654+ Bhakti Thought In Hindi | God Quotes in Hindi

Bhakti Thought In Hindi , God Quotes in Hindi
Author: Quotes And Status Post Published at: November 4, 2023 Post Updated at: March 29, 2024

Bhakti Thought In Hindi : आपकी सारी परेशानियांउस दिन खत्म हो जाएंगीजिस दिन आपको यहविश्वास हो जाएगा कि हरकाम ईश्वर की मर्जी से होता है। श्रद्धा का मतलब हैंआत्मविश्वास औरआत्मविश्वास का मतलब हैंईश्वर में विश्वास।

भगवान की प्राप्ति पूजा हवन से नहीं बल्कि विनम्रता, दयाभाव और लोगों के प्रति करुणा से होती है।

भगवान को आपके सोने, चांदी, हीरा, मोती के जवाहरातों केचढ़ावे नहीं चाहिए… उन्हें बस प्रेम से दो पुष्पअर्पण कर दो वो उससे ही खुश हो जाते हैं।

ईश्वर कहते है,उदास मत हो मैं तेरे साथ हूँ,सामने तो नहीं आस – पास हूँ,पलकों को बंद करोऔर दिल से याद करोकोई और नहीं तेरा विश्वास ही तो हूँ।

प्रार्थना करते समयव्यक्ति का मंदिर मेंहोना जरूरी नहीं है,लेकिन प्रार्थना करतेसमय व्यक्ति के मनमें ईश्वर का होना बहुतजरूरी है।

वक़्त हमेशा किसी एक का नहीं रहता, यदि आज तुम किसी को रुलाओगे, यक़ीनन वक़्त एक दिन आपको रुलाएगा

हे ईश्वर…इस मतलबी दुनिया मेंहमें तो क्या कोई याद करेगा…जब यह मतलबी लोगतुझे भी मतलब के सिवा याद नहीं करते

अपने बुरे समय में भगवानऔर समय पर विश्वास रखें,समय कोयले को भी हीरा बना देता हैऔर भगवान रंक को भी राजा।

जीत लिया है जब से मैंने भरोसा तुझ पर मालिक तू मुझे मेरी हिम्मत हारने नहीं देता।

शरीर से प्रेम हैं तो आसन करें,साँस से प्रेम है तो प्राणायाम करें,आत्मा से प्रेम है तो ध्यान करें,और परमात्मा से प्रेम है तो समर्पण करें।

अच्छे लोगों की कृष्ण परीक्षा बहुत लेता है, परंतु साथ नही छोड़ताऔर बुरे लोगों को कृष्ण बहुत कुछ देता है, परंतु साथ नही देता।

देशभक्ति एक तरह का धर्म है,ये वो अंडा है जिससे युद्ध निकलता है।

शंका का कोई इलाज़ नहीं, चरित्र का कोई प्रमाण नहीं, मौन से अच्छा कोई साधन नहीं, और शब्द से तीखा कोई बाण नहीं

भगवान कभी भी36 प्रकार के व्यंजनों से खुश नहीं होतेवह तो प्रेम के भूखे हैंमुट्ठी भर तंदुल से भीवह खुश हो जाते हैं।

जब तेरे दर का नूर मेरे पास है तो,मुझे दुनिया के अंधेरों सेडरने की क्या जरूरत है।

ऐसा रूहानी इश्क़ करो उस खुदा के साथ, दुःख चाहे लाखों आएं लेकिन महसूस न हों।

समर्पण और विनम्रता का मिश्रण ही भक्ति है।

खूबसूरत रिश्ता है मेरे और मेरे भगवान के बीच,ज्यादा मैं मांगता नहीं और कम वह देता नहीं।

परमात्मा कभी किसी का भाग्य नहीं लिखते,जीवन के हर कदम पर हमारी सोच,हमारा व्यव्हार, और हमारे कर्म हीहमारा भाग्य लिखते हैं।

अच्छे लोगो की ईश्वर परीक्षा बहुत लेता है लेकिन साथ नही छोड़ता है और बुरे लोगों को ईश्वर बहुत कुछ देता है लेकिन साथ नही देता है।

“परमात्मा ने हर इंसान को एक जैसा बनाया है। अंतर सिर्फ हमारे मस्तिष्क के अंदर है।”

