913+ Book Shayari In Hindi | Kitab Shayari in Hindi

Book Shayari In Hindi , Kitab Shayari in Hindi
Author: Quotes And Status Post Published at: September 20, 2023 Post Updated at: September 20, 2023

Book Shayari In Hindi : किताबों सी हो गई है जिंदगी मेरी, पढ़ हर कोई रहा है, जिन्दगी मेरी. पढ़ने का शौक़ीन वो, उसे शोर पसंद नहीं, किताबों के सिवाय उसे कोई और पसंद नहीं.

तेरी चाहत मुकद्दर है मिले या ना मिले, राहत जरूर मिलती है तुझे अपना सोचकर।

मैने बिना मतलब निकाले रिश्ते निभाने वालाइंसान देख है इस जहान में केवल माँ ही हैजिसकी नज़र से मैने यह आसमान देखा है” मेरी माँ “.

जरा सी बात है लेकिन हवा को कौन समझाए,कि मेरी माँ दीये से मेरे लिए काजल बनाती है।

मेरे होंठो पर लफ्ज़ भी अब तेरी तलब लेकर आते हैं,तेरे जिक्र से महकते हैं तेरे सजदे में बिखर जाते हैं।

सामने बैठे रहो दिल को करार आएगा ,जितना देखेंगे तुम्हे उतना ही प्यार आएगा ..

ज़िन्दगी गुलज़ार है इसलिए यहाँ ग़मों को बांटना बेकार है।

यूँ ही नहीं जिंदगी के किताब को सबके सामने खोलता हूँ,हार हो या जीत हर खेल को बड़ी शिद्दत से खेलता हूँ.

जो चाहे हो जाए वह दर्द कैसा और जो दर्द को महसूस ना कर सके वो हमदर्द कैसा

प्यार मोहब्बत तो सब करते है,इसको खोने से भी सब डरते है,हम तो न प्यार करते है न मोहब्बत करते है,हमतो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने को तरसते है।

ना जाने इतना प्यार कहां से आया हैतुम्हारे लिये कि मेरा दिल भी तुम्हारेखातिर मुझसे रूठ जाता है

कुछ लोगों की मोहब्बत भी सरकारी होती है, न तो फाइल आगे बढती है, न ही मामला बंद होता है.Book Shayari

मानव का उपयुक्त अध्ययन पुस्तकें प्रस्तुत करती हैं.

आ बैठ मेरे संग, तुझ पर भी मोहब्बत का नकाब रख दूँ,दो शब्द क्या, तेरे इश्क में पूरी किताब लिख दूँ.

मुझे तू चहियते तेरा साथ चाहिए जिसे थम्भ कर मै पूरी ज़िंदगी बिता दू…वो वाला हाथ चाहिए!!!😍

संभलना पड़ता है, बुरे वक्त में कोई नहीं संभालता !

आप की खा़तिर अगर हम लूट भी लें आसमाँ,क्या मिलेगा चंद चमकीले से शीशे तोड़ के !

चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही !रवैये अजनबी हो जाये तो बडा दर्द होता है

चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे,हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है,अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में,लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है।

वो आँखों ही आँखों में करती है ऐसे बातें,के कानों कान किसी को खबर नही होती।

अधूरी शाम का अधूरा किस्सा हूँ मैं, जो पढ़ा न गया किताब को वो हिस्सा हूँ मैं.

में नासमझ सही पर वो तारा हूँ जो तेरी ख़वीशो के लिए सौ बार टूट जाऊ!!🥰

कोई मजबूरी होगी जो वो याद नहीं करते, संभल जा ऐ दिल, तुझे बस रोने का बहाना चाहिए !

हर शख़्स है इश्तिहार अपनाहर चेहरा किताब हो गया है~क़ैसरउलजाफ़री

~ चिराग जलते है तो जलने दो आसमां रोशन होता है होने दोबंद करो हिन्दू मुस्लिम को बाटने का धंधा अब हमे मिलजुलकर एक तिरंगे के नीचे रहने दो।

कुछ कमीनेदोस्त जबरदस्ती प्यारकरवा देते हैंवह देख चश्मेवाली तुझे ही देखरही है

पहाड़ो जैसे सदमे झेलती है उम्र भर लेकिन,बस इक औलाद की तकलीफ़ से माँ टूट जाती है।

समंदर न सही पर एक नदी तो होनी चाहिएतेरे शहर में ज़िन्दगी कही तो होनी चाहिए

और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गयी जिसको आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गयी

तेरे बगैर किसी और को देखा नहीं मैंने,सूख गया वो तेरा गुलाब लेकिन फेंका नहीं मैंने।।

तेरी मोहब्बत मैंने एक बात सीखी है, तेरे साथ के बगैर ये दुनिया फीकी है।

कैसे बयान करें सादगी अपने महबूब की,पर्दा हमीं से था मगर नजर भी हमीं पे थी।

अधूरी शाम का अधूरा किस्सा हूँ मैं,जो पढ़ा न गया किताब को वो हिस्सा हूँ मैं.

