1333+ Izzat Respect Quotes In Hindi | Self Respect Quotes In Hindi

Izzat Respect Quotes In Hindi , Self Respect Quotes In Hindi
Author: Quotes And Status Post Published at: October 5, 2023 Post Updated at: April 4, 2024

Izzat Respect Quotes In Hindi : इससे पहले कि दूसरे भी ऐसा करें, आपको खुद को उच्च सम्मान देना होगा। कोई भी हमारे मूल्य को तब तक कम नहीं कर सकता जब तक हम उन्हें ऐसा करने नहीं देते।

अपनी कहानी का मालिक होना और इसमेंखुद से प्यार करना सबसे कठिन काम हैजो हम कभी भी करते हैं। – ब्रेन ब्राउन

खुशी आत्म-सम्मान का उच्चतम रूप है,एक व्यक्ति जो खुद को खुश रहने की अनुमति देता है,,वह अपना स्वाभिमान दिखाता है।मैरी रुबिन

रुस्वाई हो जिन रास्तों पर vahin इज़्ज़त के मुक़ाम बनाकर दिखाऊंगा मैं।

खुद्दारियों में हद से गुजर जाना चाहिए !!इज्ज़त से जी न पाये तो मर जाना चाहिए !!

जो व्यक्ति सच्चे दिल से दान करता हैं, उसकी इज़्ज़त हर व्यक्ति और हर समाज करता हैं।

अपने सम्मान का ध्यान रखनाइसे अहंकार या घमंड नहींइसे आत्म सम्मान कहते हैं।

अपनी वफादारी को कभी भी गुलामी न बनने दें,और अपने स्वाभिमान से कभी समझौता ना होने दें..!!

अपने जीवन से लोगों को काटने का अर्थ यह नहीं हैकि मैं उनसे घृणा करता हूँ.इसका सीधा सा अर्थ है किमैं ख़ुद का सम्मान करता हूँ.

चाहे इंसान गरीब हो या आमिर, दलित हो या ब्राह्मण सबको इज़्ज़त से रहने से का अधिकार हैं।

जहाँ आप दूसरों की सलाह को सुन करबेझिझक मान लेते हैं, वहां सोच कर लिए गएअपने फैसले पर कभी शक मत करना।

मोहबत इज्जत से शुरू होती है, मोहब्बत इज्जत पर ही खत्म होती है।

आत्मसम्मान की कमी अंततः चरित्र का पतन कर देती है।

मयखाने की इज्ज़त का सवाल था हुज़ूर, सामने से गुजरे तो, थोड़ा सा लड़खड़ा दिए।

“ याद रखो, आप वर्षों से खुद कीआलोचना करते आ रहे हैंऔर इस से कुछ नहीं हुआ।अपने आप की प्रशंसा करने का प्रयासकरें और देखें कि क्या होता है…!!

बेईमानी की महफ़िल से बेनामी का अकेलापन बेहतर है।

दूसरो को प्रोत्साहन देकर आप इज्जत के हक़दार जरूर बन सकते हैं।

जो बात नहीं करते बेवजह,उनसे बेवजह बात करना बेवजह है।

अभिमान किसी को ऊपर उठने नहीं देता, और स्वाभिमान किसी को नीचे झुकने नहीं देता।

अपनी अलग पहचान ढूंढने के चक्कर में कहीं आत्म-सम्मान मत खो देना।

खुद का सम्मान करें औरदूसरे आपका सम्मान करेंगे.

जो व्यक्ति अभिमानी होता हैवह सिर्फ अपने आपकोबड़ा दिखाने की ही कोशिश करता है!…और जो स्वाभिमानी होता हैवह सबको एक समान समझता है!…

आत्मसम्मान के लिए मर मिटना ही दिव्य जीवन हैं।Atmasamman Ke liye Mar Mitana Hi Divy Jivan Hain.

जब कोई व्यक्ति अपना आत्मसम्मान ही खो देता हैतब वह कितना ही धन प्राप्त कर लेअपनी इज़्ज़त फिर से नहीं खरीद सकता।

कोई भी इस दुनिया में इतना बेहतरीन नहीं,कि किसी के लिए हम खुद को गिरा लें..!!

खुदा या नाखुदा अब जिसको चाहो बख्श दो इज्जत, हकीकत में तो कश्ती इत्तिफाकन बच गई अपनी।

“ हमें इस बात की चिंता क्यों करनी चाहिएकि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं,क्या हम अपनी राय से ज्यादाविश्वास दूसरों की राय पर करते हैं…!!

“ दूसरों से इज़्ज़ततब तक नहीं मिलेगीजब तक ख़ुद, ख़ुद की इज़्ज़त नहीं करोगे…!!

“ आत्मसम्मान से ज़िंदगी जीने केलिएआत्मनिर्भरहोना ज़रूरी होता है….!!

अहंकार, गुस्सा और आत्म सम्मान की वजह से प्यार करने वालों को दूर होना पड़ता है।

आजकल दुनिया में वजह हो तो कद्र होती है,वरना बेवजह कद्र कोई नहीं करता,और बहुत कम लोग हैं,जो बेवजह कद्र करते हैं।

“ मैं झुकता हूं इसका मतलब मेरे संस्कार है,आपका सर ऊँचा होताये आपका अहंकार है….!!

आत्मसम्मान से ज़िंदगी जीने के लिएआत्मनिर्भर होना ज़रूरी होता है.

लोगो की नज़र में अच्छा बनना फितरत नहीं है हमारी,बस भगवान की नजर में कभी भी न गिरू यही कोशिश है हमारी..!!

