लोगो के पास बहुत कुछ है,मगर मुश्किल यही है कि,अपने भरोसे पर शक हैंऔर अपने शक पे भरोसा…!!

हम दुशमनों से बदला लेने वालों में नहीं,हम उन्हें दिल से ही निकाल देते है…Hum dushmano se badla lene walo me nhi,Hum unhe dil se hi nikaal dete hain….

रिश्ते जब मजबूत होते हैं,तो पैसों की कमी का कोई मतलब नहीं होता।

गर सच्चाई से वाक़िफ़ न हो तो कुछ ना कहे,अंदाज़े से किसी को पहचाना नहीं जाता।

एक बार के लिए दुश्मन को दोस्त समझना,इस घटिया दोस्त से अच्छा होगा।क्यूंकि इतनी जख्म तो उसकी दुश्मनी नहीं मिलते,जितने जख्म तेरी दोस्ती ने मुझे दिए है।

“ अगर मगर काश में हूँ,मैं खुद की तलाश में हूँ,खो गया हूँ न जाने कहाँखुद को पाने की आस में हूँ….!!

वो पहले भौंके फिर काटने लगेकुछ काम पड़ गया मुझसे इसलिएअब चाटने लगे.

“ बड़ी मुश्किल से उसकीयादों को भुलाया है,मैं ही जानता हूँ कैसे मैंनेखुद को जीना सिखाया है…!!

“एक अलग ही पहचान बनाने की आदत है मेरी, तकलीफों में भी मुस्कुराने की आदत है मेरी।”

“ दुसरो को इतना भाव दिया,कि खुद को भुला दिया…!!

मेरी जिंदगी में दोस्त हो या प्यारहंसी मजाक माफ़ हैझूठ और धोखा नहीं !

मतलबी रिश्तों की एक सी कहानी हैंअच्छे वक्त में मेरी अच्छाईऔर बुरे वक्त में खामिया गिनानी है।

जिसे तुम खौफ कहते हो,उसको हम शौक कहते हैं.

"अपवित्र कल्पना भी उतनी ही बुरी होती है,जितना बुरा अपवित्र कर्म होता है!!"sahi shayari

लगा सके कोई सच का बाजारवो आज तक कोई ऐसा बना ही नहीं।

खुद से गिरे थे,खुद से उठेंगे,अब न किसी का हाथ चाहिए,न किसी का साथ…Khud se gire the,Khud se uthenge,Ab na kisi ka hath chahiye,Na kisi ka sath….

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