2547+ Duniya Dari Shayari In Hindi | 'दुनियादारी' पर चुनिंदा शेर

Duniya Dari Shayari In Hindi , 'दुनियादारी' पर चुनिंदा शेर
Author: Quotes And Status Post Published at: August 23, 2023 Post Updated at: October 12, 2023

Duniya Dari Shayari In Hindi : मतलबी जमाना है, नफरतो का कहर है, ये दुनिया दिखती शहद है, पिलाती जहर है। खुद से ही पूछते हैं, आस पास ढूंढते हैं, हम खोए हैं दुनिया में हर किसी सी रास्ता पूछते हैं।

मैं पर्वतों से लड़ता रहा और चंद लोग गीली जमीन खोद के फरहाद हो गए

लाख सूरज से दोस्ताना हो चंद जुगनू भी पाल रखा करो

दुनिया इंसान की अच्छाई पर हमेशा चुप रहती है, बात अगर बुराई की हो तो गूंगे भी बोलने लगते हैं।

जिनकी बाँहें बलमयी ललाट अरुण हैभामिनी वही तरुणी, नर वही तरुण हैहै वही प्रेम जिसकी तरँग उच्छल हैवारुणी धार में मिश्रित जहाँ गरल है

जवान आँखों के जुगनू चमक रहे होंगे अब अपने गाँव में अमरुद पक रहे होंगे

मेरी मोहब्बत को युही नीलम न कर,गरीब हूँ खरीद नहीं पाऊंगा..Meri mohabbat ko yuhi nilaam na kar,Gareeb hoon kharid nahi paunga…

तुम आ जाओ मेरी कलम की स्याही बनकर… ~ मै तुम्हे अपनी जिदंगी के हर पन्ने पर उतार लूंगा..

इस मतलबी दुनिया में जरूरत से ज्यादा अच्छे बनोगे तो जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कर लिए जाओगे।

दीदार की तलब हो तो नजरें जमाये रखिये क्यूंकी नक़ाब हो या नसीब सरकता जरूर है!

जिसको देखने को मैं उस गली से गुज़रता हूँ वो एक बार मुझे देख ले ये दुआ करता हूँ

जो यह समझते हैं कि वे क्षणिक हैं, वह लम्बी उम्र तक खुश रह सकते हैं। (Those who understand that they are transient can be happy for a long time.)

ख़याल आँधी है उसका कि दिल काँप जाता है, ~ मेरे उदास ख़यालो किवाड़ मत खोलो

पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो, कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही होगी।

तुम ने छेड़ा तो कुछ खुले हम भी बात पर बात याद आती है

सरों को अपनी सच्चाईबताने में विरोध होता है,दोगले लोगों को तो अक्सर,धोखा देने का शौक होता है |

ग़म वो मय-ख़ाना कमी जिस में नहीं दिल वो पैमाना है भरता ही नहीं अज्ञात

इंतजार अगर लंबा हो तो चलता है,पर इंतजार सिर्फ,एकतरफा हो तो,,सिर्फ तकलीफ देता है..

नहीं है शिकवा तेरी बेरुखी का, शायद मुझे ही तेरे दिल में घर बनाना नहीं आया !!

इस भीड़ में अपना नज़र आये कोई मुझको ~ मैं गुमशुदा बच्चे की तरह ख़ौफ़ज़दा हूँ ….

उसका इश्क़ भी चाँद जैसा था ~ जैसे पूरा हुवा तो घटने लगा

जिस दिन से तुम रूठीं,मुझ से, रूठे रूठे हैं चादर वादर, तकिया वकिया, बिस्तर विस्तर सब

हर तरफ आप हैं तसव्वुर में ~ मेरी तन्हाइयां सुभान अल्लाह …

वो पूछती है मुझमे ऐसा क्या है मैं मस्जिद देखता हूँ और मुस्कुरा देता हूँ

बहुत आसान है पहचान इसकी; अगर दुखता नहीं तो दिल नहीं है..!

दिल उलझ गया उनकी ज़ुल्फ़ों में और वो कहते हैं हमारा पीछा ना करो

जवानिओं में जवानी को धुल करते हैं जो लोग भूल नहीं करते, भूल करते हैं

यूँ तो इक आवाज़ दूँ और बुला लूँ तुझ को, ~ मगर कोशिश ये है कि ख़ामोशी को भी आज़मा लूँ ज़रा

⇒⇒ किस्मत ने हमें उनसे दूर कर दिया क्यूंकि किस्मत ने सारे मुश्किल काम हमें दे रखे हैं

कहीं बाजार में मिल जाये तो लेते आना वो चीज़ जिसे दिल का सुकून कहते हैं.

किस लिए वो शहर की दीवार से सर फोड़ता क़ैस दीवाना सही इतना भी दीवाना न था

नासेह ख़ता मुआफ़ सुनें क्या बहार में हम इख़्तियार में हैं न दिल इख़्तियार में

चूड़ियाँ में मानो जान सी आजाती है जब ये तेरी कलाइयों पर जब ये सझती हैं !!!

तुम्हारा दबदबा ख़ाली तुम्हारी ज़िंदगी तक है; ~ किसी की क़ब्र के अन्दर ज़मींदारी नही चलती!

कुशादा ज़र्फ़ होना चाहिए, छलक जाने का भर जाने का नई….

तेरे पलट के देखने से मेरी सांसे थम जाती है.तुझे पाने से भी डर लगता है.तेरा नाम सुनके ही मेरी जान निकल जाती है.

