Haldi Shayari In Hindi : हमारी मोहब्बत का आज रंग निखार आया है,हम दोस्त चाहने वालों ने आज हमें,हल्दी लगाया है, फीके पड़ गए हैं मेरे रंग,इसलिए हल्दी लगाई जा रही है,तेरे नाम के रंगों को चढाने की,शुरुआत की जा रही है,
“ हंसाते रहे आप हजारो के बीच मेंजैसे हँसता है फूल बहारो के बीचमें रोशन हो आप इस तरह दुनियामें चाँद रोशन होता है जैसे सितारों के बीच मे…!!
भीतर ही भीतर चिल्लाई होगी !!हाथों में जब मेहन्दी सजाई होगी !!मैंने उजाड़ दी जिन्दगी उसकी !!ये बात उसने खुद को समझाई होगी !!
“ फंक्शन है हल्दी का,मेरे दोस्त कहा गए है,मुझे हल्दी तो लगाओ यारों,ये पहले खाना खा रहे है….!!
आपकी जोड़ी हमेशा बनी रहे !!हर दिन ख़ुशियों से भरपूर आप दोनों !!एक दिन भीन हो एक दूजे !!से दूर हल्दी की बहुत बहुत बधाई !!
हमारी नई जिन्दगी की शुरूआत के लिए !!हमारी ख़ुशी में शामिल होने के लिए !!हम स्नेह से आपको बुलाते है !!आपके आशीर्वाद के लिए !!
आज सुबह सूरज के जगह चाँद नज़र आ रहा था !!गालों पर हल्दी लगाकर सूरज की तरह पिला नज़र आ रहा था !!
इधर मेरी आंखें अश्कों से होंगी गीलीउधर उसके हाथों में लगेगी हल्दी पीली
हमारी मोहब्बत का आज रंग निखार आया हैहम दोस्त चाहने वालों ने आज हमें हल्दी लगाया है
मैं तो कब से लगाकर बैठी हूँ तुम्हारे नाम की मेहंदी !!और चेहरे पर हल्दी तुम बारात ले आओ जल्दी !!
उसका दिल लगता है लाल ग़ुलाब न रहा !!उस दिल पर मेरे इश्क़ की हल्दी चढ़ि है शायद !!
गंगा की आंचल से सुर-सरिता की धार रहे !!सफल रहे यह जोड़ी जब तक ऐ संसार रहे !!
“ आज इस शुभ घड़ी मेंएक मीठे रिश्ते की है शुरुआततुम दोनों सदा रहो साथसाथ भगवान से बस यही है फ़रियाद…!!
वो छा गये है कोहरे की तरह मेरे चारों तरफ !!न कोई दूसरा दिखता है ना देखने की चाहत है !!
“ वो जो सर झुका के बैठे है हमारा दिल चुराये बैठे हैहमने उनसे कहा हमारा दिल हमे लौटा दोतो बोले हम तो हाथो में मेहँदी लगा के बैठे है…!!
“ हल्दी मेरा एक काम मेंबस थोड़ा साथ देदेपीले हो रहें मेरी बहन केहाँथ बस उसे तू अपनी दुआ देदे…!!
देखो कैसी सजी हैं दीवाली सी ये रातेंबज रहे गीत, मच रही धूम और खुशियों की बातें...!( पूरी रचना अनुशीर्षक में पढ़े......👇)
लगी हैं हल्दी गोलू जी के नाम की !!और हाथों में मेंहदी लगनी बाक़ी हैं !!दमक उठा हैं चेहरा तुम्हारा !!यहीं तो गोलू जी की प्यार की निशानी है !!
विवाह के इस पवित्र रिश्तें को दिल से लगाएंगे !!हर इक जिम्मेदारी और तेरा साथ हरदम निभाएंगे !!
लग तो गई है मुझसेहल्दी किसी और के नाम कीपर उतर ना सकीमेरे देह से रंग तेरे प्यार की
“ गंगा की आंचल से सुरसरिता की धार रहेसफल रहे यह जोड़ी जब तक ऐ संसार रहेआते हैं जिस भाव से भक्तों को भगवानउसी भाव से आप भी दर्शन दे श्रीमान….!!
अल्लाह-रे नाज़ुकी कि जवाब-ए-सलाम में हाथ उस का उठ के रह गया मेहंदी के बोझ से
“ हाथों की मेहंदी गालोंपर निखर कर आई हैंतेरे लबों की लाली नेयह महफ़िल सजाई हैं…!!