मेरे पास मेरे बस मेरे किए गुनाह हैं, बाकि सब कुछ तेरा है प्रभु।

बिना पछतावे के अपना अतीत स्वीकार करें आत्मविश्वास के साथ अपना वर्तमान संवारें और बिना कोई डर अपने भविष्य का सामना करें

देशभक्ति एक तात्कालिक प्रतिक्रिया है जो युद्ध शुरू होने पर ख़तम हो जाती है।

बड़े नादान हैं,वो लोग जो इस दौर मैं भी,वफा की उम्मीद करते है,यहाँ तो दुआ कबूल ना होने पर लोग,भगवान तक बदल दिया करते है।

लोग रंग बदलते हैं और ऊपर वाला वक़्त बदलता है।

“भगवान की एक परम प्रिय के रूप में पूजा की जानी चाहिए, इस या अगले जीवन की सभी चीजों से बढ़कर।”

मनुष्य का जीवन केवल उसके कर्मों पर चलता है जैसे कर्म होता है वैसा उसका जीवन होता है

“देशभक्त का कर्तव्य है कि वो अपने देश की रक्षा उसकी सरकार से करे।”

यह दुनिया आपकी उम्मीद तोड़ सकती है लेकिन इस दुनिया को बनाने वाला ईश्वर नही।

जिंदगी में कुछ कड़वी सच्चाईओ सेमन की आंखें खुल जाती हैंऔर जब मन की आंखें खुलती हैतभी परमात्मा के दर्शन हो पाते हैं।

जो देश के लिए शहीद हुएउनको मेरा सलाम हैअपने खूं से जिस जमीं को सींचाउन बहादुरों को सलाम है।

हमारी पहचान तो सिर्फ ये है कि हम भारतीय हैं – जय भारत, वन्दे मातरम

मेहनत सीढ़ियों की तरह होती है, और “भाग्य” लिफ्ट की तरह, “लिफ्ट” तो बन्द हो सकती है, लेकिन “सीढीया” हमेशा ऊँचाई की तरफ ले जाती हैं

सच्चे मन से ही की गई प्रार्थना ईश्वर तक जरूर पहुँचती है।

जो मिल गया उसका शुक्र करो और जो नहीं मिला उसका सब्र करो।

भक्ति करने से ऐसा नहीं है किजीवन में मुश्किलें नहीं आती है!!मुश्किलें आती है लेकिन…वह हमें बिना सताए चली भी जाती है।

नियत अच्छी हो तो भक्ति भी सच्ची होती है। भगवान हर ह्रदय में है, घरों में रखने की जरूरत नहीं होती है

“यदि ईश्वर नहीं है तो उसका अविष्कार कर लेना जरुरी है।”– वाल्टेय

जब दुनिया का हर रिश्तासाथ छोड़ देता है तो,एक भगवान का साथ ही,हमारे पास होता है।

आपको कब और क्या देना है,वह आप से बेहतर उसे पता है।

“सबसे बड़ी देशभक्ति अपने देश को यह बताना है कि कब सरकार आपके साथ नीचतापूर्ण, मूर्खतापूर्ण और दोषपूर्ण व्यवहार कर रही है।”

ज़रुरत महसूस नहीं होती मुझे घर बंगला गाड़ियों की, ऐ प्रभु जब से मुझे तेरा आसरा मिला है।

भोग की चाह रखने वाला सदा किसी न किसी ऋण से घिरा रहता है। साधना की चाह रखने वाला हर ऋण से उऋण रहता है।

कुछ रिश्ते दरवाजे खोल जाते हैं,या तो दिल के या तो आँखों के,कद्र तो लोग ईश्वर की भी ना करें,अगर हालातों से मजबूर ना हो।

जब हम अपनी देखभाल ईश्वर के हाथों में सौंप देते है तो ईश्वर अपना सुकून हमारे हृदय को प्रदान करते है।

जो ईश्वर को पा लेता हैमूक और शांत हो जाता है।रामकृष्ण परमहंस

भगवान न दिखाई देने वाले माता पिता है और माता पिता दिखाई देने वाले भगवान है।

बंधन सारे झूठे इस जग में बस तू सच है, सब कुछ भी नहीं है तू सब है।

सुबह जब आंखें खोलेंबोले.. राधे कृष्णा राधे कृष्णाइस जग में मुझे किसी का डर नहींमेरे साथ है.. हरे कृष्णा हरे कृष्णा