अभिमान किसी को ऊपर उठने नहीं देता, और स्वाभिमान किसी को नीचे झुकने नहीं देता।

स्वाभिमान हो तो ऐसा की दुनिया देखती रह जाएदोस्ती करो तो ऐसी की दुनिया जलती रह जाए

अगर आपकी नियत में खोट हैंतो समझ लीजिये की आपसम्मान पाने के लिए अयोग्य हैं।

अपनी औकात भूल जाऊ इतना अमीर भी नही हू मै,और कोई मेरी औकात बताए इतना फकीर भी नहीं हू मै..!!

अपने आत्म-सम्मान की रक्षा करें परन्तु,अपने अहंकार को स्वयं से दूर रखें।

तन्हाई ने हमपर कुछ ऐसा असर कर दिया,अंजाने में हमे खुद सें प्यार करना सिखा दिया।

जो इज़्ज़त कमाने के लिए परिश्रम करता हैं, उसके पास धन अपने आप ही दौड़ा चला आता हैं।

“पहले खुद से प्यार करो और बाकी सब कुछउसके बाद आता है। इस दुनिया में कुछ भीपाने के लिए तुम्हें खुद से प्यार करना होगा।”– ल्यूसिल बॉल

कीमत तो हर चीज की चुकानी पड़ती है, इंसान हो या वस्तु मिलने से पहले भी और खोने के बाद भी। इसलिए हर चीज की इज़्ज़त करें।

मयखाने की इज्ज़त का सवाल था हुज़ूर, सामने से गुजरे तो, थोड़ा सा लड़खड़ा दिए।

नही कर रहे है कुछ लोग इज्जत हमारीजब खोएंगे तब जानेंगे

जो इनाम के लिए नहीं ईमान के लिए कार्य करते हैं!!उनके आत्म सम्मान पर कभी भी आंच नहीं आती!!

घर बनाने में वक़्त तो लगता ही है,जब पैसा इज़्ज़त की कमाई का होता है।

प्यार भी उन से मांगो जिनसे बा-इज़्ज़तहो कर मिले बे-इज़्ज़त हो कर नहीं।

प्यार भी उन से मांगो जिनसे बा-इज़्ज़त हो कर मिले,बे-इज़्ज़त हो कर नहीं।

आज हर अपना अनजान दिखाई देता है,शायद इसीलिए मुझे उन से पहले अपना आत्म-सम्मान दिखाई देता हैं।

आत्म-सम्मान की अहमियत वो जानते हैं,जिन्होंने मंज़िल तक पहुँचने के लिए किसी की सीढ़ियों का सहारा न लिया हो..!!

मान-सम्मान तभी तक है,जब तक किसी के सामने मदद के लिए हाथ न फैलाया जाए।– प्रेमचंद

सबसे बेहतरीन नजर वो है!!जो अपनी कमियों को भी देख सके!!क्योंकि नींद तो रोज खुलती हैं!!परंतु आंखे कभी-कभी!!

पैसों से सामान खरीदा जा सकता है,आत्म-सम्मान नहीं..!!

अगर कोई आपकी इज्जत नहीं करतातो उसके दर पर नहीं जाना चाहिएइसे अभिमान नहींइसे स्वाभिमान कहते हैं…

हर चीज कमाना आसान हैं, लेकिन इज़्ज़त कमाना बहुत मुश्किल।

आत्म सम्मान ऐसा होना चाहिए की किसी की मदद करते वक़्त हमेश आगे रहे,और मदद लेते वक़्त हमेशा पीछे।

अगर तुम खुद को ही बेकार समझोगे तो दुनिया तुम्हे कभी काम का नहीं समझेगी।👆

अभिमान किसी को #ऊपर उठने नहीं देता है

“ आपके स्वभाव औरसंस्कार पर निर्भर होता है,कि आपको कितनासम्मान मिलना चाहिए..!!

चाहे कितना भी पैसा कमा लो अगर इज़्ज़त नहीं कमा पाए तो हमेशा गरीब ही कहलाओगे।

जमझता है हमें बच्चा,पर सुन हम इतने भी नादान नहीं हैदूसरो के खाभिभान को ठेस पहुंचाकरज्यादा देर तक नही रहती ।

खुशी आत्म-सम्मान का सर्वोच्च रूप है,एक व्यक्ति जो खुद को खुश रहने की अनुमति देता है,,वह अपना स्वाभिमान दिखाता है।– मार्टी रुबिन

जितनी इज़्ज़त आप दूसरो को दोगे, उससे कई ज्यादा इज़्ज़त लोग आपको भी देंगे।

लोगों की इतनी कदर भीनहीं करनी चाहिए किउनकी कदर करते करतेहम अपनी कदर खोते चले जाएं!..

अपनी औकात भूल जाऊ इतना अमीर भी नही हू मै, और कोई मेरी औकात बताए इतना फकीर भी नहीं हू मै।

जहाँ गलती ना हो वहां झुको मत, जहाँ इज़्ज़त ना मिले वहां रुको मत।

रिश्तो में हर चीज काअपना एक दायरा होता है…पैसा, रुतबा या इज्जतअगर कोई आपकी इज्जत नहीं करतातभी स्वाभिमान को चोट पहुंचती है…

जितना मर्जी दौलत कमा लेना, अगर इज़्ज़त नहीं कमाई तो सब बेकार है.

रिश्ते वही अच्छे हैं,जहाँ समझ होती है,,समझौते नहीं।

“ यदि तुम ख़ुद ख़ुद कीइज़्ज़त नहीं करोगेतो दूसरा तुम्हारी इज़्ज़त क्यों करेगा…!!

क़ीमती चीज़ों की क़ीमत लगाई जाती है,बाज़ार में यह आत्म-सम्मान है साहब यह अनमोल है।

जीवन में कभी दुःख ना आए यह असंभव है,पर दुःख में भी आदमी मुस्कुराए यह संभव है..!!

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