“ बरसो के थे जो ख्वाहिश लग रहा हैजैसे जल्दी हो रही हैवो ख्वाबों का रिश्ता आज हकीकतसे मिलने की हल्दी हो रही है…!!
“ सु-र्ख़रू होता हैइंसाँ ठोकरें खाने केबाद रंग लाती हैहिना पत्थर पे….!!!
वो मेहंदी के हाथों में क्या,तराशेंगे नाम हमारा,जब नाम ही छुपा लिखा है,उनके हाथों में,
उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है !!जिसे चाहो वही दूर होता है दिल टूटकर बिखरते हैं !!इस कदरजैसे कोई कांच का खिलौना चूर चूर होता है !!
तुमने कहा था हल्दी लगाओ जख्म भर जाएगा !!ये तो बताओ दिल के जख्मों को कैसे भरूँ !!
हल्दी लगाने का सोचा था,पर चुना लगा के चली गई,
नसीब से शादी हो गई आपकी आ !!अब से व्यस्त हो जाएगे आप नई खुशियों के साथ !!
हल्दी है चन्दन ह रिश्तों का बंधन है !!हमारे मामा की शादी में आपका अभिनन्दन है !!
“ इक दूजे का हर पलअब से इक दूजे की भरपाई होजीवन भर ऐसे साथरहो दो जिस्म एक परछाई हो…!!!
तेरे माथे की बिंदिया चमकती रहे !!हाथों की मेहँदी महकती रहे !!तेरे जोड़े की रौनक सलामत रहे !!चूड़ी हमेशा खनकती रहे !!
जले पर नमक छिड़कने वाले बहुत मिल जाएंगे !!अरे कोई हल्दी लगाने वाला होना चाहिए !!
“ अरे लग गई हल्दी और चढ़ गया तेललो जी शुरू हो गया शादी वाला खेल….!!
यादो की एक टोलीं लेकर हम यहीं सोचां करतें हैं !!शादी करकें भुल न जाना हम अर्जं यहीं करते हैं !!
आपकी जोड़ी सलामत रहे !!जीवन में बेशुमार प्यार भरा रहे !!हर दिन आप ख़ुशी से मनाये !!आपको शादी हार्दिक शुभकामनाएं !!
लगी हैं हल्दी संदीप जी के नामकी और हाथों में मेंहदी लगनीबाक़ी हैं दमक उठा हैं चेहरातुम्हारा यहीं तो संदीप जी कीप्यार की निशानी हैं.
रसगुल्ले खाके पूड़ी भजिये खाके कॉफ़ी !!पीके जाना जी हमारे प्यारे मामा चाचा !!की शादी में ज़रूर ज़रूर आना जी !!
“ मन मेरा सफेद चादरतुम हल्दी वाला दाग प्रियअब भला इतनी जल्दीकैसे निकल जाएगा…!!
आपकी जोड़ी सलामत रहे !!जीवन में बेशुमार प्यार भरा रहे !!
गंगा की आंचल से सुरसरिता की धार रहे,सफल रहे यह जोड़ी जब तक ऐ संसार रहे,आते हैं जिस भाव से भक्तों को भगवान,उसी भाव से आप भी दर्शन दे श्रीमान,
तेरे हाथों की मेहँदी में मेरे,प्यार का भी रंग है,तू किसी और का हो जा पर,तेरा प्यार मेरे संग है,
“ लगा कर मेहंदी हाथों में किसी और के नामकी बाबा मैं क्यों आपकी अपनी नही रह गईक्यों हल्दी के रंग से मैं किसी और की हो गई….!!
“ मण्डप सज हुआ है महफिल यहाँ जमी हैहर कोई देख रहा है बस आपकी कमी हैखुशियों की रात होगी उत्सव जरा हट के होगामेरे यहाँ शादी है अंदाज जरा हट के होगा…!!
अरे लग गई हल्दी और चढ़ गया तेल !!लो जी शुरू हो गया शादी वाला खेल !!
अरे लग गई हल्दी और चढ़ गया तेल !!लो जी शुरू हो गया शादी वाला खेल !!
सागर से भी गहरा है आपका रिश्ता !!आसमान से भी ऊंचा है आपका रिश्ता !!हल्दी की बहुत बहुत बधाई !!
“ आपकी जोड़ी सलामत रहेजीवन में बेशुमार प्यार भरा रहेहर दिन आप ख़ुशी से मनायेआपको शादी हार्दिक शुभकामनाएं….!!!