ना मंदिर में छुपा है, ना मस्जिद में छुपा है, जिसके दिल में इंसानियत है, उस दिल में खुदा है।

“सबसे बड़ी देशभक्ति अपने देश को ये बताना है कि कब वो नीचतापपूर्ण, मूर्खतापूर्ण और दोषपूर्ण व्यवहार कर रही है।”

हमें अपने कर्मों का फल किसी स्वर्ग या नर्क में नहीं बल्कि इसी जीवन में मिलता है।

हे ईश्वर…भले ही लंबी जिंदगी ना दे…चाहे जितनी जिंदगी दे,बस स्वस्थ जिंदगी दे…और तेरे स्मरण मे लगा दे।

भगवान के लिए हम जो कुछ भी करते है, वह भक्ति है। हमे सारी भौतिक इश्चाओ को खत्म करना है, हमारी बस एक ही इच्छा होनी चाहिए कि हम भगवान के दास कैसे बने।

इस संसार में आध्यात्मिक ज्ञान जैसा, हृदय और कर्म को पवित्र करने वाला और कुछ भी नहीं है इसे पाते ही मनुष्य सफलता और आनंद का असली रस ले पाता है ।

जब ईश्वर मनुष्य कीपरीक्षा लेते हैं तब वोमनुष्य का सामर्थ्य भीबढ़ा देते हैं ताकि वोअधिक बुद्धिमान औरअधिक ताकतवर बनें।

ईश्वर की दी हुई संपत्तियह प्रकृति है…प्रकृति से प्रेममतलब ईश्वर से प्रेम…

हे मनुष्य… दु:खी मत होमैं तेरे साथ ही हूं…आंखे बंद कर औरमुझ में ध्यान लगामैं तेरे आस पास ही हूं…

राधा राधा बोल ये कभी ना छोड़ो जाप राधा राधा रटते जाओ कट जाए सब पाप

“देशप्रेमी हमेशा अपने देश के लिए मरने की बात करते हैं पर कभी अपने देश के लिए मारने की बात नहीं करते।”

कैसे कह दू की मेरी हर पुकार बेकार हो गई मै जब भी रोया मेरे श्याम को खबर हो गई

मनुष्य अपने हृदय से जो दान कर सकता है वो अपने हाथों से नहीं कर सकता और मौन रहकर जो कुछ वो कह सकता है वो शब्दों से नहीं कह सकता

परमात्मा के पासहर कार्य की शक्ति असीमित है,लेकिन हमारी बुद्धि सीमितहोने की वजह सेउसे ग्रहण नहीं कर पाती!!…

ईश्वर को ढूंढना बेहद सरल है,जहां प्रेम है वही ईश्वर है।

हमेशा सोचिए कि मैं अपने देश के लिए क्या कर सकता हूँ।

मत कर गुरुर ए बंदे खुद परइतना क्योंकि तेरे और मेरे जैसेइस कायनात में लाखों लोगऐसे हैं जो बादशाहत के बाद भीमिट्टी में मिला दिए जाते हैं…

ईश्वर द्वारा ली गई हर परीक्षा सिर्फ इन्सान की प्रगति के लिए होती है और ईश्वर इस परीक्षा को खुद लेते है।

शिव की ज्योति से नूर मिलता है. भोले के भक्तों को सुकून मिलता है जो भी आता है शंकर के द्वार सभी को फल जरुर मिलता है

“ईश्वर को देखा नहीं जा सकता, इसीलिए तो वह हर जगह मौजूद है।”

ईश्वर के प्रति भक्ति भाव रखनाऔर अच्छे कार्य को करनाहमे मानसिक शांति देता हैं।

जो कुछ भी है तुम्हारे दिल में, सब ईश्वर को खबर है, तुम्हारे हर हाल पर भगवान की नजर है।

किस से सीखू मैं खुदा की बंदगी,सब लोग खुदा के बँटवारे किए बैठे है,जो लोग कहते है,परमात्मा कण कण में है,वहीं मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे लिए बैठे है।

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