378+ Shayari On Beauty Of Girl | Beauty Shayari for Beautiful Girl

Shayari On Beauty Of Girl , Beauty Shayari for Beautiful Girl
Author: Quotes And Status Post Published at: November 3, 2023 Post Updated at: March 29, 2024

Shayari On Beauty Of Girl : इस जहां में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे,सदियों तक इस जमीं पे तेरी कयामत रहे। हुस्न वालों को संवरने की क्या जरूरत है,वो तो सादगी में भी क़यामत की अदा रखते हैं।

तू जहा है वही सवेरा है तू जहा नहीं वहा अंधेरा हैतू मान या ना मान  सबसे खूबसूरत चेहरा तेरा है।

पाँव उठा कर गलें मिलती हैं मुझ सें,मोहतरमा कद में छोटी जो हैं मुझसें!!

कुछ अपना अंदाज हैं !!कुछ मौसम रंगीन हैं !!तारीफ करूँ या चुप रहूँ !!जुर्म दोनो ही संगीन हैं !!

अभी इस तरफ़ न निगाह कर !!मैं ग़ज़ल की पलकें सँवार लूँ !!मेरा लफ़्ज़-लफ़्ज़ हो आईना !!तुझे आईने में उतार लूँ !!

चेहरे की सुंदरता से ही कुछ नही होता जनाब, दिलों की खूबसूरती कही जयदा मायने रखती है।

नवाज़ा है जिसे उस ख़ुदा ने अपनी अदाकारी से, वो हर शख्स अपने आप मे खूबसूरत तो है ही।

धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल,अभी तो पलकें झुकाई हैं,दांतो तले होठों को दबा कर मुस्कुराना अभी बाकी है।।

तेरी खाई हुई मेरे सर की झूठी कसमेंअब मुझे अक्सर बीमार रखती हैं

वो मुझसे रोज़ कहती थी मुझे तुम चाँद ला कर दो,उसे एक आईना दे कर अकेला छोड़ आया हूँ।

तुझे पलकों पे बिठाने को जी चाहता है तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है, खूबसूरती की इंतेहा हैं तू, तुझे ज़िन्दगी में बसाने को जी चाहता है।

इस जहां में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे, सदियों तक इस जमीं पे तेरी कयामत रहे।

महक़ रहा है चमन की तरह वो आईनाकि जिस में तूने कभी अपना रूप देखा था

अभी इन निगाहों से ना देखो इस तरफ रुको जरा ग़ज़ल की पलके सवार लू, मेरा हर लफ्ज़ हो आयना तुजे इस आयने मैं उतार लू ।।

उफ्फ ये नज़ाकत ये शोखियाँ ये तकल्लुफ़,कहीं तू उर्दू का कोई हसीन लफ्ज़ तो नहीं।

उनकी एक मुस्कराहट नेहमारे होश उड़ा दिएहम होश में आ ही रहे थेकि वो फिर मुस्कुरा दिए

आफ़त तो है वो नाज़ भी अंदाज़ भी लेकिन,मरता हूँ मैं जिस पर वो अदा और ही कुछ है।

तेरी ख़ूबसूरती के इस तरह कायल है जी करता है तुझे तस्वीर से बाहर निकाल लू।

ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हें तुम्हारी शख्सियत की खबर, कभी हमारी आँखो से आकर पूछो कितने लाजवाब हो तुम।

आपको देखा तो फिर किसी को नहीं देखा चांद भी कहता रहा मैं चांद हु।

कुछ फिजायें रंगीन हैं, कुछ आप हसीन हैं,तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो संगीन हैं।

हुस्न का क्या काम ✧ सच्ची मोहब्बत में ✧रंग सांवला भी हो तो ✧ यार कातिल लगता है ✧

सुबह का मतलब मेरे लिए सूरज निकलना नही, तेरी मुस्कराहट से दिन शुरू होना है।

जितने आप खूबसूरत हो अपने तन से उससे भी कई ज्यादा खूबसूरत होअपने मन से।

तुम्हारा तो गुस्सा भी इतना प्यारा है की,जी चाहता है की दिनभर तंग करता रहू !!

देख कर तेरी आँखों को मदहोश मै हो जाता हूँ. तेरी तारीफ किये बिना मै रह नहीं पता हूँ.

ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हेंतुम्हारी शख्सियत की खबर,कभी हमारी आँखो से आकर पूछोकितने लाजवाब हो तुम।

अगर खूबसूरती वही है जिसे देख नज़रे ठहर जाए, तो कह दो अपनी नज़रो से, हमारा दीदार कर जाए।

कहाँ से लाऊँ वो लफ्ज़ जो सिर्फ तुझे सुनाई दे ,दुनियाँ देखे अपने चाँद को मुझे बस तूही दिखाई दे ।

तेरी खूबसूरती की तारीफ में क्या लिखूं, कुछ खूबसूरत शब्दों की अभी तलाश है मुझे।

तेरा हसीन चेहरा देखने के बाद दिल ने फिर से हिम्मत की है प्यार करने की।

ख्वाइश है बस तुम्हे पाने की और कोई हसरत नहीं इस दीवाने की शिक़वा तुम से नहीं खुदा से है क्या ज़रूरत थी तुम्हें इतना  हसीन बनाने की।

ये बात, ये तबस्सुम, ये नाज, ये निगाहें,आखिर तुम्हीं बताओ क्यों कर न तुमको चाहें।

खूबसूरती चांद की फीकी है उनके नूर के आगे, अब कुछ भी भाता नही हमें उनके सूरूर के आगे।

यकीनन चेहरे की खूबसूरती आंखों को सुकून देती है, लेकिन…. रूह को सुकून तो दिल की खूबसूरती ही देती है।

हमराह तो साथ में चलते है रास्ते तो अजनबी बदलते है जबसे बसाया है तुझको आंखों में न जाने लोग क्यू मुझसे इतना जलते है।

शुक्र है ये दिल सिर्फ धड़कता है,अगर बोलता तो कयामत आ जाती।

ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर।

ढाया है खुदा ने ज़ुल्म हम दोनों पर, तुम्हें हुस्न देकर मुझे इश्क़ देकर।

तुमसे उभर कर तुम में ही फिर डूबने का मन है,एक बार फिर इश्क़ से उलझने का मन है.मैने  कहा  था  ना  तुमसे, दर्द सा वफादार कोई नही है.