“ आशा है कि आपके पास एक लंबाऔर सुखी प्यार भरादाम्पत्य जीवन होगाहमेशा एकदूसरे से बेहतर व्यवहार करेंगेंताकि आप काजीवन खुशहालहमेशा रहे शादी मुबारक हो…!!
नमकीन तेरी मस्तियाँतू तीखी तेज तर्रार !!मेरे टुटे दिल की हल्दीतेरा प्यार मसालेदार !!
“ यह जीवन इक-दूजे के नाम लिख देंतुम मेरी हो ये बात सरेआम लिख देंचुटकी भर सिन्दूर तुम्हारे मांग में भर दूँदिल की धड़कन हो तुम्हें जान लिखे दे…!!
“ खुशियों की देखो आई है बहारविवाह का प्रसंग आया है व्दारझूमो नाचो गाओ खुशियां मनाओबना बनी पर अपना प्यार लुटाओ…!!!
“ हल्दी में चंदन मिलाकर,मैंने हल्दी लगायी है,चन्दन की इस खुशबु ने,मुझे तुम्हारी याद दिलायी है…!!
हमारी मोहब्बत का आज रंग निखार आया है !!हम दोस्त चाहने वालों ने आज हमें हल्दी लगाया है !!
“ कमाल का शख्स था वोजिसने जिंदगी तबाह कर दीराज़ की बात हैदिल उसे आज भी खफ़ा नही…!!
“ आप दोनों के जीवनख़ुशियों की भरमार रहेऔर ज्यादा क्या कहूँबस खुशियों का संसार रहे…!!
तुझ बिन क्या जीना जीना तेरेसंग न जाने कब लगेगा इनहाथों में हल्दी का रंग.
“ हल्दी मेरा एक काम में,बस थोड़ा साथ देदेपीले हो रहें मेरी बहन केहाँथ बस उसे तू अपनी दुआ देदे…!!
सु-र्ख़रू होता है इंसाँ ठोकरें खाने के !!बाद रंग लाती है हिना पत्थर पे !!
“ मेहँदी लगायी मैंने तेरे नाम की,हल्दी आज लगाउंगी,दुल्हन कल बनूँगी मैं,और तुम्हे देख कर शर्मा जाऊंगी….!!
” रसम ही ऐसी है ये हल्दी की,सब इस रसम में शामिल होना चाहते है,सब इसे खेलना चाहते है,हल्दी से रंगना चाहते है,दुल्हन को हल्दी लगाना चाहते है….!!
तुमने कहा था हल्दी लगाओ जख्म भर जाएगा !!ये तो बताओ दिल के जख्मों को कैसे भरूँ !!
अल्लाह-रे नाज़ुकी कि जवाब-ए-सलाम में !!हाथ उस का उठ के रह गया मेहंदी के बोझ से !!
मेहेंदी का है ये कहना,अपने पिया के संग रहना,मेहंदी के रंग का है ये कहना,रंग छूटे पर पिया का संग ना छूटे,
तेरे माथे की बिंदिया चमकती रहे !!तेरे हाथों की मेहँदी महकती रहे !!तेरे जोड़े की रौनक सलामत रहे !!तेरी चूड़ी हमेशा खनकती रहे !!
फीके पड़ गए हैं मेरे रंगइसलिए हल्दी लगाई जा रही हैतेरे नाम के रंगों को चढाने कीशुरुआत की जा रही है
“ वो मेहंदी के हाथोंमें क्या तराशेंगे नाम हमाराजब नाम ही छुपा लिखा हैउनके हाथों में…!!!
हांथो में मेंहदी जिस्म पे हल्दीलगाए हो क्या थक गए होहमसे या अब किसी और पेदाव लगाए हो.
आ तुझे मैं अपने रंग में रंग दूं,नए सफर का रंग चढ़ा दूं,शादीसे पहले तुझे हल्दी में रंग दूं,तुझेमैं अपनी जिंदगी का हर रंग बना दूं.
देह मेरी हल्दी तेरे नाम की !!बस इतना बता पिया आखिर क्या है !!तेरे पास मेरे नाम की !!
“ वो छा गये है कोहरे कीतरह मेरे चारों तरफन कोई दूसरा दिखता हैना देखने की चाहत है…!!
खुदा ही जाने क्यूँ हाथो पे,तुम मेहँदी लगाती हो,बड़ी ही नासमझ हो फूलों पर,पत्तों के रंग चढ़ाती हो,