अरे जिंदगी जीने का औकात बता रहे हैं वो मुझे जिनकी औकात मेरे एटीट्यूड के बराबर भी नहीं ।

छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह कि होश भी आने की इजाज़त मांगे

अब कहां दुआओं में वो बरक्कतें…वो नसीहतें…वो हिदायतें, अब तो बस जरूरतों का जुलूस हैं… मतलबों के सलाम हैं..

” इश्क़ के सिवा कुछ भी नहीं है इस दुनिया में कमबख़्त पता तब चल जब मेरा दिल टूटा । “

थक चुका हूँ मैं: मतलबी दुनिया से, नकली दोस्तों से और झूठ से।

जब कुपित काल धीरता त्याग जलता हैचिनगी बन फूलों का पराग जलता हैसौन्दर्य बोध बन नई आग जलता हैऊँचा उठकर कामार्त्त राग जलता है

दुनिया सिर्फ कहती हैज़रूरी नहीं कि सही कहती हो।

तेरे छूने से हो गया है यकीं ~ हाँ, अभी मुझमें जान बाकी है …

साल भर ईद का रास्ता नहीं देखा जाता वो गले मुझ से किसी और बहाने लग जाए

तुम ये कैसे जुदा हो गए ~ अब हर तरफ हर जगह हो गए!!!

ये ज़ुल्फ़ों को चेहरे पर लाने का अंदाज अच्छा है, हुस्न किश्तों में दिखे तो दिल एक साथ खर्च नहीं होता..!

⇒⇒ एक request है तुमसे जब हमारी बात कभी गलत लगे तो हमारी गलत बात का जिक्र पहले हमसे ही करना ज़माने से मत करना

पल पल ⏳ उसका साथ निभाते हम,एक इशारे पे दुनिया 🌏 छोड़ जाते हम।समंदर 🚣‍♂️ के बीच में पहुच कर फरेब किया उसने,वो कहता तो किनारे पर ही डूब 🏊‍♂️ जाते हम ।।

इस मतलब की दुनिया में मलतबी लोगों के लिए कोई रिश्ता मायने नही रखता है।

” दुःख दर्द ग़म आँसू और फ़रियाद है पता नहीं इस दुनिया में कितने लोग आज़ाद हैं।”

उसकी याद आई है सांसों जरा आहिस्ता चलो धड़कनों से भी इबादत में खलल पड़ता है

कोई याद कर रहा है, शिद्दत से, वहम भी क्यो ये उसे होता नहीं?,मुद्दत से…!!

वो अनजान चला है,जन्नत पाऩे की खातिर ~ बेखबर को इत्तला कर दो,कि माँ-बाप घर पर ही है..

आज की मतलबी दुनिया में कौन किसे दिल में जगह देता है,यहां तक के पेड़ भी अपने सूखे पत्ते गिरा देता है।

दिल के दर्द को दिखाना बड़ा मुश्किल है,धोका खा कर बताना बड़ा मुश्किल है।

तेरी यादें… कांच के टुकड़े… और मेरा दिल… नंगे पाँव…!

हैरान था मैं देखकर के ये क्या होने लगा मैं उसे दोस्त कहता था और उसे मुझे प्यार होने लगा

अगर भगवान दोस्त ना बनाता, तो मेरी जिंदगी में कोई नही सहारा होता।

अपने जीवनकाल में उन्हेंलगी बड़ी चोट होती है,दोगले लोगों के दिल में,हमेशा खोट होती है |

छाया करती रहे सदातुझको सुहाग की छाँह,सुख-दुख में ग्रीवा के नीचेरहे पिया की बाँह।

रिश्ते उन्ही से बनाओ जो निभानेकी औकात रखते हो, ~ बाकी हरेक दिल काबिल-ऐ-वफा नही होता ।

तुम्हारा क्या बिगाड़ा था जो तुमने तोड़ डाला है ~ ये टुकड़े मैं नहीं लूँगा मुझे मेरा दिल फिर से जोड़ कर दो…

वो शमा कि महफिल हि क्या जिसमे दिल खाक ना हो । ~ मजा तो तब है चाहत का ,जब दिल जले मगर राख ना हो ।

मेरी कीमत तो बस मेरे अपनों ने न समझी, फरिश्ता तो बस मैं गैरों की नजर में था

सुनो तुम ख्यालों में ही रहना यूं रुबरु कभी न होना ~ मुहब्बतों में मायने बदल जाते हैं करीब होने से!!!

हर रात यही सोचते सोचते गुजर जाती है ~ मोहब्बत सजा है मजा है या गुनाह है!

सरहदों पर तनाव है क्या ज़रा पता तो करो चुनाव हैं क्या

जिन्होंने दी कसमें उम्र भर,यारों हमारे साथ कब थे..

⇒ बिना वजह हम तेवर नहीं दिखाते, मगर सही वजह पे तेवर के साथ वार भी करते हैं!!

मायूसी,बेचैनी , तन्हाई, ख़ामोशी , ~ तुम्हारे याद के संग इतना लम्बा कारवाँ क्यूँ है….

समाना चाहता, जो बीन उर मेंविकल उस शून्य की झंकार हूँ मैंभटकता खोजता हूँ, ज्योति तम मेंसुना है ज्योति का आगार हूँ मैं

जब भी यह दिल उदास उदास होता है, जाने कौन आस पास होता है, कोई वादा नही किया लेकिन, क्यों तेरा इंतजार होता है।

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