माँग लूँ यह दुआ कि फिर यही जहाँ मिले,फिर वही गोद मिले फिर वही माँ मिले।

मोहब्बत करनी है, फिर से करनी है, बार बार करनी है, हज़ार बार करनी है, लेकिन सिर्फ तुमसे ही करनी है।

ये मोहब्बत है जनाब कितनी भी तकलीफ दे मगर सुकून भी उसी की बाहों में मिलता है।

मोहब्बत बुरी है बुरी है मोहब्बत,कहे जा रहे है किये जा रहे है।

तारिखियों को आग लगे और दिया जले ये रात बेन करती रहे और दिया जले तुम चाहते हो तुमसे बिछड़ कर भी खुश रहूं यानी हवा भी चलती रहे और दिया जले

जो पल बीत गये वो वापस आ नही सकते,सूखे फूलो को वापस खिला नही सकते,कभी ऐसा लगता है वो हमे भूल गये होंगे,पर ये दिल कहता है वो हमे कभी भुला नही सकते।

जरूरी नही जीने के लिए सहारा हो,जरूरी नही जिसे हम अपना माने वो हमारा हो,कई कस्तियां बीच भबर में डूब जाया करती हैं,जरूरी नही हर कस्ती को किनारा हो।

महीनों बाद दफ्तर आ रहे हैं हम एक सदमे से बहार आ रहे हैं समंदर कर चूका तस्लीम हमको ख़ज़ाने खुद ही ऊपर आ रहे हैं

मेरा हर लम्हा चुराया आपने, आँखों को एक ख्वाब देखाया आपने, हमें ज़िंदगी दी किसी और ने, पर प्यार में जीना सिखाया आपने।

जिन्दगी के जज्बातों को लिखों इस कदर, हर दूकान में तुम्हारे किताब आये नजर.

जो एक लफ़्ज़ की ख़ुशबू न रख सका महफूज़मैं उस के हाथ में पूरी किताब क्या देताअश्कों में पिरो के उस की यादेंपानी पे किताब लिख रहा हूँ

हवा चुरा ले गयी मेरी शायरी की किताब, देखो आसमां पढ़ के रो रहा है बेहिसाब !

किताबों सी हो गई हैजिन्दगी हमारी,पढ़ हर कोई रहा हैसमझ कोई नहीं रहा।

दूसरी गर्लफ्रेंड बनाने केचार तरीकेदेखो कितने ध्यान सेपढ़ रहे हो पहलेएक तो पटा लो..

सुना हैं काफी पढ़ लिख गए हो तुम,कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते हैं।

तेरे इश्क़ में इस तरह नीलाम हो जाऊ….आख़री हो तेरी बोली और में तेरे नाम हो जाऊ!!💟

कहीं हर ज़िद पूरी, कहीं ज़रूरत भी अधूरी,कहीं सुगंध भी नही, कहीं पूरा जीवन कस्तुरी।

इस जालिम दुनिया में सब के सबबेवफा हैंमें मेरे फोन से प्यार करता हूँ औरवो अपने चार्जर से

मुहब्बत लिबास नहीं जो हर रोज बदल जाए मोहब्बत कफन है जो पहन कर उतारा नहीं जाता।।

ज़रा ये धुप ढल जाए ,तो हाल पूछेंगे ,यहाँ कुछ साये , खुद को खुदा बताते हैं।

ये किताबी नहीं,जीवन का गणित है साहब ,यहाँ दो में से एक गया तो कुछ नहीं बचता।चाहे जीवन साथी हो या दोस्त ।

घुटनों से रेंगते-रेंगते जब पैरों पर खड़ा हुआ,माँ तेरी ममता की छाँव में जाने कब बड़ा हुआ।

वो खुली किताब थी,मैंने उसे पूरे दिल से पढ़ा था,पर जब वो बेवफा निकलीतो लगा दोस्तों ने सच कहा था.

शायद इश्क अब उतर रहा है सर से,मुझे अलफ़ाज़ नहीं मिलते शायरी के लिए..

हुआ सवेरा तो हम उनके नाम तक भूल गएजो बुझ गए रात में चरागों की लौ बढ़ाते हुए।

किसी के लिये किसी की अहमयित खास होती है,और एक दिल की चाबी दूसरे के पास होती है।

आँखों से आँखे मिला मदहोश हो गये,हम हमारे न रह कर उसी के हो गये.

जिंदगी छोटी नहीं होती है, लोग जीना ही देरी से शुरू करते हैं.

काश तुम कभी जोर से गले लगा कर कहो,डरते क्यों हो पागल तुम्हारी ही तो हूँ !

कतरा कतरा गुलाब होता है,कतरा कतरा गुलाब होता है,,अगर वो अपने हाथों से पिला दें तोमिनरल वाटर भी शराब होता है।😝😝🤣🤣😂

किताबें विचारों की प्राथमिक वाहक है।

मैं वो क्यों बनु जो तुम्हें चाहिएतुम्हें वो कबूल क्यों नहींजो मैं हूंMain vo kyon Banu Jo Tumhen chahie Tumhen vo Qubool Kyon NhiJo Main Hun

दिल की किताब में गुलाब उनका था,रात के नींद में ख्वाब उनका था,कितना प्यार करते हो जब हमने पूछामरे जायेंगे तुम्हारे बिना यह जवाब उनका था.

तू निकले तो ठीक लगे,तेरा बाप निकले तो मुझे बीक लगे,और जब आए पोलिसवाले की जीप,मेरे स्कूटर की किक लगे!

अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ परसो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है

मेरी हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की, और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की,शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है, क्या जरूरत थी तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की।

काला टीका दूध मलाई आज भी सब कुछ वैसा है,मैं ही मैं हूँ हर जगह प्यार ये तेरा कैसा है?

किताबों का असली मकसद होता है मस्तिष्क को सोचने के लिए मजबूर करना।

आग लगाने वालो को कहाँ खबर है, रुख हवाओं ने बदला तो खाख वो भी होंगे !

आ बैठ मेरे संग, तुझ पर भी मोहब्बत का नकाब रख दूँ, दो शब्द क्या, तेरे इश्क में पूरी किताब लिख दूँ.

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