2081+ Apno Ke Liye Shayari In Hindi | अपनों के लिये शायरी और स्टेटस

Apno Ke Liye Shayari In Hindi , अपनों के लिये शायरी और स्टेटस
Author: Quotes And Status Post Published at: August 8, 2023 Post Updated at: June 8, 2024

Apno Ke Liye Shayari In Hindi : आज कल किसी का किसी पर कोई हक़ नहीं है, अपनों के पास ही अपनों के लिए वक़्त नहीं है।

इश्क लिखने को इश्क होनाबहुत जरुरी है जहर का स्वादबिना पिए कोई कैसे बताएगा

जीवन के बारे में कहानी लिखना बहुत आसान है। लेकिन कहानी के मुताबिक जिंदगी बहुत कठिन है ।

तुम्हे इतना पसंद करता है कम्बख्त दिल ए सनम, कि मेरी पहली और आखिरी आरजू बस तुम हो !

तुम्हारे चाँद से चहरे पर गम अच्छे नही लगते,एक बार हम से कह दो तुम चले जाओ,हमे तुम अच्छे नही लगते.

ज़िन्दगी का हर पल कुछ ऐसा रहे की मर कर भी अमर रहे।

है मेरी जंग अपनों से,नतीजा एक ही होगा,जो हारूँ तो भी मैं हारूँ,जो जीतूँ तो भी मैं हारूँ।

एक लम्हा सौ सवाल, सौ में सिर्फ एक तेरा ही ख्याल।❣

“ धोकेबाज़ लोगों की एक निशानी ये भी हैवो जब भी आपको गिराना चाहेंगेतो वो आपको धक्का नहीं सहारा देंगे….!!!

न जाने किस तरह दिल से मेरे उतर गए..चाहत में मेरी तुम ना जाने कब बदल गए..

कभी-कभी सच्चे प्यार की कीमतहमें वह लोग समझा जाते हैंजिनका प्यार से दूर दूर तककोई रिश्ता ही नहीं होता!!

हर इंसान उस शख्स कीबातें चुप चाप सुन लेता हैजिसे वो खोने से सबसे ज़्यादा डरता है

जब अपने ही हमें चोट दे जाते है, पता नही जाने क्यो अपने ही अपनो से धोखा कर जाते है।

मैंने दबी आवाज़ में पूछा? मुहब्बत करने लगी हो?नज़रें झुका कर वो बोली! बहुत।

जिंदगी की तलाश में मौत कीराह चलते गए,समझ आया जब तक, तब तकतन्हाइयों में डूबते चले गए।

कैसे करू भरोसा गैरो के प्यार पर,अपने ही मजा लेते अपनो की हार पर।

आज खुद को मैं देख कर हैरान हो गया मैं रिश्ते बचाकर भी बदनाम हो गया मेरे अपने छीन लिए अब खुश होगा खुदा मैं खुद ज़ख्म औरों का इलाज हो गया

गैर आते है मगर सपनो में और प्यार मिलता है सिर्फ अपनों में।

जिंदगी से हर कदमपर लड़ तो जाता हूं मैं,पर अपनों से हरबार हार जाता हूं।

खामोश रहने से रिश्तेहमेशा उदास हो जाते है,कभी अपनी सुनाओं तोकभी अपनों कि भी सुनो।

किसी को चाहकर छोड़ देनाबहुत आसान हैकिसी को छोड़कर भी चाहो तोपता चलेगा मोहब्बत किसे कहते हैं.!

बड़ा पुरनम वो बिछड़ने का नज़ारा थाहोंठ कपकपाए थे… नैनों ने पुकारा थामुझे जान कहने वाला भी बदल गया यारोंउस ज़ालिम के सिवा कौन भला हमारा था

“ ज़िन्दगी में अपनापनतो हर कोई दिखाता हैपर अपना कौन हैये वक्त बताता है….!!

