1716+ Guilty Shayari In Hindi | Emotional Sad Shayari In Hindi

Guilty Shayari In Hindi , Emotional Sad Shayari In Hindi
Author: Quotes And Status Post Published at: September 29, 2023 Post Updated at: June 16, 2024

Guilty Shayari In Hindi : हमें उससे ही शिकायत है कहें कैसे उससे हम वो सबका हो जाता है आये जिसके हिस्से हम जिसमे दोनों तरफ हार होती है ये दिल उस जंग में हारा है किसी को उसकी बेवफाई ले डूबी किसी जो उसके प्यार ने मारा है

दिल में एक राज़ जो मैं छुपाये फिरता हूँ, आज भी तुझपे ये दुनिया अपनी लुटाये फिरता हूँ

मुझ को समझाया ना करो अब तो हो चुकी हूँ मुझ मैं मोहब्बत मशवरा होती तो तुम से पूछ लेता

दिन रात हम वो हर काम लिख लेते हैं, तेरी याद में गुजरी हर शाम लिख लेते हैं,

इश्क़ भी अब एक सजा हो गया है किसी को “ना” कहना भी गुनाह हो गया है

मुश्किल तो मेरे भी हालात बड़े थेमैं जीत गया क्योकि साथ में महाकाल खड़े थे

कुछ आदतें पसंद है मेरी, कुछ आदतें खराब लगती है, जब से छोड़ गयी है वो, इस शरीर को सिर्फ शराब लगती है॥

तुमच्या ex ला दुसऱ्याबरोबरबघून कधीच जेलस फील करू नका,कारण आपल्या मोठ्यांनी आपल्यालाशिकवलेलं आहेच किआपण खेळून झालेली खेळणीदुसऱ्या गरिबांना वाटत जा.

प्यार करना सिखा है,नफरतो की कोई जगह नही।बस तु ही तु है इस दिल मे,दूसरा कोई और नही।

इन्ही पत्थरों पे चल कर अगर आ सको तो आओ,मेरे घर के रास्ते में कोई कहकशाँ नहीं है।

दोस्ती नाम है सुख-दुःख की कहानी का,दोस्ती राज है सदा ही मुस्कुराने का,ये कोई पल भर की जान-पहचान नहीं है,दोस्ती वादा है उम्र भर साथ निभाने का। ————–

इस कदर न आप खामोश-खामोश सी रहिए, माना गलती हुई है, सजा भी कबूल है, जो भी आप दीजिए, आप हैं जान मेरी, बस नाराजगी छोड़कर अब मुस्कुरा दीजिए।

कटी पतंग का रुख तो था मेरे घर की तरफमगर उसे भी लूट लिया ऊंचे मकान वालों ने

जब घर में खुश होती हैमाँ बहू और बेटियाँ,तभी घर में मिलती हैसुकून की रोटियाँ।

ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं मुझे,मोहब्बत है तो जताओ वरना भाड़ में जाओ।

चलते चलते फिर गली वो आ गयी जिस गली में अब हमारा कोई नहीं

जिसको जितना जाना उसको इतना जाना है आना एक मजबूरी थी जाना एक बहाना है

खामोशियां भी रिश्ते खा जाती है थोड़ा ही साही ताल्लुक़ जिंदा रखिये

माँ के हाथों से बनी रोटी बहुत याद आती है,जब अपने हाथों से रोटी बनानी पड़ जाती है।

एक तेरे गम को जगह दी दिल में जो मैंने गम गम नहीं रहा ज़हर हो गया

भूख से बड़ा ‘ मजहब ’और रोटी से बड़ा ‘ ईश्वर ‘कोई हो तो बता देना ,मुझे भी “ धर्म ” बदलना है ।

एक नफ़रत ही है जिसे,दुनिया चंद लम्हो में जान लेटी है।वर्ना, चाहत का याकिन,दिलाने में तो जिंदगी बीट जाति है।

महाँकाल का नारा लगा के, दुनिया में हम छा गये,दुश्मन भी छुपकर बोले वो देखो महाकाल का भक्त आ गया..!!