कमियां तो बहुत है मुझ मेंपर कोई निकाल कर तो देखें

रिश्ते बनते रहे इतना ही बहुत हैं,सब हँसते रहे इतना ही बहुत हैं,हर कोई हर वक्त साथ नही रह सकता,याद एक दुसरे को करते रहे इतना ही बहुत हैं..!!

जब उनको बरसात में देखा तो ऐसा लगा की गुलाब पर पानी की बूंदे।

खूबसूरती तो सांवले चेहरे में ही होती है, गोरी तो तब भी तकलीफ देते थे और आज भी।

कुछ इस तरह से वो मुस्कुराते हैं,कि परेशान लोग उन्हें देख कर खुश हो जाते हैं,उनकी बातों का अजी क्या कहिये,अल्फ़ाज़ फूल बनकर होंठों से निकल आते हैं।

सुनो…मुझे देखकर तेरा यूं मुस्कुराना बेहद पसंद है…एक तुझ से ही मेरे जीवन मे सदा बसन्त है…!!!

हमेँ कँहा मालूम था क़ि इश्क़ होता क्या है,बस एक तुम मिले और ज़िन्दगी मुहब्बत बन गई..!!

ढाया है खुदा ने ज़ुल्म हम दोनों पर,तुम्हें हुस्न देकर मुझे इश्क़ देकर।

जब खामोश आँखों से बात होती है,तो ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,तेरे ही ख्यालों में खोये रहते हैं,न जाने कब दिन और कब रात होती है..!!

खूबसूरती अगर गोर रंग में होती, तो रात इतनी खूबसूरत नहीं होती।

न देखना कभी आईना भूल कर देखोतुम्हारे हुस्न का पैदा जवाब कर देगा।

उसको सज़ने संवरने की ज़रूरत ही नही ……उसपे सज़ती है हया भी किसी ज़ेवर की तरह !!

एक लाइन में क्या तेरी तारीफ लिखूँ, पानी भी जो देखे तुझे तो, प्यासा हो जाये।

सुकून मिलता है जब उनसे बात होती है मज़ा आ जाता है जब उनसे मुलाक़ात होती है जब देखते है उनके ख़ूबसूरत चहरे को मेरे लिए वही पूरी क़ायनात होती है।

एक लाइन में क्या तेरी तारीफ लिखूपानी भी जो देखे तुझे तो, प्यासा हो जाये

वो पूछते है शायरी क्यू लिखते हो जैसे उन्होंने कभी शीशे को देखा ही नहीं।

तुम्हे हर वक़्त देखना मेरी आदत बन गई है तुम्हे खुदा से मांगना मेरी इबादत बन गई है।

अपनी हसीन सूरत कोपर्दे में छुपा लिया करो,हम गुस्ताख़ लोग है नज़रों से चूम लिया करते है।

कैसी थी वो रात कुछ कह सकता नहीं मैं,चाहूँ कहना तो बयां कर सकता नहीं मैं ।

आज फिर निकले हैं, वो बेनकाब शहर मेआज फिर भीड़ होगी शहर में

स घड़ी देखो उनका आलम नींद से जब हों बोझल आँखें, कौन मेरी नजर में समाये देखी हैं मैंने तुम्हारी आँखें।

उनकी उल्फ़त अदाओं को बड़ी फुरसत से निहार रहे थे हम, मगर उन्हें फुरसत नहीं थी खूबसूरत-सी अपनी नजरें हमपर फेरने की।

आप जैसी खूबसूरत अपसरा को नीचे भेज कर खुदा का भी आपके बगैर मन नहीं लगता होगा।

खूबसूरती अक्सर सांवलेपन में होती है, गोरे तो तब भी फरेबी थे और अब भी।

हमारा क़त्ल करने की उनकी साजिश तो देखो,गुजरे जब करीब से तो चेहरे से पर्दा हटा लिया।

तुम आईना क्यूं देखती हो?बेरोज़गास करोगी क्या मेरी आँखों को..

काश तुझे सर्दी के मौसम मे लगे मोहब्बत की ठंड,और तु तड़प के मांगे मुझे कंबल की तरह..!!

तुम अपनी पायल की झंकार ना सुनाया करोहमारे दिल में.तुम्हारी यादों के घुँघरू बजने लगते हैं

अपने चेहरे की खूबसूरती पे इतना गुमान मत कर, तेरे खूबसूरती से ज्यादा मेरे सादगी के चर्चे है बाजार में।

तुम्हारी तारीफ किये बिना मै रुक नहीं पता.तुम्हारे हुस्न के चर्चे महफ़िल में करता जाता.

मजा तो हमने इंतजार में देखा है,चाहत का असर प्यार में देखा है,लोग ढूंढ़ते हैं जिसे मंदिर मस्जिद में,उस खुदा को मैने आपमें देखा है..!!

तुम्हे हर वक़्त देखना मेरी आदत बन गई है तुम्हे खुदा से मांगना मेरी इबादत बन गई है।

तेरी आँखों के खूबसूरती में डूब जाऊ मै. धीरे धीरे तेरी तारीफ करता चला जाऊ मै.

Recent Posts