कैसे मुझे तुम मिल गई किस्मत पे आये न यकीं!💝

“ मुझे गुमान थाकि चाहा बहुत सबने मुझे,मैं अज़ीज़ सबको थामगर ज़रूरत के लिए…!!

“ काश ये लोग समझ जाए कि रिश्तेएक दूसरे का ख्यालरखने के लिए बनाये जाते हैना कि इस्तेमाल करने के लिए….!!!

क्यों शर्मिंदा करते हो रोज़ हाल पूंछ कर,हाल वही है जो तुमने मेरा बना रखा है.

शायद जिन्दगी को ख़ुशी बर्दास्त नहीं तभी बार अपनों से रूठ जाती है ये

जिन लोगों को तन्हाई पसंद होती है,उन्हें समझना बहुत मुश्किल होता है ।।

जो लोग पहले गन्ने जैसे मीठे होते हैं,वही लोग मतलब के बाद करले जैसे कड़वे हो जाते है।

ये जो आज पैसा है दौलत है,सब माँ-बाप की ही बदौलत है।

इस मतलबी दुनिया में जरूरत से ज्यादा अच्छे बनोगे तो जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कर लिए जाओगे

खुद को यूँ खोकर ज़िन्दगी को मायूस न कर,मंज़िलें चारों तरफ हैं रास्तों की तलाश कर।

“ रिश्ते का ना होनाइतनी तकलीफ नहीं देताजितना रिश्ते के होते हुएएहसास का मर जाना देता है…!!

कागज़ का फूल बनाकर जला दूँ मैं उसका दिया गुलाब किसी किताब में बंद है

मेरा रब तो पानी का भी हिसाबलेगा और तूने तो मुझसेआंसुओं का समंदर बेहवाया है

आपकी नज़रो से दूर चले जाएंगेफिर वापस लौटकर ना आएंगेअब और गम हम नहीं सह सकतेकिसी और को दिल में नहीं बसायेंगे।

सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है कोई हाथ से ले जाए पर नसीब से छीना नहीं जा सकता है

जब जीवन उलझनों में फंस जाए,दुनिया की भीड़ से हार जाए।तब याद आती है हमें अपनों की |,

मतलबी लोगों को पहले जो चाँद नजर आता है,मतलब के बाद चाँद मे भी दाग नजर आता है।

गैरों से मुहब्बत होने लगी है आजकल मुझे,जैसे जैसे अपनों को आजमाता जा रहा हूँ।

एक तेरे गम को जगह दी दिल में जो मैंने गम गम नहीं रहा ज़हर हो गया

शाम से आँख में नमी सी है, आज फिर आप की कमी सी है दफ़्न कर दो हमें के साँस मिले, नब्ज़ कुछ देर से थमी सी है

दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते है, तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते है, यूँ तो मिल जाता है हर कोई, मगर आप जैसे दोस्त नसीबवालों को मिलते है…

“ इस ज़िन्दगी के सफर मेंकुछ बेगाने अपने बन गये,जो रिश्तों में थे अपनेवो अब बेगाने बन गये….!!

दिल को दिल से चुराया तुमने, दूर होते हुए भी अपना बनाया तुमने, कभी भूल नही पाएंगे तुमको ऐ दोस्त, क्योंकी दोस्ती करना सिखाया तुमने…

कैसे भरोसा करू गैरों के प्यार पर,यहाँ अपने ही मजा लेते हैं अपनों की हार पर।

जब किसी को आपकी जरूरत ख़तम हो जाती है तो उनका बोलने का तरीका भी बदल जाता है।

ये कह कर मेरेदुश्मन मुझे छोड़ गए,कि तेरे अपने ही काफी हैंतुझे रुलाने के लिए।

खुद को टीना बेचारा बनाया ना कर हर कहीं आंसू बहाया ना कर सारी मेरी गलती हो कैसे मुमकिन है झूठे किस्से लोगों को बताया ना कर

वो घटिया लोग होते हैं,जो ज़ख्मों पर नमक छिड़ते हैं।अपनी तो आदत है,,सीधे ज़ख्म देने की।