आग लगे उस जवानी कों ज़िसमे,महाकाल नाम की दिवानगी न हो..!!-जय श्री महाकाल–

होईलच तुला एक दिवस सयेमाझ्या भोळ्या प्रेमाची जानीव,भ्रमर कुणी जाता हात सोडूनभासेल तुला फक्त माझीच ऊनीव..

तूने ज़िन्दगी को मेरी इस क़दर कुछ यूँ मोड़ा हैं,कि अब मोहब्बत भी नफरत भी, दोनों थोड़ा थोड़ा हैं।

जब-जब सनम रूठता है, तब-तब ये मेरा दिल टूटता है, जब-जब दिल मेरा टूटता है, खुदा कसम ये मुझे कहीं का नहीं छोड़ता है। सॉरी बेबी!

ती जाता जाता मोठ्या गर्वाने म्हणाली,तुझ्यासारखे खूप भेटतील मला,मी पण हसून तिला विचारलं,आता माझ्या सारखाच का पाहिजे तुला.

पता हैं मुझे नही आओगे तुम पर ना जाने क्यूँ इस दिल को अब भी तेरा इंतजार हैं !

मिलती नही सब लोगो को ,दो वक्त की रोटी ,सो जाते है जमीं पर ,कोई चिन्ता नही होती ।

मुद्दतों बाद भी नहीं मिलते हम जैसे नायाब लोग तेरे हाथ क्या लग गए तुमने तो हमे आम समझ लिया

वो मिले भी तो भंडारेमें बाल्टी पकड़े हुए ,अब दिल माँगते या दाल ,हाय रे मेरे हमसफर।

जब सुकून नही मिलता दिखावे की बस्ती में,तब खो जाता हूँ मेरे महाकाल की मस्ती में..!!

अब हमारे दिल इतने जुड़ चुके हैं कि इन्हें अलग करना मुश्किल है. इसलिए प्लीज मुझे माफ़ कर दो और फिर से रिश्ता शुरू करो. I’m sorry baby.

किसी को कितना भी प्यार दे दो आखिर में उसे थोड़ा कम ही लगता है

“चोरी करने वाला पहले अपने अंदर की चोरी को छिपाए रखता है।” FUNNY 60TH ANNIVERSARY QUOTES

असं समजू नकोस कि विसरलो मी तुला,आपल्या प्रेमाला डाग लागू नये,म्हणून दूर आहे मी,मनात फक्त तूच आहेस.

प्रेम मी हि केलं, प्रेम तिने हि केलंफरक फक्त एवढाच होता किमी प्रेम केलं तिला मिळवण्यासाठीतिने प्रेम केलं वेळ घालवण्यासाठी.

चिंता नहीं है मृत्यु और काल की,बस कृपा बनी रहे मेरे ऊपर मेरे महाकाल की!!#जय महाकाल

बीते हुए को नहीं बदला जा सकता है, लेकिन भविष्य आपके हाथ मे है,जब तक आप कोई काम कर नहीं लेते है तब तक ये असंभव ही लगता है।

उनकी मोहब्बतें हर जगह वो जो कहते थे हम इकलौते हैं

“गरीब नहीं जानता क्या हैमज़हब उसका,जो बुझाए पेट कीआग वही है रब उसका…!” –

जरूरी तो नहीं जो ख़ुशी दे उस से मोहब्बत हो, प्यार तो अक्सर दिल तोड़ने वालों से हो जाता है.

कहाँ मिलता है अब कोई समझने वाला जोभी मिलता है समझा के चला जाता है

कोई परेशान है पैसों के लिए ,कोई ख्वाहिश के लिए औरआम इंसान परेशान है ,उधार के प्याज और रोटी के लिए

कार्यों में शीघ्रता नहीं करनी चाहिए, शीघ्रता कार्यविनाशिनी होती है।

इश्क करना तो लगता है जैसे, मौत से भी बड़ी एक सजा है, क्या किसी से शिकायत करें हम, जब अपनी तकदीर ही बेवफा है

पहले मोहब्बत फिर नजरअंदाज, और अब धोखा एक शक्स ने बड़ी, तरकीब से मुझे तबाह किया !

कटी पतंग सी हो गयी है ज़िंदगीहर कोई लूटना चाहता है बस

“टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया, वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी..!!”

प्रेम की पतंग उड़ाना, नफरत की पेच काटनामांझे जितना लंबा रिश्ता बढ़ाना, दिल से इसे निभाना

“मैं कई चूल्हे की आग से भूखा उठा हूँ,ऐ रोटी अपना पता बता,तू जहाँ बर्बाद होती हैं।…!” –

गाँव की धुल की याद आती है शहर की इमारतों में सुकून नहीं मिलता

मीच मुर्ख होतो जे तुलामाझ्या आयुष्यातल्या प्रवासातलाजोड़ीदार समजून बसलो,तू चालत तर माझ्या सोबत होतीस पणतुझे डोळे दुसऱ्याच कोणाच्या शोधात होते.

इक सवाल पर ही रुके हुए हैं अब इश्क़ खुदा ने बनाया ही क्यों अगर उसे दूर जाना ही था वो मेरे इतने करीब आये ही क्यों

नज़र की अपनी कोशिश थी ये दिल के अपने मसले थे वो मिलकर भी था मिला नहीं हाल कुछ ऐसे बदले थे

क्या सुबह क्या शाम मेरा दिल तो उदास ही था, कैसे मुस्कुराता मैं उन पंछियों को देख मुझसे कोई बहुत नाराज जो था।

तू कितीही रागावलीस माझ्यावरपण मला मनातून मिटवू शकत नाहीसराहशील कदाचित दूर माझ्यापासून,पण स्वतःला माझ्यापासून दूर ठेवू शकत नाही.

खत्म हो गयी सारी लकीरें हाथों की जिनपर कभी मोहब्बत का नाम लिखा था

एक उम्र लग गई हमें ये जानने में सिर्फ कहने से कोई अपना नहीं होता

अहिंसा (मे) दृढ़ स्थिति हो जाने पर उस (योगी के) निकट (सब का) वैर छूट जाता है।

मेरा कहना है कि वहां अन्धकार नहीं बल्कि अज्ञानता है.

अजीब सी आदत और गजब की,फितरत है मेरी मोहब्बत हो कि,,नफरत हो बहुत शिद्दत से करता हू।

आज खुद को मैं देख कर हैरान हो गया मैं रिश्ते बचाकर भी बदनाम हो गया मेरे अपने छीन लिए अब खुश होगा खुदा मैं खुद ज़ख्म औरों का इलाज हो गया

हम को मिटा सके, ये ज़माने में दम नहीं हमसे ज़माना खुद है, ज़माने से हम नहीं

एक वक़्त था जब मैं तेरे लिए दुनिया से लड़ सकता था,अब तो तेरी मोहब्बत से भी नफरत करता हूँ ,

उसकी नफरतो को धार किसने दी,मोहब्बत के हाथों तलवार किसने दी।

मुझे रिश्तो की लंबी कतारों से मतलब नहीं कोई दिल से हो मेरा तो एक शख्स भी काफी है

काल भी तुम महाकाल भी तुम, लोक भी तुम त्रिलोक भी तुम,सत्यम भी तुम और सत्य भी तुम..!!

मार कर तमन्ना जिन की किसे नहीं होती,रो के खुश होने की तमन्ना केसे नहीं होता।कह तो दिया के जी लेंगे अपने के बेगैर,प्रति अपने की तमन्ना किस नहीं होती।

आपसे सॉरी कहने का मतलब ये है कि हमें आपसे प्यार है, अब आप भी हमें जल्दी से माफ कर दो न प्लीज, क्योंकि आप मेरी जान हो।

डरपोक अपनी मृत्यु से पहले कई बार मरते हैं; बहादुर मौत का स्वाद और कभी नहीं बस एक बार चखते हैं.

बचपन में बहुत उड़ता था मैपर अब दाल रोटी ने मेरे पैरों में बेड़ियाँ डाल दी हैं।शायद कोई जिंदा ख़्वाब अपने पूरा होने की तपिशसे इनको पिघला पाएगा।

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