वैसे तो कई चेहरे है मेरी इनबेताब निगाहों मेंलेकिन ये कमबख्त दिलजहाँ ठहरता है वो सिर्फतुम हो

जो समझ ले वो लोग अच्छे हैं,मतलबी लोगों के साथ से अकेले ही अच्छे हैं।

छीन कर अपनों को अपनों से तू ए खुदा कौन सा हिसाब करता है

करनी मुझे खुदा से कुछ फरियाद बाकी है, हमे उनसे कहनी कुछ बात बाकी है, मौत आएगी तो कह देंगे रुक जरा, अभी मेरे दोस्त से एक मुलाकात बाकी है…

ना रास्तों ने साथ दिया…ना मंज़िल ने इंतजार किया…मैं क्या लिखूं अपनी जिंदगी पर…मेरे साथ तो…उम्मीदों ने भी मजाक किया…

नाजुक होता है ये मोहब्बत का धागा टूटा तो फिर जुड़ नहीं पाता

मतलब की दुनिया में कोई अपना नहीं होता शायरी

हमारी नज़रों से नज़रें मिलाओ,ऐसे मुझसे नज़रें ना चुराओ।कितने घटिया हो तुम हम जान गए हैं,अब मुझे अपनी बातों में ना फ़साओ।

वक्त बहुत कम है साथ बिताने में, इसे न गवांना कभी रूठने मनाने में, रिस्ता तो हमने बांध ही लिया है आप से, बस थोड़ा सा साथ दे देना इसे निभाने में।

उदास दिल है मगर मिलता हूँ हर एक से हँस कर यही एक फन सीखा है बहुत कुछ खो कर

जो हमारे दर्द को समझते हैं,और हमेशा हमारे साथ होते हैं।जिनके बिना हमारी ज़िन्दगी अधूरी होती है,वाही तो हमारे अपने होते हैं |

खुद को भूल न जाऊं भटक न जाऊं कहीं…एक टुकड़ा आइना जेब में रखता हूँ अक्सर

कितना कुछ किया मैंने उसके लिए, की बाकी ना रखा मैंने कुछ खुद के लिए।

वो दिल ही क्या जो वफ़ा ना करे,तुझे भूल कर जिएं कभी खुदा ना करे,रहेगी तेरी मुहब्बत मेरी जिंदगी बन कर,वो बात और है, अगर जिंदगी वफ़ा ना करे.

इश्क़ ऐसा था कि उनको बता ना सके,चोट थी दिल पे जो दिखा ना सके,नहीं चाहते थे हम उनसे दूर होना,लेकिन दूरी इतनी थी कि हम मिटा ना सके.

सिर्फ तू परवाह करने वाले की खोज कर,क्यूंकि ,,मतलबी तो खुद म खुद तेरे को ढूंढ लेंगे है।

बड़ी अजीब दास्ता है मेरे फसाने कीपल पल कोशिश की उनसे फासले मिटाने कीकिस्मत थी या फिर कोई शाजीश जमाने कीदूर हुए इतना जितनी उम्मेद थी उनके करीब जाने की।

ये जो तुम लफ़्ज़ों से बार बारचोट देते हो नादर्द वही होता है जहांतुम रहते है ।

“ फिसल रहीं है सारीखुशियाँ पलकों से भिगकर,हर अपना बिछड़ रहा हैमुझसे एक एक कर…..!!!

कुछ पल का बुरा समय जिंदगी भर याद रह जाता हैं चाहे कितनी भी खुशिया आ जाये बुरा पल हमेशा याद रहता हैं।

दुआ करो जो जिसे मोहब्बत करे वो उसे मिल जाये,क्योंकि बहुत रुलाती है ये अधूरी मोहब्बत.

तुझसे और तेरे ख्यालों से निकलकर, अब कुआशिष करूंगा की खुद के लिए वक़्त निकालूँ मैं।

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